{"_id":"57b47c864f1c1bd66b6ec0d7","slug":"12-villages-will-soon-relieve-from-power-cuts","type":"story","status":"publish","title_hn":"12 गांवों को बिजली कटौती से जल्द मिलेगी राहत ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
12 गांवों को बिजली कटौती से जल्द मिलेगी राहत
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
Updated Wed, 17 Aug 2016 08:33 PM IST
विज्ञापन
आलमनगर में बिजलीघर की आधारशिला रखी
- फोटो : अमर उजाला
बहादुरगढ़ क्षेत्र से जुड़े देहात क्षेत्र में करोड़ों रुपये की लागत से बन रहे सबस्टेशन से 12 गांवों को जल्द बिजली कटौती से राहत मिलने की उम्मीद है। बुधवार को सबस्टेशन के भवन की आधारशिला रखी गई।
विज्ञापन
प्रदेश के मनोरंजन कर मंत्री मदन चौहान ने आलमनगर में सबस्टेशन बनवाने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। शासन से हरी झंडी के बाद बुधवार को ग्राम प्रधान ब्रह्मपाल सिंह चौहान, कंस्ट्रक्शन कंपनी प्रतिनिधि सौरभ नरवाल,
विज्ञापन
पूर्व प्रधान कालीचरण चौहान, सर्वेश चौहान, गन्ना समिति डायरेक्टर समरपाल, दयाचंद, बब्लू, संजीव, निरंजन सिंह, ब्रिजेश ने पांच बीघा भूमि में सबस्टेशन की आधारशिला रखी।
विज्ञापन
बिजलीघर बनने से आलमनगर, नवादा, पूठ, शकराटीला, रहरवा, क्रियावली, शेरपुर, आलापुर, लहडरा, भद्स्याना, पसवाड़ा, मंढैया में रहने वाले हजारों परिवारों बिजली किल्लत से राहत मिलेगी।
कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रबंधक सौरभ नरवाल ने बताया कि आलमनगर में बन रहे सबस्टेशन का निर्माण करीब पांच माह में पूरा कराने का लक्ष्य है। इस निर्माण पर तीन करोड़ खर्च करने का प्रस्ताव है।
एक्सईएन भूपसिंह राघव का कहना है कि आलमनगर में बनाए जा रहे बिजलीघर की क्षमता 10 एमवीए होगी, जिसके जनवरी मेें चालू होने से क्षेत्र के एक दर्जन गांवों को बिजली किल्लत से बड़े स्तर पर निजात मिलनी संभव हो जाएगी।
विधानसभा क्षेत्र के गांवों में जर्जर हो चुके विद्युत तारों को बदलवाने के लिए क्षेत्रीय कांग्रेस विधायक ने प्रणाली योजना के तहत निगम मेरठ के प्रबंध निदेशक से करीब 11 लाख रुपये के कार्य स्वीकृत कराए हैं।
क्षेत्रीय विधायक गजराज सिंह ने बताया कि गांव नूरपुर, नूरपुर मढ़ैय्या, हाफिजपुर, ददायरा, सादिकपुर, अकड़ौली, नवादा, बछलौता, अब्दुल्लापुर मोडी, चितौली, धनौरा, ततारपुर आदि गांवों में कई बार दौरा करने के बाद यहां के ग्रामीणों ने जर्जर तारों की समस्या उनके समक्ष रखी थी।
कई बार शिकायत के बाद भी विद्युत निगम के अफसरों ने ध्यान नहीं दिया। अब प्रणाली सुधार योजना के अंतर्गत प्रबंध निदेशक मेरठ से पैकेज स्वीकृत कराया गया है। इन गांवों के तारों को बदलने पर करीब 11 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।