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मिड डे मिल में हो रहा लाखों का घोटाला!
Updated Sun, 14 Jan 2018 11:41 PM IST
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मिड डे मिल में हो रहा लाखों का घोटाला
-छात्रों को बांटा जा रहा घटिया मसाले, नमक से निर्मित भोजन, मंडल को-ऑर्डिनेटर की सर्वे रिपोर्ट में खुलासा
-जिलेभर के 52 राजकीय, सहायता प्राप्त विद्यालयों में घोर अनियमितता
-डीआईओएस ने डीएम से जांच कमेटी गठित करने को किया पत्राचार
जतिन त्यागी
हापुड़। परिषदीय विद्यालयों के साथ ही माध्यमिक शिक्षा विभाग के राजकीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों में मिड डे मील में जमकर घोटाला किया जा रहा है। छात्रों को घटिया मसाले, नमक से निर्मित भोजन देकर उनकी सेहत से खिलवाड़ हो रहा है। मंडल को-ऑर्डिनेटर टीम की जांच में यह खुलासा होने पर अब डीआईओएस ने कार्रवाई के लिए डीएम से जांच कमेटी के गठन के लिए पत्राचार किया है।
सरकारी विद्यालयों के छात्रों का नामांकन बढ़ाने और छात्रों को अच्छी गुणवत्ता का भोजन उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने मिड डे मील योजना शुरू की हुई। शासन के सख्त निर्देश है कि एमडीएम बनाते समय अच्छी गुणवत्ता के मसाले और नमक का प्रयोग किया जाए, लेकिन विद्यालयों में एमडीएम को कुछ शिक्षकों ने कमाई का धंधा बना लिया है।
जिन परिषदीय विद्यालयों में 20 फीसदी छात्र भी नहीं पहुंच पाते, उसमें भी एमडीएम वितरण की रिपोर्ट में शत प्रतिशत छात्र संख्या दर्शा दी जाती है। यही खेल अब माध्यमिक शिक्षा विभाग के राजकीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों में देखने को मिल रहा है।
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शासन के निर्देश पर बीते दिनों मंडल को-ऑर्डिनेटर ने टीम के साथ विद्यालयों का निरीक्षण किया। इसमें एमडीएम में घटिया नमक, मसालों का प्रयोग होता मिला, साथ ही छात्रों को निर्धारित मात्रा से काफी कम भोजन दिए जाने की पुष्टि की गई।
जिला विद्यालय निरीक्षक गजेंद्र सिंह का कहना है कि विद्यालयों में एमडीएम में काफी भ्रष्टाचार देखने को मिल रहा है। इस संबंध में डीएम से जांच कमेटी के गठन को लेकर पत्राचार किया गया है। जल्द ही अभियान चलाकर इसकी जांच की जाएगी। अनियमितता मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
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-छात्रों को बांटा जा रहा घटिया मसाले, नमक से निर्मित भोजन, मंडल को-ऑर्डिनेटर की सर्वे रिपोर्ट में खुलासा
-जिलेभर के 52 राजकीय, सहायता प्राप्त विद्यालयों में घोर अनियमितता
-डीआईओएस ने डीएम से जांच कमेटी गठित करने को किया पत्राचार
जतिन त्यागी
हापुड़। परिषदीय विद्यालयों के साथ ही माध्यमिक शिक्षा विभाग के राजकीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों में मिड डे मील में जमकर घोटाला किया जा रहा है। छात्रों को घटिया मसाले, नमक से निर्मित भोजन देकर उनकी सेहत से खिलवाड़ हो रहा है। मंडल को-ऑर्डिनेटर टीम की जांच में यह खुलासा होने पर अब डीआईओएस ने कार्रवाई के लिए डीएम से जांच कमेटी के गठन के लिए पत्राचार किया है।
सरकारी विद्यालयों के छात्रों का नामांकन बढ़ाने और छात्रों को अच्छी गुणवत्ता का भोजन उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने मिड डे मील योजना शुरू की हुई। शासन के सख्त निर्देश है कि एमडीएम बनाते समय अच्छी गुणवत्ता के मसाले और नमक का प्रयोग किया जाए, लेकिन विद्यालयों में एमडीएम को कुछ शिक्षकों ने कमाई का धंधा बना लिया है।
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जिन परिषदीय विद्यालयों में 20 फीसदी छात्र भी नहीं पहुंच पाते, उसमें भी एमडीएम वितरण की रिपोर्ट में शत प्रतिशत छात्र संख्या दर्शा दी जाती है। यही खेल अब माध्यमिक शिक्षा विभाग के राजकीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों में देखने को मिल रहा है।
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शासन के निर्देश पर बीते दिनों मंडल को-ऑर्डिनेटर ने टीम के साथ विद्यालयों का निरीक्षण किया। इसमें एमडीएम में घटिया नमक, मसालों का प्रयोग होता मिला, साथ ही छात्रों को निर्धारित मात्रा से काफी कम भोजन दिए जाने की पुष्टि की गई।
जिला विद्यालय निरीक्षक गजेंद्र सिंह का कहना है कि विद्यालयों में एमडीएम में काफी भ्रष्टाचार देखने को मिल रहा है। इस संबंध में डीएम से जांच कमेटी के गठन को लेकर पत्राचार किया गया है। जल्द ही अभियान चलाकर इसकी जांच की जाएगी। अनियमितता मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।