{"_id":"596a62c94f1c1b0b7d8b47af","slug":"131500144329-hapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हमलावर जानवर को फिशिंग कैट प्रजाति से जुड़ा बता वन विभाग ने पल्ला झाड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हमलावर जानवर को फिशिंग कैट प्रजाति से जुड़ा बता वन विभाग ने पल्ला झाड़ा
Updated Sun, 16 Jul 2017 12:15 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भगवंतपुर से कथित तेंदूए ने लगाई हशूपुर के लिए छलांग
शाकरपुर, लडपुरा और भगवंतपुर में सात कुत्तों को अपना निवाला बनाने वाले कथित तेंदूए को वन विभाग फिशिंग कैट बताकर पल्ला झाड़ रहा है। हालांकि ग्रामीण तेंदुए के खौफ से जंगल आने जाने में भी कतराने लगे हैं।
डेढ़ माह के भीतर गंगा खादर से जुड़े मुहम्मदपुर शाकरपुर, भगवंतपुर और लडपुरा में पालतू समेत सात कुत्तों को निवाला बना चुके कथित तेंदूए ने शुक्रवार को किसान सतेंद्र और उसके भाई भूपेंद्र पर खेत में झपट्टा मार दिया था।
दोनों जान बचाकर खेत में लगे पेड़ पर चढ़कर शोर मचा दिया था। इसके बाद जंगल में काम कर रहे किसानों ने फसलों को घेरकर काफी देर तक खोजबीन की थी, लेकिन कथित तेंदूए का कोई अता पता नहीं लग पाया था।
विज्ञापन
दोनों भाइयों का कहना था कि दो शावकों के साथ गन्ने की फसल से निकले तेंदुए को उन्होंने अच्छी तरह देखा था।
सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम रात होने पर ग्रामीणों को साथ लेकर कई घंटों तक फसल खंगालती रही। लेकिन कथित तेंदूए का कोई पता नहीं चल सका।
हालांकि वन विभाग कथित तेंदूए को फिशिंग कैट बताकर अपना पल्ला झाड़ लिया है। रेंजर अरुण कुमार सिंह का कहना है कि पंजों के जो निशान मिले हैं, उनके आधार पर हमलावर जंगली जानवर फिशिंग कैट प्रजाति से जुड़ा है। जिसे बहुत जल्द पकड़कर हस्तिनापुर जीव जंतु विहार में छुड़वाया जाएगा।
विज्ञापन
शाकरपुर, लडपुरा और भगवंतपुर में सात कुत्तों को अपना निवाला बनाने वाले कथित तेंदूए को वन विभाग फिशिंग कैट बताकर पल्ला झाड़ रहा है। हालांकि ग्रामीण तेंदुए के खौफ से जंगल आने जाने में भी कतराने लगे हैं।
डेढ़ माह के भीतर गंगा खादर से जुड़े मुहम्मदपुर शाकरपुर, भगवंतपुर और लडपुरा में पालतू समेत सात कुत्तों को निवाला बना चुके कथित तेंदूए ने शुक्रवार को किसान सतेंद्र और उसके भाई भूपेंद्र पर खेत में झपट्टा मार दिया था।
विज्ञापन
दोनों जान बचाकर खेत में लगे पेड़ पर चढ़कर शोर मचा दिया था। इसके बाद जंगल में काम कर रहे किसानों ने फसलों को घेरकर काफी देर तक खोजबीन की थी, लेकिन कथित तेंदूए का कोई अता पता नहीं लग पाया था।
विज्ञापन
दोनों भाइयों का कहना था कि दो शावकों के साथ गन्ने की फसल से निकले तेंदुए को उन्होंने अच्छी तरह देखा था।
सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम रात होने पर ग्रामीणों को साथ लेकर कई घंटों तक फसल खंगालती रही। लेकिन कथित तेंदूए का कोई पता नहीं चल सका।
हालांकि वन विभाग कथित तेंदूए को फिशिंग कैट बताकर अपना पल्ला झाड़ लिया है। रेंजर अरुण कुमार सिंह का कहना है कि पंजों के जो निशान मिले हैं, उनके आधार पर हमलावर जंगली जानवर फिशिंग कैट प्रजाति से जुड़ा है। जिसे बहुत जल्द पकड़कर हस्तिनापुर जीव जंतु विहार में छुड़वाया जाएगा।