{"_id":"59830cbf4f1c1b807b8b4700","slug":"61501760703-hapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तबादले पर धौलाना गए नायब तहसीलदार पर रिश्वत लेने का आरोप लगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तबादले पर धौलाना गए नायब तहसीलदार पर रिश्वत लेने का आरोप लगा
Updated Thu, 03 Aug 2017 05:18 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तबादले पर धौलाना गए नायब तहसीलदार पर लगाया रिश्वत लेने का आरोप
गढ़ से धौलाना तहसील में तबादले पर गए नायब तहसीलदार पर एक महिला ने लाखों रुपये रिश्वत लेने का आरोप लगाया है। कृषि भूमि अवैध कब्जे से मुक्त न होने पर पीड़ित महिला ने डीएम को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।
गढ़ के मुहल्ला उपाध्याय नगर निवासी होमगार्ड राजकुमार की पत्नी कुसुम ने डीएम को पत्र भेजा है। पत्र में उल्लेख किया है कि उसने गंगा खादर के गांव मुहम्मदपुर शाकरपुर में स्थित 20 बीघा कृषि भूमि 31 जुलाई 2014 को रजिस्टर्ड बैनामें द्वारा खरीदी थी। लेकिन भूमि पर सिंभावली के कुछ दबंग लोगों ने कब्जा कर लिया और शिकायत करने पर उससे अभद्रता करते हुए खेत में पैर रखने पर जान से मारने की धमकी भी दे डाली। महिला का कहना है कि अपनी कृषि भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराने के लिए उसने नायब तहसीलदार से गुहार लगाई थी। इस नायब तहसीलदार ने कृषि भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए उससे ढाई लाख की रकम ऐठ ली। लेकिन उसके बाद भी न तो उसकी उसकी कृषि भूमि खाली हो सकी और न ही पैसे वापस मिले। इसके बाद नायब तहसीलदार तबादले पर धौलाना तहसील में तैनात हो गए। पीड़िता ने भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराकर अपनी रकम वापस दिलाने और नायब तहसीलदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गुहार लगाई है।
एसडीएम मीनू राणा का कहना है कि नायब तहसीलदार पर लग रहे आरोप की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। लेकिन मुहम्मदपुर शाकरपुर गांव बंदोबस्त विभाग से जुड़ा है, इसलिए तहसील प्रशासन के स्तर से कोई भी कार्रवाई कराया जाना मुमकिन नहीं है।
विज्ञापन
नायब तहसीलदार एके शर्मा का कहना है कि महिला और उसका होमगार्ड पति उन्हें ब्लैकमेल करने की कोशिश करते आ रहे हैं। क्योंकि इससे पहले भी एडीएम की जांच में आरोप पूरी तरह बेबुनियाद साबित हो चुका है। इसलिए उन्होंने महिला समेत उसके पति को कानूनी नोटिस भेजा हुआ है। इसका जवाब मिलने पर उनके खिलाफ अदालत में मानहानि का केस दायर किया जाएगा।
विज्ञापन
गढ़ से धौलाना तहसील में तबादले पर गए नायब तहसीलदार पर एक महिला ने लाखों रुपये रिश्वत लेने का आरोप लगाया है। कृषि भूमि अवैध कब्जे से मुक्त न होने पर पीड़ित महिला ने डीएम को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।
गढ़ के मुहल्ला उपाध्याय नगर निवासी होमगार्ड राजकुमार की पत्नी कुसुम ने डीएम को पत्र भेजा है। पत्र में उल्लेख किया है कि उसने गंगा खादर के गांव मुहम्मदपुर शाकरपुर में स्थित 20 बीघा कृषि भूमि 31 जुलाई 2014 को रजिस्टर्ड बैनामें द्वारा खरीदी थी। लेकिन भूमि पर सिंभावली के कुछ दबंग लोगों ने कब्जा कर लिया और शिकायत करने पर उससे अभद्रता करते हुए खेत में पैर रखने पर जान से मारने की धमकी भी दे डाली। महिला का कहना है कि अपनी कृषि भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराने के लिए उसने नायब तहसीलदार से गुहार लगाई थी। इस नायब तहसीलदार ने कृषि भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए उससे ढाई लाख की रकम ऐठ ली। लेकिन उसके बाद भी न तो उसकी उसकी कृषि भूमि खाली हो सकी और न ही पैसे वापस मिले। इसके बाद नायब तहसीलदार तबादले पर धौलाना तहसील में तैनात हो गए। पीड़िता ने भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराकर अपनी रकम वापस दिलाने और नायब तहसीलदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गुहार लगाई है।
विज्ञापन
एसडीएम मीनू राणा का कहना है कि नायब तहसीलदार पर लग रहे आरोप की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। लेकिन मुहम्मदपुर शाकरपुर गांव बंदोबस्त विभाग से जुड़ा है, इसलिए तहसील प्रशासन के स्तर से कोई भी कार्रवाई कराया जाना मुमकिन नहीं है।
विज्ञापन
नायब तहसीलदार एके शर्मा का कहना है कि महिला और उसका होमगार्ड पति उन्हें ब्लैकमेल करने की कोशिश करते आ रहे हैं। क्योंकि इससे पहले भी एडीएम की जांच में आरोप पूरी तरह बेबुनियाद साबित हो चुका है। इसलिए उन्होंने महिला समेत उसके पति को कानूनी नोटिस भेजा हुआ है। इसका जवाब मिलने पर उनके खिलाफ अदालत में मानहानि का केस दायर किया जाएगा।