{"_id":"5c30eef9bdec2256af3f58fc","slug":"151546710777-hapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर गंगानगरी में 25 जिलों के वकील जुटे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर गंगानगरी में 25 जिलों के वकील जुटे
विज्ञापन
हाईकोर्ट बेंच की मांग को गंगानगरी में जुटे 25 जिलों के वकील
गढ़मुक्तेश्वर। वेस्टर्न यूपी में बेंच की मांग करते आ रहे 25 जिलों के सैकड़ों वकीलों ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर जनहित की अनदेखी का आरोप लगाया। आम जनता को भी आंदोलन से जोड़ने की कवायद बड़े स्तर पर किए जाने का निर्णय लिया।
वकीलों की केंद्रीय संघर्ष समिति की बैठक शनिवार को गढ़ में हुई। जिसमें संघर्ष समिति चेयरमैन राजेंद्र सिंह जानी ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश और केंद्र में भाजपा की सरकार चल रही है, जो विपक्ष में होने पर वकीलों की मांग को पूरी तरह जायज ठहराती थी मगर अब वेस्टर्न यूपी के 25 जनपदों से जुड़ी करीब सात करोड़ जनता समेत लाखों वकीलों के हित की खुली अनदेखी की जा रही है। संघर्ष समिति के सचिव देवकी नंदन शर्मा ने कहा कि वकीलों को जाति धर्म और दलगत राजनीति से ऊपर उठकर पूरी तरह संगठित होना पड़ेगा, क्योंकि अब लोकसभा चुनाव का बिगुल बजने में महज दो माह का समय ही शेष बच पाया है। गढ़ बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सुबोध त्यागी, नरेश गिल, सुरेंद्र नागर, विरेंद्र चौहान, बलराज त्यागी, पूर्व सचिव ठाकुर सुकेंद्र सिंह, हेमंत गौड़, मनोज गोयल, शामली बार के सचिव नील कमल, बिजनौर के सचिव नवदीप सिंह, मेरठ के पूर्व सचिव जितेंद्र सिंह, हापुड़ के सह सचिव आलोक शर्मा ने बताया कि जनहित से जुड़ी मांग को पूरा कराने के लिए आम जनता को इस आंदोलन से जोड़ने के लिए बड़े स्तर पर मुहिम चलाने की आवश्यकता है। बैठक की अध्यक्षता गढ़ बार अध्यक्ष चौधरी अमरपाल सिंह और संचालन केंद्रीय संघर्ष समिति सचिव देवकीनंदन शर्मा ने की। बार सचिव राजेंद्र चौहान, उपाध्यक्ष मुकेश शर्माम, लेखा निरीक्षक निरंजन राणा, पूर्व अध्यक्ष सत्यप्रकाश चौहान, सतेंद्र चौधरी, केएल चौहान, बीबी गर्ग, पियूष गोयल, सुहेल आलम, सीपी सिंह, राजेंद्र वर्मा, इंतजार, शांतनु गर्ग, मोहित गुप्ता, पवन कंसल, गंगाशरण, रामरतन, महताब चौधरी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
गढ़मुक्तेश्वर। वेस्टर्न यूपी में बेंच की मांग करते आ रहे 25 जिलों के सैकड़ों वकीलों ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर जनहित की अनदेखी का आरोप लगाया। आम जनता को भी आंदोलन से जोड़ने की कवायद बड़े स्तर पर किए जाने का निर्णय लिया।
वकीलों की केंद्रीय संघर्ष समिति की बैठक शनिवार को गढ़ में हुई। जिसमें संघर्ष समिति चेयरमैन राजेंद्र सिंह जानी ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश और केंद्र में भाजपा की सरकार चल रही है, जो विपक्ष में होने पर वकीलों की मांग को पूरी तरह जायज ठहराती थी मगर अब वेस्टर्न यूपी के 25 जनपदों से जुड़ी करीब सात करोड़ जनता समेत लाखों वकीलों के हित की खुली अनदेखी की जा रही है। संघर्ष समिति के सचिव देवकी नंदन शर्मा ने कहा कि वकीलों को जाति धर्म और दलगत राजनीति से ऊपर उठकर पूरी तरह संगठित होना पड़ेगा, क्योंकि अब लोकसभा चुनाव का बिगुल बजने में महज दो माह का समय ही शेष बच पाया है। गढ़ बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सुबोध त्यागी, नरेश गिल, सुरेंद्र नागर, विरेंद्र चौहान, बलराज त्यागी, पूर्व सचिव ठाकुर सुकेंद्र सिंह, हेमंत गौड़, मनोज गोयल, शामली बार के सचिव नील कमल, बिजनौर के सचिव नवदीप सिंह, मेरठ के पूर्व सचिव जितेंद्र सिंह, हापुड़ के सह सचिव आलोक शर्मा ने बताया कि जनहित से जुड़ी मांग को पूरा कराने के लिए आम जनता को इस आंदोलन से जोड़ने के लिए बड़े स्तर पर मुहिम चलाने की आवश्यकता है। बैठक की अध्यक्षता गढ़ बार अध्यक्ष चौधरी अमरपाल सिंह और संचालन केंद्रीय संघर्ष समिति सचिव देवकीनंदन शर्मा ने की। बार सचिव राजेंद्र चौहान, उपाध्यक्ष मुकेश शर्माम, लेखा निरीक्षक निरंजन राणा, पूर्व अध्यक्ष सत्यप्रकाश चौहान, सतेंद्र चौधरी, केएल चौहान, बीबी गर्ग, पियूष गोयल, सुहेल आलम, सीपी सिंह, राजेंद्र वर्मा, इंतजार, शांतनु गर्ग, मोहित गुप्ता, पवन कंसल, गंगाशरण, रामरतन, महताब चौधरी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन