{"_id":"5ab004b04f1c1b01768b624f","slug":"191521484976-hapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब बच्चे रोशन करेंगे मां का नाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब बच्चे रोशन करेंगे मां का नाम
Updated Tue, 20 Mar 2018 12:18 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बच्चे की बेहतर परफॉरमेंस पर मां होंगी सम्मानित
हापुड़। मां बच्चे की पहली पाठशाला होती है। बच्चे की शुरुआती शिक्षा में मां की अहम भूमिका होती है। माताआें की अहमियत समझते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने परिषदीय विद्यालयों की शैक्षिक स्थिति सुधारने के लिए विशेष योजना तैयार की है। स्कूल में कोई बच्चा प्रथम आता है या उसकी उपस्थिति बेहतर रहती है तो इसका श्रेय उसकी मां को देते हुए विभाग उन्हें सम्मानित करेगा। शासन के निर्देश पर पब्लिक स्कूलों की तर्ज पर परिषदीय स्कूलों में नए सत्र से यह योजना शुरू की जा रही है।
लाख कोशिशों के बावजूद परिषदीय स्कूलों के हालात नहीं सुधर रहे हैं। सबसे बड़ी समस्या बच्चों की उपस्थित बढ़ाने की है। इस स्थिति को देखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग परिषदीय स्कूलों में एक विशेष योजना शुरू करने जा रहा है। बच्चे अधिक से अधिक संख्या में स्कूल पहुंचे और पढ़ाई के प्रति प्रेरित हों। इसके लिए अभिभावकों को भी प्रेरित किया जाना जरूरी है, ऐसे में कक्षा में सबसे अधिक उपस्थिति हासिल करने व टॉप करने वाले बच्चे की मां को न सिर्फ सम्मानित किया जाएगा, बल्कि बीएसए द्वारा एक सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा। बेसिक शिक्षा अधिकारी देवेंद्र गुप्ता ने बताया कि बच्चे को स्कूल भेजने से लेकर पढ़ाई में प्रेरित करने के लिए मां की अहम भूमिका होती है। माताएं अपनी इस भूमिका को समझें। इसलिए उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए सम्मानित किया जा रहा है।
विज्ञापन
हापुड़। मां बच्चे की पहली पाठशाला होती है। बच्चे की शुरुआती शिक्षा में मां की अहम भूमिका होती है। माताआें की अहमियत समझते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने परिषदीय विद्यालयों की शैक्षिक स्थिति सुधारने के लिए विशेष योजना तैयार की है। स्कूल में कोई बच्चा प्रथम आता है या उसकी उपस्थिति बेहतर रहती है तो इसका श्रेय उसकी मां को देते हुए विभाग उन्हें सम्मानित करेगा। शासन के निर्देश पर पब्लिक स्कूलों की तर्ज पर परिषदीय स्कूलों में नए सत्र से यह योजना शुरू की जा रही है।
लाख कोशिशों के बावजूद परिषदीय स्कूलों के हालात नहीं सुधर रहे हैं। सबसे बड़ी समस्या बच्चों की उपस्थित बढ़ाने की है। इस स्थिति को देखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग परिषदीय स्कूलों में एक विशेष योजना शुरू करने जा रहा है। बच्चे अधिक से अधिक संख्या में स्कूल पहुंचे और पढ़ाई के प्रति प्रेरित हों। इसके लिए अभिभावकों को भी प्रेरित किया जाना जरूरी है, ऐसे में कक्षा में सबसे अधिक उपस्थिति हासिल करने व टॉप करने वाले बच्चे की मां को न सिर्फ सम्मानित किया जाएगा, बल्कि बीएसए द्वारा एक सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा। बेसिक शिक्षा अधिकारी देवेंद्र गुप्ता ने बताया कि बच्चे को स्कूल भेजने से लेकर पढ़ाई में प्रेरित करने के लिए मां की अहम भूमिका होती है। माताएं अपनी इस भूमिका को समझें। इसलिए उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए सम्मानित किया जा रहा है।
विज्ञापन