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सलौनी की ग्राम प्रधान का मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान
Updated Fri, 30 Mar 2018 11:56 PM IST
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सलौनी की ग्राम प्रधान का
मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान
हापुड़। सिंभावली ब्लाक के गांव सलौनी की ग्राम प्रधान अंजू रानी को लखनऊ में गुरुवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
सलौनी निवासी अध्यापक अवधेश कुमार की पत्नी अंजू रानी एक मात्र ग्राम प्रधान है जो रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार के लिए जिला प्रशासन ने चयनित की थीं। मुख्यमंत्री के हाथों पुरस्कार प्राप्त करने के बाद लौटी अंजू रानी ने बताया कि सलौनी में करीब 500 परिवार रहते हैं। इन सभी परिवारों में शौचालय हैं। इनमें से करीब 192 शौचालय सरकार की ओर से बनवाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि गांव में सरकारी सफाई कर्मचारी नहीं है। इसके बावजूद प्राइवेट सफाई कर्मचारी रखकर गांव को साफ-सुथरा रखने का काम किया जाता है। गांव में तीन सरकारी स्कूल तथा दो आंगनबाड़ी केंद्र हैं। एक साधारण गृहणी होने के बावजूद अंजू का सहज कहना था कि वह घर के कामकाज को निपटाने के साथ ही गांव के विकास कार्यों पर भी नजर रखती हैं। वह रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार से सम्मानित होने पर कहती हैं कि इससे उनके गांव का नाम ऊंचा हुआ है। यह उनके लिए गौरव की बात है।
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मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान
हापुड़। सिंभावली ब्लाक के गांव सलौनी की ग्राम प्रधान अंजू रानी को लखनऊ में गुरुवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
सलौनी निवासी अध्यापक अवधेश कुमार की पत्नी अंजू रानी एक मात्र ग्राम प्रधान है जो रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार के लिए जिला प्रशासन ने चयनित की थीं। मुख्यमंत्री के हाथों पुरस्कार प्राप्त करने के बाद लौटी अंजू रानी ने बताया कि सलौनी में करीब 500 परिवार रहते हैं। इन सभी परिवारों में शौचालय हैं। इनमें से करीब 192 शौचालय सरकार की ओर से बनवाए गए हैं।
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उन्होंने बताया कि गांव में सरकारी सफाई कर्मचारी नहीं है। इसके बावजूद प्राइवेट सफाई कर्मचारी रखकर गांव को साफ-सुथरा रखने का काम किया जाता है। गांव में तीन सरकारी स्कूल तथा दो आंगनबाड़ी केंद्र हैं। एक साधारण गृहणी होने के बावजूद अंजू का सहज कहना था कि वह घर के कामकाज को निपटाने के साथ ही गांव के विकास कार्यों पर भी नजर रखती हैं। वह रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार से सम्मानित होने पर कहती हैं कि इससे उनके गांव का नाम ऊंचा हुआ है। यह उनके लिए गौरव की बात है।
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