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गांवों में विकास कार्यों की जांच करेगी लोकल टीम
Updated Sat, 23 Dec 2017 12:18 AM IST
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गांवों में विकास कार्यों की जांच करेगी लोकल टीम
- विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए करेगी निगरानी
- अधिकारी और स्थानीय ग्रामीण होंगे टीम के सदस्य, 15 दिन के अंदर सौपेंगे रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
हापुड़। ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले विकास कार्यों में अब धांधली नहीं हो सकेगी। शासन द्वारा लागू नई व्यवस्था के तहत अब गांवों में होने वाले विकास कार्यों की निगरानी लोकल टीम करेगी। टीम में अधिकारियों के साथ स्थानीय ग्रामीणों को भी शामिल किया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले विकास कार्यों में प्रधानों पर आए दिन धांधली के आरोप लगते रहे हैं। कुछ आरोप ग्रामीण क्षेत्रों की आपसी राजनीति को लेकर होते हैं लेकिन कुछ मामलों में वास्तविक तौर पर अनियमितताएं बरती जाती हैें। विकास कार्यों में होने वाले निर्माण कार्यों मेें किसी प्रकार की धांधली न हो इसके लिए शासन द्वारा लोकल टीम गठित करने के आदेश दिए गए हैं। इस टीम में मंडल स्तर के अधिकारियों के साथ लोकल स्तर पर ग्रामीणों को भी शामिल किया गया है। गांवों में विकास कार्यों के शुरू होने पर ये टीमें इसकी निगरानी करेंगी। निर्माण गुणवत्ता के अनुसार हो रहा है या नहीं इसका ध्यान रखेंगी। फिलहाल शासन ने इस योजना को प्रत्येक जिले में दस बड़ी ग्राम पंचायतों में लागू किया है। टीमें कार्य पूरा होने के पंद्रह दिन बाद अपनी रिपोर्ट कमिश्नर और कमिश्नर इस रिपोर्ट को शासन को भेजेंगे। कार्य में किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो उच्च स्तरीय जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। सीडीओ दीपा रंजन का कहना है कि विकास कार्यों में किसी प्रकार की धांधली न हो और पारदर्शिता बरती जाए। इसके लिए इस प्रकार की व्यवस्थाएं शासन की ओर से की गई हैं।
- विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए करेगी निगरानी
- अधिकारी और स्थानीय ग्रामीण होंगे टीम के सदस्य, 15 दिन के अंदर सौपेंगे रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
हापुड़। ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले विकास कार्यों में अब धांधली नहीं हो सकेगी। शासन द्वारा लागू नई व्यवस्था के तहत अब गांवों में होने वाले विकास कार्यों की निगरानी लोकल टीम करेगी। टीम में अधिकारियों के साथ स्थानीय ग्रामीणों को भी शामिल किया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले विकास कार्यों में प्रधानों पर आए दिन धांधली के आरोप लगते रहे हैं। कुछ आरोप ग्रामीण क्षेत्रों की आपसी राजनीति को लेकर होते हैं लेकिन कुछ मामलों में वास्तविक तौर पर अनियमितताएं बरती जाती हैें। विकास कार्यों में होने वाले निर्माण कार्यों मेें किसी प्रकार की धांधली न हो इसके लिए शासन द्वारा लोकल टीम गठित करने के आदेश दिए गए हैं। इस टीम में मंडल स्तर के अधिकारियों के साथ लोकल स्तर पर ग्रामीणों को भी शामिल किया गया है। गांवों में विकास कार्यों के शुरू होने पर ये टीमें इसकी निगरानी करेंगी। निर्माण गुणवत्ता के अनुसार हो रहा है या नहीं इसका ध्यान रखेंगी। फिलहाल शासन ने इस योजना को प्रत्येक जिले में दस बड़ी ग्राम पंचायतों में लागू किया है। टीमें कार्य पूरा होने के पंद्रह दिन बाद अपनी रिपोर्ट कमिश्नर और कमिश्नर इस रिपोर्ट को शासन को भेजेंगे। कार्य में किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो उच्च स्तरीय जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। सीडीओ दीपा रंजन का कहना है कि विकास कार्यों में किसी प्रकार की धांधली न हो और पारदर्शिता बरती जाए। इसके लिए इस प्रकार की व्यवस्थाएं शासन की ओर से की गई हैं।
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