{"_id":"5c2d04d9bdec2256c822b8cf","slug":"101546454233-hapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले के डेढ़ लाख लोगों में खोजे जाएंगे टीबी पॉजीटिव मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले के डेढ़ लाख लोगों में खोजे जाएंगे टीबी पॉजीटिव मरीज
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले के डेढ़ लाख लोगों में खोजे जाएंगे टीबी पॉजीटिव मरीज
हापुड़। जिले से टीबी के खत्मे को लेकर 7 जनवरी से स्वास्थ्य विभाग की 58 टीमें घर-घर जाकर 1.50 लाख लोगों के स्वास्थ्य की जांच करेगी। पॉजीटिव मरीजों का इलाज किया जाएगा। अभियान का चौथा चरण 10 दिन तक जारी रहेगा।
जिला क्षय रोग अधिकारी डा. राजेश सिंह ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2025 तक देश को टीबी मुक्त करने का निर्णय लिया है। जिले में टीबी के मरीजों की संख्या करीब 2500 है, जिन्हें सुगम उपचार दिया जा रहा है।
जिले की 14 लाख आबादी में अभी भी बहुत से टीबी पीड़ित रह रहे हैं, जो अन्य लोगों को भी संक्रमित कर रहे हैं। इन मरीजों की खोजबीन के लिए 7 जनवरी से 10 दिन तक सघन अभियान चलाया जाएगा। जिले की कुुल आबादी के 10 फीसदी (1.50 लाख) लोगों के स्वास्थ्य की जांच की जाएगी।
विज्ञापन
पीपीएम समन्वयक सुशील चौधरी ने बताया कि अभियान के दौरान संदिग्ध मरीजों के बलगम का सैंपल माइक्रोस्कोपी लैब में टेस्ट कराया जाएगा। पॉजीटिव मिलने पर मरीज को अच्छा इलाज दिया जाएगा। मरीज को इलाज के लिए अस्पताल आने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, उसे घर जाकर ही दवा खिलाई जाएगी। इस दौरान डा.योगेश गुप्ता, नीरज, डा.अभिषेक यादव मौजूद रहे।
हापुड़। जिले से टीबी के खत्मे को लेकर 7 जनवरी से स्वास्थ्य विभाग की 58 टीमें घर-घर जाकर 1.50 लाख लोगों के स्वास्थ्य की जांच करेगी। पॉजीटिव मरीजों का इलाज किया जाएगा। अभियान का चौथा चरण 10 दिन तक जारी रहेगा।
जिला क्षय रोग अधिकारी डा. राजेश सिंह ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2025 तक देश को टीबी मुक्त करने का निर्णय लिया है। जिले में टीबी के मरीजों की संख्या करीब 2500 है, जिन्हें सुगम उपचार दिया जा रहा है।
विज्ञापन
जिले की 14 लाख आबादी में अभी भी बहुत से टीबी पीड़ित रह रहे हैं, जो अन्य लोगों को भी संक्रमित कर रहे हैं। इन मरीजों की खोजबीन के लिए 7 जनवरी से 10 दिन तक सघन अभियान चलाया जाएगा। जिले की कुुल आबादी के 10 फीसदी (1.50 लाख) लोगों के स्वास्थ्य की जांच की जाएगी।
विज्ञापन
पीपीएम समन्वयक सुशील चौधरी ने बताया कि अभियान के दौरान संदिग्ध मरीजों के बलगम का सैंपल माइक्रोस्कोपी लैब में टेस्ट कराया जाएगा। पॉजीटिव मिलने पर मरीज को अच्छा इलाज दिया जाएगा। मरीज को इलाज के लिए अस्पताल आने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, उसे घर जाकर ही दवा खिलाई जाएगी। इस दौरान डा.योगेश गुप्ता, नीरज, डा.अभिषेक यादव मौजूद रहे।