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प्रीत विहार बिजलीघर से जुड़ा औद्योगिक क्षेत्र तोड़ रहा दम
Updated Tue, 20 Jun 2017 11:44 PM IST
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प्रीत विहार बिजलीघर से जुड़ा औद्योगिक क्षेत्र तोड़ रहा दम
दिल्ली रोड के औद्योगिक क्षेत्र को बिजली कर्मियों की अनदेखी से लाखों रुपये की चपत लग रही है। प्रीतविहार बिजलीघर बिना किसी कारण ही दिनभर बंद पड़ा रहता है। संबंधित अधिकारी भी फोन उठाना उचित नहीं समझते हैं।
मंगलवार को भी बिजलीघर बंद रहने से गुस्साए उद्यमियों ने निगम अफसरों के घेराव और आंदोलन की चेतावनी दी है। प्रीतविहार बिजलीघर से गांव अच्छैजा, सबली, पूठा, दिल्ली रोड के दर्जनों मोहल्लों सहित औद्योगिक क्षेत्र को बिजली आपूर्ति दी जाती है।
इस बिजलीघर पर तैनात अधिकारियों की अनदेखी से दिल्ली रोड का औद्योगिक क्षेत्र अब दम तोड़ने लगा है। आलम यह है कि मंगलवार को दिनभर प्रीत विहार बिजलीघर बंद पड़ा रहा। ऐसे में हजारों लोगों को गर्मी, पानी की किल्लत झेलनी पड़ी।
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औद्योगिक इकाइयां भी शोपीस बनी रहीं। उद्यमियों ने इस मामले को लेकर संबंधित बिजलीघर को फोन लगाया, लेकिन फोन नहीं रिसीव हुआ। उद्यमियों ने मौके पर जाकर पता करना चाहा तो बिजलीघर पर कोई कर्मचारी उपस्थित नहीं मिला। इसके विरोध में उद्यमियों ने बैठक कर, जल्द इस समस्या से राहत नहीं मिलने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
उद्यमी कपिल अग्रवाल का कहना है कि बिजलीघर पर तैनात जेई जान बूझकर बिजलीघर को बंद रखता है। बिजली के अभाव में उद्योग चौपट हो रहा है। ऐसे कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से हटाया जाना चाहिए।
वहीं हापुड़ स्मॉल स्केल के सचिव अमन गुप्ता ने कहा कि वह निगम अफसरों से काफी समय से औद्योगिक फीडर की मांग उठा रहे हैं लेकिन करोड़ों रुपये का राजस्व देने के बाद भी उन्हें बिजली किल्लत के चलते फैक्ट्रियां बंद रखनी पड़ रही हैं।
इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हापुड़ स्मॉल स्केल के संरक्षक सचिन अग्रवाल का कहना है कि प्रीतविहार बिजलीघर बिना किसी कारण के ही बंद पड़ा रहता है। बिजलीघर पर कोई कर्मचारी भी उपस्थित नहीं रहता। ऐसे में उद्योग चलाना अब काफी मुश्किल हो रहा है।
उद्यमी अशोक छारिया का कहना है कि करोड़ों रुपये का राजस्व देने के बजाय पर्याप्त आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। बिजली निगम के कर्मचारी मुख्यमंत्री के आदेश को ठेंगा दिखा रहे हैं। इसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस संबंध में अधिशासी अभियंता सचिन कुमार का कहना है कि बिजलीघर के बंद रहने का मामला गंभीर है। इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वह मामले की जांच कराएंगे। दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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दिल्ली रोड के औद्योगिक क्षेत्र को बिजली कर्मियों की अनदेखी से लाखों रुपये की चपत लग रही है। प्रीतविहार बिजलीघर बिना किसी कारण ही दिनभर बंद पड़ा रहता है। संबंधित अधिकारी भी फोन उठाना उचित नहीं समझते हैं।
मंगलवार को भी बिजलीघर बंद रहने से गुस्साए उद्यमियों ने निगम अफसरों के घेराव और आंदोलन की चेतावनी दी है। प्रीतविहार बिजलीघर से गांव अच्छैजा, सबली, पूठा, दिल्ली रोड के दर्जनों मोहल्लों सहित औद्योगिक क्षेत्र को बिजली आपूर्ति दी जाती है।
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इस बिजलीघर पर तैनात अधिकारियों की अनदेखी से दिल्ली रोड का औद्योगिक क्षेत्र अब दम तोड़ने लगा है। आलम यह है कि मंगलवार को दिनभर प्रीत विहार बिजलीघर बंद पड़ा रहा। ऐसे में हजारों लोगों को गर्मी, पानी की किल्लत झेलनी पड़ी।
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औद्योगिक इकाइयां भी शोपीस बनी रहीं। उद्यमियों ने इस मामले को लेकर संबंधित बिजलीघर को फोन लगाया, लेकिन फोन नहीं रिसीव हुआ। उद्यमियों ने मौके पर जाकर पता करना चाहा तो बिजलीघर पर कोई कर्मचारी उपस्थित नहीं मिला। इसके विरोध में उद्यमियों ने बैठक कर, जल्द इस समस्या से राहत नहीं मिलने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
उद्यमी कपिल अग्रवाल का कहना है कि बिजलीघर पर तैनात जेई जान बूझकर बिजलीघर को बंद रखता है। बिजली के अभाव में उद्योग चौपट हो रहा है। ऐसे कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से हटाया जाना चाहिए।
वहीं हापुड़ स्मॉल स्केल के सचिव अमन गुप्ता ने कहा कि वह निगम अफसरों से काफी समय से औद्योगिक फीडर की मांग उठा रहे हैं लेकिन करोड़ों रुपये का राजस्व देने के बाद भी उन्हें बिजली किल्लत के चलते फैक्ट्रियां बंद रखनी पड़ रही हैं।
इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हापुड़ स्मॉल स्केल के संरक्षक सचिन अग्रवाल का कहना है कि प्रीतविहार बिजलीघर बिना किसी कारण के ही बंद पड़ा रहता है। बिजलीघर पर कोई कर्मचारी भी उपस्थित नहीं रहता। ऐसे में उद्योग चलाना अब काफी मुश्किल हो रहा है।
उद्यमी अशोक छारिया का कहना है कि करोड़ों रुपये का राजस्व देने के बजाय पर्याप्त आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। बिजली निगम के कर्मचारी मुख्यमंत्री के आदेश को ठेंगा दिखा रहे हैं। इसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस संबंध में अधिशासी अभियंता सचिन कुमार का कहना है कि बिजलीघर के बंद रहने का मामला गंभीर है। इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वह मामले की जांच कराएंगे। दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।