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मंडी चालू होने पर टैक्स चोरी से सरकारी राजस्व को लग रही चपत का भंडाफोड़
Updated Sun, 17 Dec 2017 11:59 PM IST
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मंडी चालू होने पर टैक्स चोरी का भंडाफोड़
प्रतिदिन मिलने वाले टैक्स में तीन गुना से भी अधिक हुई बढ़ोतरी, कोई रिकार्ड नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
गढ़मुक्तेश्वर। मंडी चालू होने के बाद टैक्स चोरी से सरकारी राजस्व को लग रही चपत का भंडाफोड़ हुआ है। प्रतिदिन मिलने वाले टैक्स में तीन गुना से भी अधिक की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन रिकार्ड न होने के कारण उसका कोई हिसाब-किताब नहीं है।
टैक्स चोरी से सरकारी राजस्व को हर महीने लग रहे लाखों रुपये चपत का भंडाफोड़ हो गया है। क्योंकि मंडी में खरीद-फरोख्त का कोई रिकार्ड न होने से कम ही माल पर टैक्स दे रहे हैं। इसका पता चलने पर मंडी महकमा हरकत में आकर सब्जी आढ़तियों पर शिकंजा कसने की तैयारी में जुट गया है। मंडी निरीक्षक प्रभात कुमार का कहना है कि 12 दिसंबर को हाईवे किनारे कृषि उप मंडी चालू होने से गढ़ में सरकारी राजस्व को लगाई जा रही चपत का भंडाफोड़ हो गया है, क्योंकि मंडी चालू होने से पहले प्रतिदिन औसतन 6 हजार का टैक्स ही मिल पाता था जो अब बढ़कर 20 हजार रुपये प्रतिदिन से अधिक हो गया है। उन्होंने कहा कि मंडी में बिकने वाली सब्जी और कृषि उत्पादों को लेकर और भी निगरानी बढ़ाई जाएगी, जिससे आगामी दिनों के दौरान टैक्स में और भी बढ़ोतरी होनी तय है।
आढ़त वसूलने वालों का लाइसेंस होगा निरस्त
किसान से आढ़त वसूली करने वाले आढ़तियों का लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई होगी।
मंडी निरीक्षक प्रभात कुमार का कहना है कि शासन और विभागीय स्तर से साफ तौर पर निर्देश दिया गया है कि किसानों से कोई भी आढ़त नहीं वसूली जाएगी। इसके बावजूद अधिकांश आढ़ती खरीदारों के साथ ही कृषि उत्पाद बेचने वाले किसानों से भी आढ़त वसूलकर शासन की मंशा से खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने तल्ख लहजे में कहा कि अगर किसी भी आढ़ती ने किसानों से आढ़त वसूली तो उसका लाइसेंस निरस्त कर कार्रवाई भी की जाएगी।
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प्रतिदिन मिलने वाले टैक्स में तीन गुना से भी अधिक हुई बढ़ोतरी, कोई रिकार्ड नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
गढ़मुक्तेश्वर। मंडी चालू होने के बाद टैक्स चोरी से सरकारी राजस्व को लग रही चपत का भंडाफोड़ हुआ है। प्रतिदिन मिलने वाले टैक्स में तीन गुना से भी अधिक की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन रिकार्ड न होने के कारण उसका कोई हिसाब-किताब नहीं है।
टैक्स चोरी से सरकारी राजस्व को हर महीने लग रहे लाखों रुपये चपत का भंडाफोड़ हो गया है। क्योंकि मंडी में खरीद-फरोख्त का कोई रिकार्ड न होने से कम ही माल पर टैक्स दे रहे हैं। इसका पता चलने पर मंडी महकमा हरकत में आकर सब्जी आढ़तियों पर शिकंजा कसने की तैयारी में जुट गया है। मंडी निरीक्षक प्रभात कुमार का कहना है कि 12 दिसंबर को हाईवे किनारे कृषि उप मंडी चालू होने से गढ़ में सरकारी राजस्व को लगाई जा रही चपत का भंडाफोड़ हो गया है, क्योंकि मंडी चालू होने से पहले प्रतिदिन औसतन 6 हजार का टैक्स ही मिल पाता था जो अब बढ़कर 20 हजार रुपये प्रतिदिन से अधिक हो गया है। उन्होंने कहा कि मंडी में बिकने वाली सब्जी और कृषि उत्पादों को लेकर और भी निगरानी बढ़ाई जाएगी, जिससे आगामी दिनों के दौरान टैक्स में और भी बढ़ोतरी होनी तय है।
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आढ़त वसूलने वालों का लाइसेंस होगा निरस्त
किसान से आढ़त वसूली करने वाले आढ़तियों का लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई होगी।
मंडी निरीक्षक प्रभात कुमार का कहना है कि शासन और विभागीय स्तर से साफ तौर पर निर्देश दिया गया है कि किसानों से कोई भी आढ़त नहीं वसूली जाएगी। इसके बावजूद अधिकांश आढ़ती खरीदारों के साथ ही कृषि उत्पाद बेचने वाले किसानों से भी आढ़त वसूलकर शासन की मंशा से खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने तल्ख लहजे में कहा कि अगर किसी भी आढ़ती ने किसानों से आढ़त वसूली तो उसका लाइसेंस निरस्त कर कार्रवाई भी की जाएगी।
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