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रोक के बाद भी पुआल और गन्ने की पती जलाई जा रही
Updated Sat, 10 Nov 2018 01:13 AM IST
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रोक के बाद भी पुआल और गन्ने की जलाई जा रही पत्ती
गढ़मुक्तेश्वर। एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी धान की पुआल और गन्ने की पत्ती जलाने पर रोक नहीं लग पा रही है। मेला स्थल पर ही किसान धड़ल्ले के साथ फसलों के अवशेष जला रहे हैं।
धान की पुआल, गन्ने की पत्ती समेत फसलों के अवशेष जलाने से वायुमंडल में कार्बन मोनोऑक्साइड और कार्बन डाई ऑक्साइड जैसी हानिकारक गैस फैल जाती हैं, जिनसे ओजोन परत को बड़े स्तर पर नुकसान पहुंच होता है। वहीं फसलों का उत्पादन प्रभावित होता है। बढ़ते प्रदूषण के मद्देनजर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल समेत सुप्रीम कोर्ट ने धान की पुआल, गन्ने की जड़ और पत्ती जलाने पर रोक लगाने के साथ ही उल्लंघन करने वालों से जुर्माना वसूलने का आदेश दिया था। लेकिन अज्ञानता और रूढ़िवादी खेती प्रथा के चलते किसान मनमानी से रुकने को तैयार नहीं हैं।
कृषि विभाग के प्राविधिक सहायक सतीश चंद्र शर्मा का कहना है कि धान की पुआल, गन्ने की जड़, पत्ती और फसलों के अवशेष जलाने पर इनसे निकलने वाली हानिकारक गैस इंसानी और पशु-पक्षियों की जिंदगी के साथ ही फसलों की उन्नत पैदावार के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही हैं।
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कोट ोतहसीलदार मनोज कुमार का कहना है कि पुआल समेत फसलों के अवशेष जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने को विशेष अभियान चलाया जाएगा।
कुलदीप भारद्वाज
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गढ़मुक्तेश्वर। एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी धान की पुआल और गन्ने की पत्ती जलाने पर रोक नहीं लग पा रही है। मेला स्थल पर ही किसान धड़ल्ले के साथ फसलों के अवशेष जला रहे हैं।
धान की पुआल, गन्ने की पत्ती समेत फसलों के अवशेष जलाने से वायुमंडल में कार्बन मोनोऑक्साइड और कार्बन डाई ऑक्साइड जैसी हानिकारक गैस फैल जाती हैं, जिनसे ओजोन परत को बड़े स्तर पर नुकसान पहुंच होता है। वहीं फसलों का उत्पादन प्रभावित होता है। बढ़ते प्रदूषण के मद्देनजर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल समेत सुप्रीम कोर्ट ने धान की पुआल, गन्ने की जड़ और पत्ती जलाने पर रोक लगाने के साथ ही उल्लंघन करने वालों से जुर्माना वसूलने का आदेश दिया था। लेकिन अज्ञानता और रूढ़िवादी खेती प्रथा के चलते किसान मनमानी से रुकने को तैयार नहीं हैं।
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कृषि विभाग के प्राविधिक सहायक सतीश चंद्र शर्मा का कहना है कि धान की पुआल, गन्ने की जड़, पत्ती और फसलों के अवशेष जलाने पर इनसे निकलने वाली हानिकारक गैस इंसानी और पशु-पक्षियों की जिंदगी के साथ ही फसलों की उन्नत पैदावार के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही हैं।
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कोट ोतहसीलदार मनोज कुमार का कहना है कि पुआल समेत फसलों के अवशेष जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने को विशेष अभियान चलाया जाएगा।
कुलदीप भारद्वाज