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Hapur News: तहसीलों में दाखिल खारिज के 2500 लंबित मामलों पर डीएम ने लगाई फटकार, दो तहसीलदारों का रोका वेतन
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संवाद न्यूज एजेंसी
हापुड़। जिले की तीनों तहसीलों में दाखिल खारिज के 2500 से ज्यादा वाद लांबित पड़े हैं। किसान दिवस में उठे इस मुद्दे पर डीएम ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगायी। दो गांवों के लांबित मामलों में हापुड़ और धौलाना के तहसीलदारों का वेतन रोकने के आदेश दिए। साथ ही रजवाहे में पानी नहीं आने से सूखती फसल, घटिया कीटनाशक समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दे भी उठाए गए।
किसान दिवस में धौलाना के सिरोधन और हापुड़ तहसील के सिकंदरपुर काकोड़ी का मामला उठा। इसमें धारा 34 को लेकर किसानों की शिकायत पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जतायी। साथ ही दोनों ही गांवों में किसानों की समस्या का निस्तारण होने तक तहसीलदार हापुड़ और धौलाना का वेतन रोकने के आदेश दिए।
इसी के साथ किसानों ने डीएम के समक्ष शिकायत में कहा कि दाखिल खारिज के मामलों को जानकर अटकाया जाता है। लेखपाल अपनी रिपोर्ट लगा देते हैं, लेकिन कानूनगो स्तर से मामला लांबित छोड़ दिया जाता है। इस पर डीएम ने आश्वासन दिया।
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किसानों ने कहा कि शासन से पशुओं के बीमे पशुओं की कीमत के अनुसार कम रेट पर होते हैं, उसे क्षेत्र वार कराया जाए। गढ़ डिवीजन के अंतर्गत सभी बिजली घरों पर तैनात कर्मचारी पोल पर चढ़कर कार्य करने में असमर्थ हैं, जिस कारण किसानों की समस्या का समाधान समय से नहीं होता है पोल पर चढ़कर कार्य करने में सक्षम लाईनमैनों की तैनाती की जाए।
इफको कृभको की दवाई का नमूना लिया जाए, क्योंकि राजस्थान में 12 लाख मेट्रिक टन इसी कंपनी की नकली दवाई पकड़ी गई है, अगर किसी दुकान पर इस तरह की दवाई है तो उसे पर कार्रवाई हो। रात्रि में बिजली घरों पर कोई स्टाफ तैनात नहीं रहता है जिसके कारण छोटी-मोटी समस्याओं का भी समाधान नहीं हो पता रात्रि में स्टाफ की तैनाती की जाए।
दत्तियाना बिजली घर ओवरलोड होने के कारण उसका एक गांव मुक्तेश्वरा, धनपुरा बिजली घर से जोडऩे के लिए लाइन निर्माण का कार्य अधूरा पड़ा है जिसे शीघ्र पूरा कराया जाए। सिंभावली मील व बृजनाथपुर मिल के गन्नों के सेंटर काटकर दूसरे मिलों को दिए जाएं। साथ ही खाद संकट का मुद्दा उठाया।
अल्लीपुर स्थित कॉपरेटिव बैंक में किसानों की 80 फाइलें कई महीने से लटकी होने की शिकायत भी डीएम से की गई। डीएम ने 26 जून को होने वाली बैंकर्स की बैठक में बैंक अधिकारियों को पूरा डाटा लेकर आने के निर्देश दिए। साथ ही मंडी से 6आर फार्म न देकर किसानों को कच्ची पर्चियां दिए जाने का मुद्दा भी किसानों ने उठाया। जिस पर डीएम ने रेंडम जांच के आदेश दिए। रजवाहों में पानी नहीं आने की शिकायत पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों का जवाब तलब किया। बाबूगढ़ के किसानों ने कहा कि प्राधिकरण ने हरिपुर परियोजना के लिए जो सहमति पत्र लिए हैं वह धोखे से लिए हैं। 82 किसानों ने डीएम कार्यालय में भी पत्र दिया है। इस प्रकरण में भी डीएम ने जांच के आदेश दिए हैं। उपैड़ा निवासी किसान महेंद्र सिंह ने एनएचएआई के अधिकारियों पर जबरन हस्ताक्षर कराकर भूमि अधिग्रहण करने का आरोप लगाया। इकलैड़ी के किसान कर्ण सिंह ने भी समस्या उठायी।
इस मौके पर राधेलाल त्यागी, मोनू त्यागी, महेंद्र त्यागी, सुबोध त्यागी, राजवीर भाटी, सर्वेश त्यागी, दिनेश त्यागी अमरीश त्यागी, कटार सिंह, अनिल हूण, अमरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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हापुड़। जिले की तीनों तहसीलों में दाखिल खारिज के 2500 से ज्यादा वाद लांबित पड़े हैं। किसान दिवस में उठे इस मुद्दे पर डीएम ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगायी। दो गांवों के लांबित मामलों में हापुड़ और धौलाना के तहसीलदारों का वेतन रोकने के आदेश दिए। साथ ही रजवाहे में पानी नहीं आने से सूखती फसल, घटिया कीटनाशक समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दे भी उठाए गए।
किसान दिवस में धौलाना के सिरोधन और हापुड़ तहसील के सिकंदरपुर काकोड़ी का मामला उठा। इसमें धारा 34 को लेकर किसानों की शिकायत पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जतायी। साथ ही दोनों ही गांवों में किसानों की समस्या का निस्तारण होने तक तहसीलदार हापुड़ और धौलाना का वेतन रोकने के आदेश दिए।
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इसी के साथ किसानों ने डीएम के समक्ष शिकायत में कहा कि दाखिल खारिज के मामलों को जानकर अटकाया जाता है। लेखपाल अपनी रिपोर्ट लगा देते हैं, लेकिन कानूनगो स्तर से मामला लांबित छोड़ दिया जाता है। इस पर डीएम ने आश्वासन दिया।
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किसानों ने कहा कि शासन से पशुओं के बीमे पशुओं की कीमत के अनुसार कम रेट पर होते हैं, उसे क्षेत्र वार कराया जाए। गढ़ डिवीजन के अंतर्गत सभी बिजली घरों पर तैनात कर्मचारी पोल पर चढ़कर कार्य करने में असमर्थ हैं, जिस कारण किसानों की समस्या का समाधान समय से नहीं होता है पोल पर चढ़कर कार्य करने में सक्षम लाईनमैनों की तैनाती की जाए।
इफको कृभको की दवाई का नमूना लिया जाए, क्योंकि राजस्थान में 12 लाख मेट्रिक टन इसी कंपनी की नकली दवाई पकड़ी गई है, अगर किसी दुकान पर इस तरह की दवाई है तो उसे पर कार्रवाई हो। रात्रि में बिजली घरों पर कोई स्टाफ तैनात नहीं रहता है जिसके कारण छोटी-मोटी समस्याओं का भी समाधान नहीं हो पता रात्रि में स्टाफ की तैनाती की जाए।
दत्तियाना बिजली घर ओवरलोड होने के कारण उसका एक गांव मुक्तेश्वरा, धनपुरा बिजली घर से जोडऩे के लिए लाइन निर्माण का कार्य अधूरा पड़ा है जिसे शीघ्र पूरा कराया जाए। सिंभावली मील व बृजनाथपुर मिल के गन्नों के सेंटर काटकर दूसरे मिलों को दिए जाएं। साथ ही खाद संकट का मुद्दा उठाया।
अल्लीपुर स्थित कॉपरेटिव बैंक में किसानों की 80 फाइलें कई महीने से लटकी होने की शिकायत भी डीएम से की गई। डीएम ने 26 जून को होने वाली बैंकर्स की बैठक में बैंक अधिकारियों को पूरा डाटा लेकर आने के निर्देश दिए। साथ ही मंडी से 6आर फार्म न देकर किसानों को कच्ची पर्चियां दिए जाने का मुद्दा भी किसानों ने उठाया। जिस पर डीएम ने रेंडम जांच के आदेश दिए। रजवाहों में पानी नहीं आने की शिकायत पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों का जवाब तलब किया। बाबूगढ़ के किसानों ने कहा कि प्राधिकरण ने हरिपुर परियोजना के लिए जो सहमति पत्र लिए हैं वह धोखे से लिए हैं। 82 किसानों ने डीएम कार्यालय में भी पत्र दिया है। इस प्रकरण में भी डीएम ने जांच के आदेश दिए हैं। उपैड़ा निवासी किसान महेंद्र सिंह ने एनएचएआई के अधिकारियों पर जबरन हस्ताक्षर कराकर भूमि अधिग्रहण करने का आरोप लगाया। इकलैड़ी के किसान कर्ण सिंह ने भी समस्या उठायी।
इस मौके पर राधेलाल त्यागी, मोनू त्यागी, महेंद्र त्यागी, सुबोध त्यागी, राजवीर भाटी, सर्वेश त्यागी, दिनेश त्यागी अमरीश त्यागी, कटार सिंह, अनिल हूण, अमरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।