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खुलासा : गर्भपात में प्रयोग होने वाली 700 गोलियां गायब
Mon, 19 Jun 2023 10:20 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Mon, 19 Jun 2023 10:20 PM IST
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हापुड़। भीमनगर स्थित अरबन पीएचसी को सप्लाई की गई गर्भपात कराने की 700 गोलियां गायब मिली हैं। जांच के अंतिम चरण में यह घपला पकड़ में आने पर सोमवार को जांच रिपोर्ट एडी कार्यालय नहीं भेजी गई। बल्कि सरकारी अस्पताल के पास चलते मिले अवैध गर्भपात केंद्र की जांच भी इस प्रकरण से जोड़कर रिपोर्ट तैयार करने के आदेश सीएमओ ने दिए हैं। पीएचसी प्रभारी पर आरोप लगभग तय हो चुका है।
जिले में गर्भपात कराने के लिए कुछ चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिलाया गया था। भीमनगर की यूपीएचसी को करीब 6 हजार मिसोप्रोस्टोल (गर्भपात कराने की गोली) उपलब्ध कराई गई थी। इन गोलियों के बंदर बांट का मामला सामने आने पर दवाओं की स्ट्रिप वापस मंगा ली गई। लेकिन एडी और जेडी को जांच के दौरान काफी अनियमितताएं मिली। अवैध तरीके से गर्भपात के मामले की जांच अंतिम चरण में पहुंची, इसमें 700 गोलियां गायब होने का प्रमाण मिला। जिससे अधिकारियों की नींद उड़ गई। क्योंकि यह दवा बेहद कीमती और रिकॉर्ड से जुड़ी होती है। ऐसे में अंदेशा है कि इन दवाओं से आस पास के फर्जी क्लीनिकों पर ही गर्भपात कराए गए हैं। सोमवार को जांच रिपोर्ट एडी स्वास्थ्य को भेजी जानी थी। लेकिन इस साक्ष्य के सामने आने पर सीएमओ ने फाइल तलब कर, विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। बता दें कि हाल ही में भीमनगर के सरकारी अस्पताल के पास एक फर्जी क्लीनिक सील हुआ है, इसमें प्रसव कक्ष भी था। यहां अवैध गर्भपात की संभावना को देखते हुए सीएमओ ने भीमनगर के यूपीएचसी की जांच में ही इस प्रकरण को भी शामिल करने के आदेश दिए। सोमवार को फर्जी क्लीनिक पर कार्य करने वाली महिला को बयान के लिए बुलाया, लेकिन वह नहीं पहुंची। ऐसे में जांच रिपोर्ट पूरी होने पर ही एडी स्वास्थ्य को भेजी जाएगी। वहीं जांच टीम ने बताया कि अस्पताल की तत्कालीन प्रभारी पर आरोप लगभग तय है, मई महीने के 16 दिनों में उनके यहां रहकर कार्य किए जाने का प्रमाण भी नहीं मिला है।
यह था पूरा मामला-
भीमनगर की अरबन पीएचसी के संसाधनों से प्राइवेट तौर पर गर्भपात का मामला सामने आया। जिस पर मासिक रिकॉर्ड की छानबीन शुरू हुई। मासिक रिकॉर्ड में 25 महिलाओं के गर्भपात संदिग्ध मिले। इन महिलाओं के नाम गर्भपात वाले रजिस्टर में थे, लेकिन ओपीडी रजिस्टर में नहीं थी। सीएमओ डॉ.सुनील त्यागी ने एसीएमओ डॉ. वेदप्रकाश और डॉ. प्रतिभा के नेतृत्व में टीम का गठन किया। जांच कमेटी ने छह आशाओं के बयान दर्ज कराए। जांच टीम ने दावा किया है कि अधिकांश बयान तत्कालीन पीएचसी प्रभारी के खिलाफ हैं। इसके साथ ही उक्त 25 महिलाओं के भी बयान लिए गए। जिसमें 23 ने स्पष्ट कहा कि उनका गर्भपात सरकारी अस्पताल में नहीं हुआ है। ऐसे में अस्पताल की पूर्व प्रभारी फंसती नजर आ रही हैं।
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गर्भपात की गोलियां गायब मिलना गंभीर
गर्भपात में सहायक 700 गोलियां गायब मिलना गंभीर मामला है। इन गोलियां से अवैध गर्भपात कराए जाने का पूरा अंदेशा है। जांच लगभग पूरी है, लेकिन इन तथ्यों को भी उजागर करने के लिए टीम को और समय दिया गया है। भीमनगर के फर्जी क्लीनिक को भी इस मामले से जोड़कर जांच शुरू कराई गई है।-- डॉ.सुनील त्यागी, सीएमओ।
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जतिन त्यागी १९एचपीआर०९
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जिले में गर्भपात कराने के लिए कुछ चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिलाया गया था। भीमनगर की यूपीएचसी को करीब 6 हजार मिसोप्रोस्टोल (गर्भपात कराने की गोली) उपलब्ध कराई गई थी। इन गोलियों के बंदर बांट का मामला सामने आने पर दवाओं की स्ट्रिप वापस मंगा ली गई। लेकिन एडी और जेडी को जांच के दौरान काफी अनियमितताएं मिली। अवैध तरीके से गर्भपात के मामले की जांच अंतिम चरण में पहुंची, इसमें 700 गोलियां गायब होने का प्रमाण मिला। जिससे अधिकारियों की नींद उड़ गई। क्योंकि यह दवा बेहद कीमती और रिकॉर्ड से जुड़ी होती है। ऐसे में अंदेशा है कि इन दवाओं से आस पास के फर्जी क्लीनिकों पर ही गर्भपात कराए गए हैं। सोमवार को जांच रिपोर्ट एडी स्वास्थ्य को भेजी जानी थी। लेकिन इस साक्ष्य के सामने आने पर सीएमओ ने फाइल तलब कर, विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। बता दें कि हाल ही में भीमनगर के सरकारी अस्पताल के पास एक फर्जी क्लीनिक सील हुआ है, इसमें प्रसव कक्ष भी था। यहां अवैध गर्भपात की संभावना को देखते हुए सीएमओ ने भीमनगर के यूपीएचसी की जांच में ही इस प्रकरण को भी शामिल करने के आदेश दिए। सोमवार को फर्जी क्लीनिक पर कार्य करने वाली महिला को बयान के लिए बुलाया, लेकिन वह नहीं पहुंची। ऐसे में जांच रिपोर्ट पूरी होने पर ही एडी स्वास्थ्य को भेजी जाएगी। वहीं जांच टीम ने बताया कि अस्पताल की तत्कालीन प्रभारी पर आरोप लगभग तय है, मई महीने के 16 दिनों में उनके यहां रहकर कार्य किए जाने का प्रमाण भी नहीं मिला है।
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यह था पूरा मामला-
भीमनगर की अरबन पीएचसी के संसाधनों से प्राइवेट तौर पर गर्भपात का मामला सामने आया। जिस पर मासिक रिकॉर्ड की छानबीन शुरू हुई। मासिक रिकॉर्ड में 25 महिलाओं के गर्भपात संदिग्ध मिले। इन महिलाओं के नाम गर्भपात वाले रजिस्टर में थे, लेकिन ओपीडी रजिस्टर में नहीं थी। सीएमओ डॉ.सुनील त्यागी ने एसीएमओ डॉ. वेदप्रकाश और डॉ. प्रतिभा के नेतृत्व में टीम का गठन किया। जांच कमेटी ने छह आशाओं के बयान दर्ज कराए। जांच टीम ने दावा किया है कि अधिकांश बयान तत्कालीन पीएचसी प्रभारी के खिलाफ हैं। इसके साथ ही उक्त 25 महिलाओं के भी बयान लिए गए। जिसमें 23 ने स्पष्ट कहा कि उनका गर्भपात सरकारी अस्पताल में नहीं हुआ है। ऐसे में अस्पताल की पूर्व प्रभारी फंसती नजर आ रही हैं।
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गर्भपात की गोलियां गायब मिलना गंभीर
गर्भपात में सहायक 700 गोलियां गायब मिलना गंभीर मामला है। इन गोलियां से अवैध गर्भपात कराए जाने का पूरा अंदेशा है। जांच लगभग पूरी है, लेकिन इन तथ्यों को भी उजागर करने के लिए टीम को और समय दिया गया है। भीमनगर के फर्जी क्लीनिक को भी इस मामले से जोड़कर जांच शुरू कराई गई है।
जतिन त्यागी १९एचपीआर०९