फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hapur News ›   मासूमों को पढ़ाई-लिखाई छोड़कर सफाई करनी पड़ रही

मासूमों को पढ़ाई-लिखाई छोड़कर सफाई करनी पड़ रही

Tue, 16 Jan 2018 12:53 AM IST
Updated Tue, 16 Jan 2018 12:53 AM IST
विज्ञापन
मासूमों को पढ़ाई-लिखाई छोड़कर सफाई करनी पड़ रही
माध्यमिक कन्या स्कूल में झाडू लगाते हैं बच्चे
विज्ञापन

- बच्चों ने बताया कि उन्हें स्कूल में रोजाना झाडू-पाेंछा लगाना पड़ता है
- स्कूल में शिक्षक पढ़ाने की जगह आपस में गपशप और हंसी मजाक में रहते हैं मशगूल
फोटो 6
अमर उजाला ब्यूरो
गढ़मुक्तेश्वर। सिंभावनी क्षेत्र के गांव बक्सर स्थित पूर्व माध्यमिक कन्या स्कूल में बच्चे कहने को तो पढ़ने जाते हैं, लेकिन स्कूल में उन्हें झाडू-पोंछा लगाना पड़ता है। बच्चों का आरोप है कि शिक्षक पढ़ाने की जगह आपस में गपशप और हंसी-मजाक में मशगूल रहते हैं। बच्चों ने बताया कि उनके परिजनों ने कई बार इसकी शिकायत की है। लेकिन मैडम की मनमानी के चलते समस्या जस की तस बनी हुई है।

हालांकि हैड मास्टर सरला शर्मा का कहना है कि बच्चियों से झाड़ू-पोछा लगवाने की बात सरासर गलत है। निजी स्कूलों की तर्ज पर शिक्षा को प्रभावी बनाने का दम भरती आ रही प्रदेश सरकार भी अपनी शिक्षा का ढर्रा सुधारने में कामयाब नहीं हो पा रही है। कहीं स्टाफ की कमी है तो अधिकांश स्कूलों में पीने के पानी से लेकर बैठने को फर्नीचर न होने के साथ ही मूलभूत सुविधाएं भी मुहैया नहीं हैं। इसके अलावा भी पढ़ लिखकर अपने परिवारों का नाम रोशन करने की तमन्ना लेकर आने वालीं मासूम बच्चियों को पढ़ाई लिखाई से पहले स्कूलों में सफाई करने को मजबूर किया जाता है। इस बारे में बीईओ मोहम्मद राशिद का कहना है कि अगर बच्चियों से साफ सफाई के साथ ही स्कूल में झाड़ू लगवाई जा रही है, तो यह बेहद गंभीर मामला है। जिसकी अविलंब जांच कराकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed