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ओलावृष्टि से करोड़ों की फसल तबाह
Updated Sun, 03 Jun 2018 12:29 AM IST
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ओलावृष्टि से करोड़ों की फसल तबाह
हापुड़। बारिश और भारी ओलावृष्टि ने बागवानी, सब्जी, पलेज को तहस-नहस कर दिया। ओले के कारण आम फट गए, वहीं सब्जी के पौधे टूटकर गिर गए। किसानों को इससे करोड़ों का नुकसान हुआ है। मुआवजा की मांग को लेकर किसान उद्यान विभाग पहुंचे, लेकिन विभागीय अफसरों ने सर्वे तक करना उचित नहीं समझा। वह डीएम के आदेश का इंतजार कर रहे हैं।
आंधी ने इस बार आम की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है। बागों में पहले आंधी के बाद इन दिनों सिर्फ 40 फीसदी आम ही बचे थे, ऐसे में शुक्रवार को भारी ओलावृष्टि ने बागवानी के किसानों की नींद उड़ा दी। क्योंकि ओलों की मार से भारी संख्या में आम पेड़ों से टूटकर गिर हैं, ओले की मार से बहुत से आम फट गए।
इसके अलावा मिर्च, तोरई, लौकी, खीरा, टमाटर, भिंडी की फसलों को भी ओलावृष्टि ने तहस नहस कर दिया। गांव ट्याला में किसानों की सैकड़ों बीघा मिर्च की फसल भी बर्बाद हो गई है। किसानों की शिकायत के बाद भी विभाग का कहना था कि डीएम के आदेश के बाद ही वह सर्वे करेंगे।
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आम की पछेती प्रजाति के फल को नुकसान
इन दिनों आम की दशहरी प्रजाति पकने के लिए तैयार है। जो आम टूटकर गिर गए हैं उन्हें आसानी से पकाया जा सकता है, लेकिन पछेती प्रजाति के आम अभी पकने की स्थिति में नहीं है। इनके टूटने से बाग मालिकों को भारी नुकसान हुआ है।
इन गांवों में अधिक ओलावृष्टि
ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा प्रभाव गांव ट्याला, धनौरा, वझीलपुर, लालपुर, सीतादेही, श्यामपुर ददायरा, दोयमी, जरौठी, खडख़ड़ी, हरसिंहपुर, ब्रजनाथपुर, मोढ़ी आदि गांवों में आलावृष्टि का अधिक प्रभाव है।
क्या कहते हैं पीड़ित किसान
गांव धनौरा निवासी शिवकुमार त्यागी ने बताया कि वह आम, अमरूद की बागवानी करते हैं। आंधी और ओलावृष्टि से दोनों फसले नष्ट हो गई हैं। बाग में करीब 70 फीसदी नुकसान हुआ है।
ट्याला निवासी किसान विजय ने बताया कि उसने अपने खेतों में भिंडी की फसल लगाई थी। अब भिंडी उतरनी शुरू हुई थी, इसी बीच ओलावृष्टि ने सारी फसल को तहस नहस कर दिया।
किसान शमसाद का कहना है कि उसने मिर्च की फसल लगाई थी। ओलावृष्टि के कारण मिर्च के पौधे टूटकर गिर गए हैं। फसल को ओलावृष्टि से काफी नुकसान हुआ है।
जिला उद्यान अधिकारी एसके शर्मा का कहना है कि ओलावृष्टि से जिन गांवों में नुकसान हुआ है। वहां फसलों का सर्वे कराया जाएगा। शासन से जैसे निर्देश मिलेंगे, उसके अनुसार आगामी कार्रवाई होगी।
बिजली गिरने से फुंके विद्युत उपकरण
नगर के मोहल्ला कोठीगेट निवासी अमृतलाल सचदेवा के मकान पर देर रात आकाशीय बिजली गिरने से हड़कंप मच गया। इससे घर में लगे टीवी, इंवर्टर समेत तमाम विद्युत उपकरण फुंक गए। अमृतलाल सचदेवा का कहना है कि बिजली गिरने से उन्हें हजारों रुपये का नुकसान हुआ है।
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हापुड़। बारिश और भारी ओलावृष्टि ने बागवानी, सब्जी, पलेज को तहस-नहस कर दिया। ओले के कारण आम फट गए, वहीं सब्जी के पौधे टूटकर गिर गए। किसानों को इससे करोड़ों का नुकसान हुआ है। मुआवजा की मांग को लेकर किसान उद्यान विभाग पहुंचे, लेकिन विभागीय अफसरों ने सर्वे तक करना उचित नहीं समझा। वह डीएम के आदेश का इंतजार कर रहे हैं।
आंधी ने इस बार आम की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है। बागों में पहले आंधी के बाद इन दिनों सिर्फ 40 फीसदी आम ही बचे थे, ऐसे में शुक्रवार को भारी ओलावृष्टि ने बागवानी के किसानों की नींद उड़ा दी। क्योंकि ओलों की मार से भारी संख्या में आम पेड़ों से टूटकर गिर हैं, ओले की मार से बहुत से आम फट गए।
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इसके अलावा मिर्च, तोरई, लौकी, खीरा, टमाटर, भिंडी की फसलों को भी ओलावृष्टि ने तहस नहस कर दिया। गांव ट्याला में किसानों की सैकड़ों बीघा मिर्च की फसल भी बर्बाद हो गई है। किसानों की शिकायत के बाद भी विभाग का कहना था कि डीएम के आदेश के बाद ही वह सर्वे करेंगे।
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आम की पछेती प्रजाति के फल को नुकसान
इन दिनों आम की दशहरी प्रजाति पकने के लिए तैयार है। जो आम टूटकर गिर गए हैं उन्हें आसानी से पकाया जा सकता है, लेकिन पछेती प्रजाति के आम अभी पकने की स्थिति में नहीं है। इनके टूटने से बाग मालिकों को भारी नुकसान हुआ है।
इन गांवों में अधिक ओलावृष्टि
ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा प्रभाव गांव ट्याला, धनौरा, वझीलपुर, लालपुर, सीतादेही, श्यामपुर ददायरा, दोयमी, जरौठी, खडख़ड़ी, हरसिंहपुर, ब्रजनाथपुर, मोढ़ी आदि गांवों में आलावृष्टि का अधिक प्रभाव है।
क्या कहते हैं पीड़ित किसान
गांव धनौरा निवासी शिवकुमार त्यागी ने बताया कि वह आम, अमरूद की बागवानी करते हैं। आंधी और ओलावृष्टि से दोनों फसले नष्ट हो गई हैं। बाग में करीब 70 फीसदी नुकसान हुआ है।
ट्याला निवासी किसान विजय ने बताया कि उसने अपने खेतों में भिंडी की फसल लगाई थी। अब भिंडी उतरनी शुरू हुई थी, इसी बीच ओलावृष्टि ने सारी फसल को तहस नहस कर दिया।
किसान शमसाद का कहना है कि उसने मिर्च की फसल लगाई थी। ओलावृष्टि के कारण मिर्च के पौधे टूटकर गिर गए हैं। फसल को ओलावृष्टि से काफी नुकसान हुआ है।
जिला उद्यान अधिकारी एसके शर्मा का कहना है कि ओलावृष्टि से जिन गांवों में नुकसान हुआ है। वहां फसलों का सर्वे कराया जाएगा। शासन से जैसे निर्देश मिलेंगे, उसके अनुसार आगामी कार्रवाई होगी।
बिजली गिरने से फुंके विद्युत उपकरण
नगर के मोहल्ला कोठीगेट निवासी अमृतलाल सचदेवा के मकान पर देर रात आकाशीय बिजली गिरने से हड़कंप मच गया। इससे घर में लगे टीवी, इंवर्टर समेत तमाम विद्युत उपकरण फुंक गए। अमृतलाल सचदेवा का कहना है कि बिजली गिरने से उन्हें हजारों रुपये का नुकसान हुआ है।