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Hapur News: जिले में 1500 करोड़ से स्थापित होंगी 56 औद्योगिक इकाइयां
Tue, 23 Jan 2024 10:49 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Tue, 23 Jan 2024 10:49 PM IST
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हापुड़। दिल्ली एनसीआर के करीब होने का फायदा अब हापुड़ को मिलता नजर आ रहा है। अधिकारियों और संबंधित विभागों के साझा प्रयास के बाद जिले में 1500 करोड़ की लघु औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने की सभी बाधाएं दूर हो चुकी हैं। पिछले साल हुए इन्वेस्टर्स समिट में विभिन्न विभागों को करीब दो हजार करोड़ के निवेश का लक्ष्य दिया गया था। जिनमे से 75 प्रतिशत लक्ष्य लगभग प्राप्त कर लिया गया है।
दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में जमीन की बढ़ती कीमतों के बावजूद प्रदूषण और विभिन्न प्रकार की पाबंदियों के बीच निवेशकों के लिए हापुड़ पहली पसंद बना हुआ है। पिछले साल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान निवेशकों की ओर से लगातार रिकार्ड प्रस्ताव आ रहे थे। लेकिन इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में जाते दिख रहा था। कुछ बाधाओं के कारण उद्योगों को धरातल पर उतारना मुश्किल हो रहा था। जिसके बाद से अधिकारियों की नियत और प्रयासों पर भी सवाल उठने शुरू हो गए थे। लेकिन अब एक बार फिर कुछ योजनाएं धरातल पर उतारती नजर आ रही हैं।
जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त शैलेष कुमार सिंह ने बताया कि समिट के दौरान विभिन्न विभागों को अपने अपने स्तर से बाधाएं दूर करने हुए दो हजार करोड़ के निवेश से औद्योगिक इकाइयों को स्थापित कराने का लक्ष्य दिया गया था। जिनमें से विभागों की ओर से करीब 1500 करोड़ की सूक्ष्म लघु और मध्यम इकाइयोंं ( एमएसएमई) को स्थापित करने का रास्ता साफ हो गया है। इनकी अधिकतर औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।
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जमीनों का भी किया गया चयन -
प्रस्तावित औद्योगिक इकाइयों में तीन दुग्ध डेयरी, जिसमें एक जरौठी रोड पर और एक एमजी रोड पर स्थापित होगी। इसके अलावा छह फूड एंड प्रोसेसिंग यूनिट भी लगाई जाएंगी। जिसमेंं पानी का प्लांट, जूस और अन्य खाद्य पदार्थों की यूनिट शामिल है। इसके साथ ही स्टील फेब्रिकेशन की चार यूनिट लगाने की तैयारी है। इसके अलारा सबली स्थित औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया गया है। यह मेरठ मंडल का पहला और प्रदेश का पांचवां औद्योगिक प्लेज पार्क है। इस क्षेत्र में 35 औद्योगिक इकाइयां लगाने की तैयारी है।
एक जनपद एक उत्पाद योजना के तहत 20 इकाइयां
एक जनपद एक उत्पाद योजना के तहत भी जिले में 20 इकाइयों के लगाने का रास्ता साफ हो गया है। इसका उद्देश्य है कि जिले के छोटे मध्यम और परंपरागत उद्योगों का विकास करते हुए रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएं। अधिकारियों की माने तो जिले में इन उद्योगों की स्थापना के साथ करीब 20 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर मुहैया कराए जाएंगे। जल्द ही इसके सार्थक परिणाम आने शुरू हो जाएंगे।
दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में जमीन की बढ़ती कीमतों के बावजूद प्रदूषण और विभिन्न प्रकार की पाबंदियों के बीच निवेशकों के लिए हापुड़ पहली पसंद बना हुआ है। पिछले साल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान निवेशकों की ओर से लगातार रिकार्ड प्रस्ताव आ रहे थे। लेकिन इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में जाते दिख रहा था। कुछ बाधाओं के कारण उद्योगों को धरातल पर उतारना मुश्किल हो रहा था। जिसके बाद से अधिकारियों की नियत और प्रयासों पर भी सवाल उठने शुरू हो गए थे। लेकिन अब एक बार फिर कुछ योजनाएं धरातल पर उतारती नजर आ रही हैं।
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जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त शैलेष कुमार सिंह ने बताया कि समिट के दौरान विभिन्न विभागों को अपने अपने स्तर से बाधाएं दूर करने हुए दो हजार करोड़ के निवेश से औद्योगिक इकाइयों को स्थापित कराने का लक्ष्य दिया गया था। जिनमें से विभागों की ओर से करीब 1500 करोड़ की सूक्ष्म लघु और मध्यम इकाइयोंं ( एमएसएमई) को स्थापित करने का रास्ता साफ हो गया है। इनकी अधिकतर औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।
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जमीनों का भी किया गया चयन -
प्रस्तावित औद्योगिक इकाइयों में तीन दुग्ध डेयरी, जिसमें एक जरौठी रोड पर और एक एमजी रोड पर स्थापित होगी। इसके अलावा छह फूड एंड प्रोसेसिंग यूनिट भी लगाई जाएंगी। जिसमेंं पानी का प्लांट, जूस और अन्य खाद्य पदार्थों की यूनिट शामिल है। इसके साथ ही स्टील फेब्रिकेशन की चार यूनिट लगाने की तैयारी है। इसके अलारा सबली स्थित औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया गया है। यह मेरठ मंडल का पहला और प्रदेश का पांचवां औद्योगिक प्लेज पार्क है। इस क्षेत्र में 35 औद्योगिक इकाइयां लगाने की तैयारी है।
एक जनपद एक उत्पाद योजना के तहत 20 इकाइयां
एक जनपद एक उत्पाद योजना के तहत भी जिले में 20 इकाइयों के लगाने का रास्ता साफ हो गया है। इसका उद्देश्य है कि जिले के छोटे मध्यम और परंपरागत उद्योगों का विकास करते हुए रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएं। अधिकारियों की माने तो जिले में इन उद्योगों की स्थापना के साथ करीब 20 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर मुहैया कराए जाएंगे। जल्द ही इसके सार्थक परिणाम आने शुरू हो जाएंगे।