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Hapur News: 200 करोड़ के उर्वरक सब्सिडी घोटाले में जांच कमेटी बदलने की मांग
Thu, 04 Dec 2025 10:38 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Thu, 04 Dec 2025 10:38 PM IST
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हापुड़। जिले में 200 करोड़ के उर्वरक सब्सिडी घोटाले में संयुक्त कृषि निदेशक मेरठ मंडल के पत्र से हापुड़ की तीन कंपनियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उन्होंने अपने पत्र में घोटाले और सांठगांठ का हवाला देते हुए अन्य विभाग की संयुक्त कमेटी बनाकर जांच कराने के लिए अपर कृषि निदेशक, लखनऊ को पत्र लिखा है।
पिलखुवा के कृष्ण गंज निवासी अनुभव गोयल ने आईजीआरएस पर शिकायत कर 200 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी घोटाले का आरोप लगाया था। शिकायतकर्ता ने हापुड़ की मनोज ट्रेडिंग कंपनी, एमएस अग्रवाल एजेंसी, हजारी मल राधा किशन, प्रमोद ट्रेडिंग कंपनी पर गलत तरीके से उर्वरकों की बिक्री करने का आरोप लगाया था।
इस प्रकरण में मुख्यमंत्री कार्यालय के संयुक्त सचिव अजय कुमार ओझा ने संज्ञान लेकर कृषि निदेशक को जांच के आदेश दिए थे, लेकिन इसमें जांच कर रहे अधिकारियों पर शिकायतकर्ता ने गंभीर आरोप लगाए। अब तीन दिसंबर को इस संबंध में जारी एक पत्र ने मामले को और गरमा दिया है।
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दरअसल, आईजीआरएस पर शिकायत के बाद संयुक्त कृषि निदेशक मेरठ मंडल ने अपर कृषि निदेशक (सामान्य) को पत्र लिखा है। इसमें सब्सिडी घोटाले की शिकायत का उल्लेख करते हुए कई अन्य बिंदुओं को भी अपने पत्र में शामिल किया है। उन्होंने पत्र में उक्त अधिकारी से मांग की है कि वह अपने स्तर से अन्य विभाग की संयुक्त कमेटी बनवाकर जांच कराए, ताकि शिकायत का निस्तारण कराया जा सके।
दिलचस्प बात यह है कि मेरठ के संयुक्त कृषि निदेशक के पत्र से स्पष्ट हो गया है कि इस प्रकरण में कुछ बड़ा खुलासा हो सकता है। मामला उर्वरक सब्सिडी घोटाले से जुड़ा है, इसलिए शासन भी इस पर गंभीर है।
शिकायतों की हो रही जांच
आईजीआरएस पर हर दिन इस प्रकरण में कोई न कोई शिकायत डाली जा रही है। हर संभव प्रकरण की जांच भी कर रहे हैं। फिलहाल पत्र संबंधी जानकारी नहीं है। उनके रहते जिले में गलत कार्य नहीं होगा। पिछले कुछ दिनों में गलत कार्य करने वालों पर कार्रवाई भी की गई है। - गौरव प्रकाश, जिला कृषि अधिकारी।
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पिलखुवा के कृष्ण गंज निवासी अनुभव गोयल ने आईजीआरएस पर शिकायत कर 200 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी घोटाले का आरोप लगाया था। शिकायतकर्ता ने हापुड़ की मनोज ट्रेडिंग कंपनी, एमएस अग्रवाल एजेंसी, हजारी मल राधा किशन, प्रमोद ट्रेडिंग कंपनी पर गलत तरीके से उर्वरकों की बिक्री करने का आरोप लगाया था।
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इस प्रकरण में मुख्यमंत्री कार्यालय के संयुक्त सचिव अजय कुमार ओझा ने संज्ञान लेकर कृषि निदेशक को जांच के आदेश दिए थे, लेकिन इसमें जांच कर रहे अधिकारियों पर शिकायतकर्ता ने गंभीर आरोप लगाए। अब तीन दिसंबर को इस संबंध में जारी एक पत्र ने मामले को और गरमा दिया है।
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दरअसल, आईजीआरएस पर शिकायत के बाद संयुक्त कृषि निदेशक मेरठ मंडल ने अपर कृषि निदेशक (सामान्य) को पत्र लिखा है। इसमें सब्सिडी घोटाले की शिकायत का उल्लेख करते हुए कई अन्य बिंदुओं को भी अपने पत्र में शामिल किया है। उन्होंने पत्र में उक्त अधिकारी से मांग की है कि वह अपने स्तर से अन्य विभाग की संयुक्त कमेटी बनवाकर जांच कराए, ताकि शिकायत का निस्तारण कराया जा सके।
दिलचस्प बात यह है कि मेरठ के संयुक्त कृषि निदेशक के पत्र से स्पष्ट हो गया है कि इस प्रकरण में कुछ बड़ा खुलासा हो सकता है। मामला उर्वरक सब्सिडी घोटाले से जुड़ा है, इसलिए शासन भी इस पर गंभीर है।
शिकायतों की हो रही जांच
आईजीआरएस पर हर दिन इस प्रकरण में कोई न कोई शिकायत डाली जा रही है। हर संभव प्रकरण की जांच भी कर रहे हैं। फिलहाल पत्र संबंधी जानकारी नहीं है। उनके रहते जिले में गलत कार्य नहीं होगा। पिछले कुछ दिनों में गलत कार्य करने वालों पर कार्रवाई भी की गई है। - गौरव प्रकाश, जिला कृषि अधिकारी।