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भाकियू ने गन्ना विभाग में की तालाबंदी, डीसीओ,समिति सचिव को बनाया बंधक
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भाकियू ने गन्ना विभाग में की तालाबंदी, डीसीओ, समिति सचिव को बनाया बंधक
हापुड़। धौलाना क्षेत्र के 96 किसानों का सत्र 2017-18 का 36 लाख रुपये गन्ना भुगतान न मिलने के विरोध में भाकियू कार्यकर्ताओं ने जिला गन्ना अधिकारी के कार्यालय पर तालाबंदी कर, डीसीओ, समिति सचिव को बंधक बना लिया। करीब पांच घंटे तक कार्यकर्ताओं का विभाग में कब्जा रहा। इस दौरान तहसीलदार, एसडीएम के आश्वासन पर कार्यकर्ता शांत हुए।
भाकियू के राष्ट्रीय सचिव सतवीर सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन और गन्ना विभाग शुगर मिलों के दबाव में आकर काम कर रहा है। कोर्ट के आदेश के बाद भी किसानों को 14 दिन के अंदर भुगतान तो दूर पूरा पैराई सत्र बीतने पर भी भुगतान नहीं मिल सका है। धौलाना क्षेत्र के करीब 96 किसानों का पैराई सत्र 2017-18 का करीब 36 लाख रुपये गन्ना विभाग के अफसरों की लचर कार्यप्रणाली से डूब गया है। गन्ना विभाग ने अपनी गलती छुपाने को मामला कोर्ट तक पहुंचाया और किसानों का पैसा भी दबाकर बैठ गए हैं।
जिलाध्यक्ष धनवीर शास्त्री ने कहा कि महंगाई के दौर में किसान खर्च चलाने के लिए इधर उधर से ब्याज पर पैसा ले रहे हैं, लेकिन गन्ना विभाग के अधिकारी उनका भुगतान कराना मुनासिब नहीं समझ रहे हैं। शासन, प्रशासन मिलों के दबाव में आकर काम कर रहे हैं, जिसके चलते किसानों का शोषण हो रहा है। इसके विरोध में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने नवीन मंडी स्थित जिला गन्ना अधिकारी के कार्यालय पर कब्जा जमा लिया। कार्यालय पर तालाबंदी कर डीसीओ व सचिव को बंधक बना लिया। इस दौरान भारी पुलिस बल भी मौजूद रहा। किसानों का रोष बढ़ता देख तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे, लेकिन कार्यकर्ता डीएम या एसडीएम के आने की मांग पर अड़ गए।
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इसके बाद एसडीएम सत्यप्रकाश सिंह कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचे। किसानों के रोष के बीच एसडीएम ने गन्ना अधिकारियों से वार्ता की और जांच रिपोर्ट एक सप्ताह में सौंपने और किसानों को राहत दिलाने के निर्देश दिए। कार्यकर्ताओं ने एक सप्ताह के अंदर राहत नहीं मिलने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी दी है।
इस मौके पर चौधरी यशवीर सिंह, रामपाल सिंह, कालूराम, नितिन बाना, मुनेश पाल, इंद्रवीर बाना, अमित त्यागी, कुशलपाल आर्य, तेजपाल सिंह, विकास तोमर, सुरेंद्र चौहान, हरेंद्र चौहान, सुरेश चौहान, इंद्रपाल खेड़ा, लव कुमार, एसपी कर्दम, भवेंद्र सिसौदिया आदि मौजूद रहे।
यह है मामला
- जिला गन्ना अधिकारी ओपी सिंह ने बताया कि वर्ष धौलाना सोसायटी से जुड़े किसान ब्रजनाथपुर शुगर मिल पर गन्ना आपूर्ति कर रहे थे। इसी दौरान कुछ किसानों ने फर्जी बांड चलाए जाने की शिकायत की। मामले की जांच में 102 किसान ऐसे मिलें, जिनके पास भूमि नहीं थी और उनका बांड चालू था। एसडीएम धौलाना की कोर्ट में यह मामला विचाराधीन है, इसके चलते इन किसानों का पैसा धौलाना समिति के सुपुर्द कर दिया गया है। बताया कि 22 किसानों ने डीएम कोर्ट में अपील की थी, लेकिन उनकी याचिका खारिज कर दी गई।
उन्होंने बताया कि बिना भूमि किस तरह समिति से बांड चालू रख, पर्चियां जारी की जा रही थी। इसकी भी जांच पड़ताल की जा रही है। एक सप्ताह में रिपोर्ट तैयार हो जाएगी, दोषी मिलने पर समिति के कर्मचारियों पर भी कड़ी कार्रवाई होगी।
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हापुड़। धौलाना क्षेत्र के 96 किसानों का सत्र 2017-18 का 36 लाख रुपये गन्ना भुगतान न मिलने के विरोध में भाकियू कार्यकर्ताओं ने जिला गन्ना अधिकारी के कार्यालय पर तालाबंदी कर, डीसीओ, समिति सचिव को बंधक बना लिया। करीब पांच घंटे तक कार्यकर्ताओं का विभाग में कब्जा रहा। इस दौरान तहसीलदार, एसडीएम के आश्वासन पर कार्यकर्ता शांत हुए।
भाकियू के राष्ट्रीय सचिव सतवीर सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन और गन्ना विभाग शुगर मिलों के दबाव में आकर काम कर रहा है। कोर्ट के आदेश के बाद भी किसानों को 14 दिन के अंदर भुगतान तो दूर पूरा पैराई सत्र बीतने पर भी भुगतान नहीं मिल सका है। धौलाना क्षेत्र के करीब 96 किसानों का पैराई सत्र 2017-18 का करीब 36 लाख रुपये गन्ना विभाग के अफसरों की लचर कार्यप्रणाली से डूब गया है। गन्ना विभाग ने अपनी गलती छुपाने को मामला कोर्ट तक पहुंचाया और किसानों का पैसा भी दबाकर बैठ गए हैं।
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जिलाध्यक्ष धनवीर शास्त्री ने कहा कि महंगाई के दौर में किसान खर्च चलाने के लिए इधर उधर से ब्याज पर पैसा ले रहे हैं, लेकिन गन्ना विभाग के अधिकारी उनका भुगतान कराना मुनासिब नहीं समझ रहे हैं। शासन, प्रशासन मिलों के दबाव में आकर काम कर रहे हैं, जिसके चलते किसानों का शोषण हो रहा है। इसके विरोध में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने नवीन मंडी स्थित जिला गन्ना अधिकारी के कार्यालय पर कब्जा जमा लिया। कार्यालय पर तालाबंदी कर डीसीओ व सचिव को बंधक बना लिया। इस दौरान भारी पुलिस बल भी मौजूद रहा। किसानों का रोष बढ़ता देख तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे, लेकिन कार्यकर्ता डीएम या एसडीएम के आने की मांग पर अड़ गए।
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इसके बाद एसडीएम सत्यप्रकाश सिंह कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचे। किसानों के रोष के बीच एसडीएम ने गन्ना अधिकारियों से वार्ता की और जांच रिपोर्ट एक सप्ताह में सौंपने और किसानों को राहत दिलाने के निर्देश दिए। कार्यकर्ताओं ने एक सप्ताह के अंदर राहत नहीं मिलने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी दी है।
इस मौके पर चौधरी यशवीर सिंह, रामपाल सिंह, कालूराम, नितिन बाना, मुनेश पाल, इंद्रवीर बाना, अमित त्यागी, कुशलपाल आर्य, तेजपाल सिंह, विकास तोमर, सुरेंद्र चौहान, हरेंद्र चौहान, सुरेश चौहान, इंद्रपाल खेड़ा, लव कुमार, एसपी कर्दम, भवेंद्र सिसौदिया आदि मौजूद रहे।
यह है मामला
- जिला गन्ना अधिकारी ओपी सिंह ने बताया कि वर्ष धौलाना सोसायटी से जुड़े किसान ब्रजनाथपुर शुगर मिल पर गन्ना आपूर्ति कर रहे थे। इसी दौरान कुछ किसानों ने फर्जी बांड चलाए जाने की शिकायत की। मामले की जांच में 102 किसान ऐसे मिलें, जिनके पास भूमि नहीं थी और उनका बांड चालू था। एसडीएम धौलाना की कोर्ट में यह मामला विचाराधीन है, इसके चलते इन किसानों का पैसा धौलाना समिति के सुपुर्द कर दिया गया है। बताया कि 22 किसानों ने डीएम कोर्ट में अपील की थी, लेकिन उनकी याचिका खारिज कर दी गई।
उन्होंने बताया कि बिना भूमि किस तरह समिति से बांड चालू रख, पर्चियां जारी की जा रही थी। इसकी भी जांच पड़ताल की जा रही है। एक सप्ताह में रिपोर्ट तैयार हो जाएगी, दोषी मिलने पर समिति के कर्मचारियों पर भी कड़ी कार्रवाई होगी।