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एक दिन में दो हजार किसानों ने दर्ज करायी पोर्टल पर शिकायतें
Updated Wed, 14 Feb 2018 11:52 PM IST
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एक दिन में दो हजार किसानों ने
दर्ज कराई पोर्टल पर शिकायतें
हापुड़। शासन स्तर से शिकायत निवारण पोर्टल खुलते ही एक दिन के अंदर ऋण माफी से वंचित दो हजार से अधिक किसानों ने शिकायतें दर्ज करा दी हैं। पूर्व में इन किसानों का ब्योरा गलत तरीके से अपडेट कर दिया गया था, जिसके चलते उन्हें ऋण माफी का लाभ नहीं मिल सका था।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार की फसली ऋण माफी योजना के तहत जिले के 50 हजार में से 15 हजार किसानों का ही ऋण माफ हो सका था। करीब 35 हजार किसान ऋण माफी से वंचित रह गए थे। इनमें अनेक किसान ऐसे थे जो पात्रता की सभी शर्तें पूरी कर रहे थे, लेकिन बैंक और तहसील स्तर से उनका गलत ब्योरा अपडेट किए जाने के चलते उन्हें अपात्रता की श्रेणी में डाल दिया गया था। जिस पोर्टल पर किसानों का ब्योरा अपलोड था, वह शासन स्तर से लॉक कर दिया गया था। इसके चलते इसमें संशोधन भी नहीं हो पा रहा था। अब शासन ने शिकायती निवारण पोर्टल को 10 मार्च तक खोल दिया है। इसकी सूचना मिलते ही एक दिन में दो हजार से अधिक किसानों ने पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा दी है।
जिला कृषि अधिकारी शिवकुमार सिंह का कहना है पोर्टल खोलने का उद्देश्य योजना से वंचित रहे पात्र किसानों को लाभ दिलाना है। पोर्टल पर किसान बढ़ चढ़कर शिकायतें दर्ज करा रहे हैं।
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दर्ज कराई पोर्टल पर शिकायतें
हापुड़। शासन स्तर से शिकायत निवारण पोर्टल खुलते ही एक दिन के अंदर ऋण माफी से वंचित दो हजार से अधिक किसानों ने शिकायतें दर्ज करा दी हैं। पूर्व में इन किसानों का ब्योरा गलत तरीके से अपडेट कर दिया गया था, जिसके चलते उन्हें ऋण माफी का लाभ नहीं मिल सका था।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार की फसली ऋण माफी योजना के तहत जिले के 50 हजार में से 15 हजार किसानों का ही ऋण माफ हो सका था। करीब 35 हजार किसान ऋण माफी से वंचित रह गए थे। इनमें अनेक किसान ऐसे थे जो पात्रता की सभी शर्तें पूरी कर रहे थे, लेकिन बैंक और तहसील स्तर से उनका गलत ब्योरा अपडेट किए जाने के चलते उन्हें अपात्रता की श्रेणी में डाल दिया गया था। जिस पोर्टल पर किसानों का ब्योरा अपलोड था, वह शासन स्तर से लॉक कर दिया गया था। इसके चलते इसमें संशोधन भी नहीं हो पा रहा था। अब शासन ने शिकायती निवारण पोर्टल को 10 मार्च तक खोल दिया है। इसकी सूचना मिलते ही एक दिन में दो हजार से अधिक किसानों ने पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा दी है।
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जिला कृषि अधिकारी शिवकुमार सिंह का कहना है पोर्टल खोलने का उद्देश्य योजना से वंचित रहे पात्र किसानों को लाभ दिलाना है। पोर्टल पर किसान बढ़ चढ़कर शिकायतें दर्ज करा रहे हैं।
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