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अमीर बनने की चाह में दिहाड़ी मजदूर से बने शातिर अपराधी
Updated Thu, 22 Jun 2017 11:44 PM IST
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अमीर बनने की चाह में दिहाड़ी मजदूर से बने शातिर अपराधी
जल्दी अमीर बनने की चाह ने दिहाड़ी मजदूरों को शातिर बदमाश बनाकर जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। कारोबारी के नौकर द्वारा दिए गए अमीर बनने के सपने इन युवाओं को महंगे पड़ गए। नौसिखियों द्वारा पहली बार बिना किसी अनुभव के की गई बड़ी वारदात का पुलिस ने एक दिन में ही खुलासा कर दिया।
वारदात की पटकथा करीब तीन माह पहले लिखी गई थी। दवा कारोबारी सतीश चंद गोयल के मेडिकल स्टोर पर काम करने वाले राजेश की दोस्ती अतरौली निवासी गौरव से थी। ढाई साल पहले दोनों ने एक साथ मजदूरी की थी।
इसके बाद राजेश स्टोर पर काम करने लगा, लेकिन गौरव उसके संपर्क में था। नौकरी के दौरान राजेश का सतीश चंद के घर भी आना जाना था। घर आने के दौरान राजेश यह भांप गया था कि घर में लाखों रुपये कैश और बड़ी मात्रा में आभूषण हैं।
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इसके बाद राजेश ने अपने दोस्त गौरव के साथ मिलकर घर में डकैती की योजना बनाई। रोज मजदूरी करने वाले अपने दूसरे साथियों को गौरव ने यह बात बताई तो जल्दी अमीर बनने का जुनून उन पर हावी हो गया।
करीब तीन माह पहले राजेश, गौरव, अक्षय, रोहित, रवि, पंकज व अंकुर एक साथ बैठे और डकैती का खाका तैयार किया। घर के अंदर की पूरी स्थिति, दरवाजों की स्थिति घर में मौजूद लोगों की स्थिति के बारे में राजेश ने अपने दोस्तों को पूरी जानकारी दी।
राजेश ने बताया कि जिस दिन परिवार के सदस्य कहीं बाहर घूमने जाएंगे, उसी दिन घटना को अंजाम दिया जाएगा। पिछले तीन महीने से राजेश घर पर नजर रखे था और अपने साथियों को भी लगातार जानकारी दे रहा था।
सतीश चंद के पुत्र अजय व अमित घटना से दो दिन पहले हरिद्वार के लिए निकले थे। इसकी जानकारी तुरंत राजेश ने अपने साथियों को दी और एक दिन इंतजार के बाद बदमाशों ने घटना को अंजाम दिया।
नौसिखिये होने के कारण राजेश अपने साथियों से लगातार मोबाइल पर संपर्क में था, जिसके कारण सर्विलांस के जरिये पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।
एडीएसपी सहित पुलिस टीम ने पूरी रात किया वर्क आउट
ताबड़तोड़ वारदातों के कारण जिले की पुलिस पर बड़ा दबाव था। घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप की स्थिति थी। ऐसे में एएसपी राम मोहन सिंह पुलिस टीम के साथ पूरी रात पिलखुवा थाने में जमे रहे और पल पल की जानकारी लेते रहे।
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जल्दी अमीर बनने की चाह ने दिहाड़ी मजदूरों को शातिर बदमाश बनाकर जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। कारोबारी के नौकर द्वारा दिए गए अमीर बनने के सपने इन युवाओं को महंगे पड़ गए। नौसिखियों द्वारा पहली बार बिना किसी अनुभव के की गई बड़ी वारदात का पुलिस ने एक दिन में ही खुलासा कर दिया।
वारदात की पटकथा करीब तीन माह पहले लिखी गई थी। दवा कारोबारी सतीश चंद गोयल के मेडिकल स्टोर पर काम करने वाले राजेश की दोस्ती अतरौली निवासी गौरव से थी। ढाई साल पहले दोनों ने एक साथ मजदूरी की थी।
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इसके बाद राजेश स्टोर पर काम करने लगा, लेकिन गौरव उसके संपर्क में था। नौकरी के दौरान राजेश का सतीश चंद के घर भी आना जाना था। घर आने के दौरान राजेश यह भांप गया था कि घर में लाखों रुपये कैश और बड़ी मात्रा में आभूषण हैं।
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इसके बाद राजेश ने अपने दोस्त गौरव के साथ मिलकर घर में डकैती की योजना बनाई। रोज मजदूरी करने वाले अपने दूसरे साथियों को गौरव ने यह बात बताई तो जल्दी अमीर बनने का जुनून उन पर हावी हो गया।
करीब तीन माह पहले राजेश, गौरव, अक्षय, रोहित, रवि, पंकज व अंकुर एक साथ बैठे और डकैती का खाका तैयार किया। घर के अंदर की पूरी स्थिति, दरवाजों की स्थिति घर में मौजूद लोगों की स्थिति के बारे में राजेश ने अपने दोस्तों को पूरी जानकारी दी।
राजेश ने बताया कि जिस दिन परिवार के सदस्य कहीं बाहर घूमने जाएंगे, उसी दिन घटना को अंजाम दिया जाएगा। पिछले तीन महीने से राजेश घर पर नजर रखे था और अपने साथियों को भी लगातार जानकारी दे रहा था।
सतीश चंद के पुत्र अजय व अमित घटना से दो दिन पहले हरिद्वार के लिए निकले थे। इसकी जानकारी तुरंत राजेश ने अपने साथियों को दी और एक दिन इंतजार के बाद बदमाशों ने घटना को अंजाम दिया।
नौसिखिये होने के कारण राजेश अपने साथियों से लगातार मोबाइल पर संपर्क में था, जिसके कारण सर्विलांस के जरिये पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।
एडीएसपी सहित पुलिस टीम ने पूरी रात किया वर्क आउट
ताबड़तोड़ वारदातों के कारण जिले की पुलिस पर बड़ा दबाव था। घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप की स्थिति थी। ऐसे में एएसपी राम मोहन सिंह पुलिस टीम के साथ पूरी रात पिलखुवा थाने में जमे रहे और पल पल की जानकारी लेते रहे।