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किताब,ड्रेस निर्धारित दुकान से खरीदने को बाध्य करने पर मान्यता होगी निरस्त
Updated Sun, 15 Apr 2018 11:49 PM IST
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निर्धारित दुकान से किताब- ड्रेस खरीदने
को किया बाध्य तो छिन सकती है मान्यता
हापुड़। अब निजी स्कूल किसी अभिभावक को किताब और ड्रेस के लिए चुनिंदा दुकानों से खरीदारी करने को बाध्य नहीं कर सकते। अगर उनके द्वारा ऐसा किया जाता है तो उन्हें स्कूल की मान्यता गंवानी पड़ सकती है। इस संबंध में संयुक्त शिक्षा निदेशक ने तमाम यूपी, सीबीएसई बोर्ड से संबंधित स्कूलों को पत्र भेजकर निर्देशित कर दिया है।
अप्रैल महीने से ही अभिभावकों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई देने लगती हैं। मिशन एडमिशन में अभिभावकों के लिए यह महीना चैलेजिंग होता है। निजी स्कूलों में अपने बच्चों का दाखिला कराने के लिए मोटी फीस देने के बाद अभिभावकों को उनकी और भी शर्तें पूरी करनी पड़ती हैं। इसमें स्कूल संचालकों द्वारा अभिभावकों को चुनिंदा दुकान या स्कूल से ही किताब और ड्रेस खरीदने को बाध्य करना एक अहम समस्या है। क्योंकि कोई विकल्प न होने के कारण ऐसी दुकानें किताबों और ड्रेस की मनमानी कीमत वसूलती हैं। इसको लेकर अभिभावक कई बार प्रशासन से निजात की मांग कर चुके हैं। इसीलिए इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संयुक्त शिक्षा निदेशक दिव्यकांत शुक्ला ने सभी आईसीएसई, यूपी, सीबीएसई बोर्ड से संबंधित स्कूलों को निर्देशित करते हुए कहा कि किसी भी छात्र को ड्रेस, किताब आदि के लिए निर्धारित दुकान से खरीदारी के लिए बाध्य न किया जाए। यदि ऐसी कोई शिकायत मिलती है तोे संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। साथ ही मान्यता भी रद्द की जा सकती है।
एडीएम रजनीश राय का कहना है कि फीस वृद्धि व किताब आदि खरीदने के लिए स्कूलों द्वारा बाध्य किए जाने की शिकायतें मिली हैं। इस संबंध में जांच के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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को किया बाध्य तो छिन सकती है मान्यता
हापुड़। अब निजी स्कूल किसी अभिभावक को किताब और ड्रेस के लिए चुनिंदा दुकानों से खरीदारी करने को बाध्य नहीं कर सकते। अगर उनके द्वारा ऐसा किया जाता है तो उन्हें स्कूल की मान्यता गंवानी पड़ सकती है। इस संबंध में संयुक्त शिक्षा निदेशक ने तमाम यूपी, सीबीएसई बोर्ड से संबंधित स्कूलों को पत्र भेजकर निर्देशित कर दिया है।
अप्रैल महीने से ही अभिभावकों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई देने लगती हैं। मिशन एडमिशन में अभिभावकों के लिए यह महीना चैलेजिंग होता है। निजी स्कूलों में अपने बच्चों का दाखिला कराने के लिए मोटी फीस देने के बाद अभिभावकों को उनकी और भी शर्तें पूरी करनी पड़ती हैं। इसमें स्कूल संचालकों द्वारा अभिभावकों को चुनिंदा दुकान या स्कूल से ही किताब और ड्रेस खरीदने को बाध्य करना एक अहम समस्या है। क्योंकि कोई विकल्प न होने के कारण ऐसी दुकानें किताबों और ड्रेस की मनमानी कीमत वसूलती हैं। इसको लेकर अभिभावक कई बार प्रशासन से निजात की मांग कर चुके हैं। इसीलिए इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संयुक्त शिक्षा निदेशक दिव्यकांत शुक्ला ने सभी आईसीएसई, यूपी, सीबीएसई बोर्ड से संबंधित स्कूलों को निर्देशित करते हुए कहा कि किसी भी छात्र को ड्रेस, किताब आदि के लिए निर्धारित दुकान से खरीदारी के लिए बाध्य न किया जाए। यदि ऐसी कोई शिकायत मिलती है तोे संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। साथ ही मान्यता भी रद्द की जा सकती है।
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एडीएम रजनीश राय का कहना है कि फीस वृद्धि व किताब आदि खरीदने के लिए स्कूलों द्वारा बाध्य किए जाने की शिकायतें मिली हैं। इस संबंध में जांच के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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