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फ्रीगंज रोड पर पैठ लगाने के आदेश का विरोध
Updated Sun, 18 Feb 2018 11:52 PM IST
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अब फ्रीगंज रोड पर भी पैठ लगाने का विरोध
हापुड़। नगर पालिका परिषद की ओर से शनिवार को फ्रीगंज रोड पर साप्ताहिक पैठ लगाने के फरमान के बाद पैठ व्यापारी दो फाड़ नजर आये। रविवार को रामलीला मैदान में भी व्यापारियों की अच्छी खासी भीड़ रही जबकि फ्रीगंज रोड पर ज्ञानलोक के सामने भी कुछ दुकानदारों ने ठिये लगाए। उधर, फ्रीगंज रोड स्थित विवादित भूमि पर पैठ लगवाये जाने के निर्णय को अधिवक्ता अनिल आजाद ने चुनौती दी है।
नए बोर्ड के गठन के बाद नगर पालिका परिषद की ओर से गोल मार्केट में लगने वाली पैठ को जाम का हवाला देते हुए इसे रामलीला मैदान में शिफ्ट करने के आदेश दिये गए थे। हालांकि कुछ व्यापारियों ने इसका विरोध किया। इसके बावजूद पैठ रामलीला मैदान में ही लग रही थी। शनिवार को नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी जितेंद्र कुमार आनंद की ओर से एक बार फिर रविवार को पैठ फ्रीगंज रोड स्थित ज्ञानलोक पार्क के सामने खाली पड़ी भूमि पर लगाने के निर्देश दिये। हालांकि यह भूमि विवादित बताई गई है। उक्त निर्देशों के बाद सुबह अधिकतर दुकानदार रामलीला मैदान पहुंचे और वहीं ठिये लगाये। जबकि कुछ दुकानदार फ्रीगंज रोड पर पहुंच गए। इस प्रकार दो स्थानों पर पैठ लगाने से खरीदार असमंजस की स्थिति में रहे।
इस मामले में अधिवक्ता अनिल आजाद का कहना है कि नगर पालिका परिषद की ओर से जिस भूमि पर पैठ लगाने के आदेश दिये गए हैं, वह सेना के पड़ाव की भूमि है। इसकी उन्होंने अधिकारियों से शिकायत की थी और एक वाद भी दायर किया था। परिणामस्वरूप एसडीएम हापुड़ ने उक्त भूमि कुर्क कर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक की सुपुर्दगी में दे दी।
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अनिल आजाद का कहना है कि रविवार सुबह कोतवाल से जब यह जानने का प्रयास किया कि जो जमीन उनकी सुपुर्दगी में दी गयी थी, वहां पैठ कैसे लगने लगी। इस पर उनका जवाब था कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। ईओ ने भी उक्त जमीन पर किसी विवाद की जानकारी होने से इंकार कर दिया जबकि अधिवक्ता ने आदेश की प्रति भी साथ में लगाई है।
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हापुड़। नगर पालिका परिषद की ओर से शनिवार को फ्रीगंज रोड पर साप्ताहिक पैठ लगाने के फरमान के बाद पैठ व्यापारी दो फाड़ नजर आये। रविवार को रामलीला मैदान में भी व्यापारियों की अच्छी खासी भीड़ रही जबकि फ्रीगंज रोड पर ज्ञानलोक के सामने भी कुछ दुकानदारों ने ठिये लगाए। उधर, फ्रीगंज रोड स्थित विवादित भूमि पर पैठ लगवाये जाने के निर्णय को अधिवक्ता अनिल आजाद ने चुनौती दी है।
नए बोर्ड के गठन के बाद नगर पालिका परिषद की ओर से गोल मार्केट में लगने वाली पैठ को जाम का हवाला देते हुए इसे रामलीला मैदान में शिफ्ट करने के आदेश दिये गए थे। हालांकि कुछ व्यापारियों ने इसका विरोध किया। इसके बावजूद पैठ रामलीला मैदान में ही लग रही थी। शनिवार को नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी जितेंद्र कुमार आनंद की ओर से एक बार फिर रविवार को पैठ फ्रीगंज रोड स्थित ज्ञानलोक पार्क के सामने खाली पड़ी भूमि पर लगाने के निर्देश दिये। हालांकि यह भूमि विवादित बताई गई है। उक्त निर्देशों के बाद सुबह अधिकतर दुकानदार रामलीला मैदान पहुंचे और वहीं ठिये लगाये। जबकि कुछ दुकानदार फ्रीगंज रोड पर पहुंच गए। इस प्रकार दो स्थानों पर पैठ लगाने से खरीदार असमंजस की स्थिति में रहे।
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इस मामले में अधिवक्ता अनिल आजाद का कहना है कि नगर पालिका परिषद की ओर से जिस भूमि पर पैठ लगाने के आदेश दिये गए हैं, वह सेना के पड़ाव की भूमि है। इसकी उन्होंने अधिकारियों से शिकायत की थी और एक वाद भी दायर किया था। परिणामस्वरूप एसडीएम हापुड़ ने उक्त भूमि कुर्क कर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक की सुपुर्दगी में दे दी।
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अनिल आजाद का कहना है कि रविवार सुबह कोतवाल से जब यह जानने का प्रयास किया कि जो जमीन उनकी सुपुर्दगी में दी गयी थी, वहां पैठ कैसे लगने लगी। इस पर उनका जवाब था कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। ईओ ने भी उक्त जमीन पर किसी विवाद की जानकारी होने से इंकार कर दिया जबकि अधिवक्ता ने आदेश की प्रति भी साथ में लगाई है।