{"_id":"68bdd18a2128b39f400f86a4","slug":"women-set-up-their-own-company-making-one-thousand-people-self-reliant-hamirpur-news-c-12-1-gkp1012-1258285-2025-09-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur News: महिलाओं ने खड़ी की खुद की कंपनी, एक हजार को बना रहीं आत्मनिर्भर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur News: महिलाओं ने खड़ी की खुद की कंपनी, एक हजार को बना रहीं आत्मनिर्भर
Mon, 08 Sep 2025 12:10 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Mon, 08 Sep 2025 12:10 AM IST
विज्ञापन
फोटो 07 एचएएमपी 07 - किसानों से अनाज की खरीद करतीं समूह की महिलाएं। स्रोत-स्वयं।
हमीरपुर। प्रतिजा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी ने बुंदेलखंड की महिलाओं में आर्थिक आजादी और निर्णय लेने की क्षमता जगाई है। पहले जो महिलाएं परिवार तक सीमित रहती थीं, वह अब गांव और बाजार दोनों में अहम भूमिका निभा रही हैं। यह बदलाव केवल खेती तक सीमित नहीं, बल्कि एफपीओ महिलाओं के नेतृत्व, आत्मनिर्भरता और संगठन शक्ति की नई कहानी गढ़ रहा है। यही कारण है कि कंपनी का सालाना टर्नओवर 65 लाख रुपये तक पहुंच गया है। इससे एक हजार महिलाओं को जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।
सात सितंबर 2023 को राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत विकासखंड मुस्करा कस्बा में प्रतिजा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी की स्थापना हुई थी। शुरुआत पांच बोर्ड महिला सदस्यों और पांच प्रमोटरों के साथ की गई थी। कंपनी का मकसद सिर्फ कृषि उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि गांव की महिलाओं को निर्णय लेने और अपने संसाधनों पर मालिकाना हक दिलाना भी था।
शुरुआत में ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया (टीआरआई) फाउंडेशन ने तकनीकी सहयोग दिया। उन्होंने बोर्ड प्रबंधन, एफपीओ की महत्ता, और कानूनी अनुपालनों पर प्रशिक्षण दिया। कंपनी ने 2023-24 में सभी आवश्यक लाइसेंस और कंप्लायंस पूरे किए और 500 से अधिक महिला सदस्य जोड़े।
विज्ञापन
कंपनी ने महिलाओं और किसानों को अंदरूनी सपोर्ट दिया और प्रशिक्षण में उन्हें संतुलित उर्वरक उपयोग और ऑर्गेनिक क्लस्टर बनाने के तरीकों की जानकारी दी। साथ ही कंपनी ने गेहूं और धान की खरीद शुरू की। उन्नत बीज, खाद, उर्वरक, और तकनीकी सहयोग मिलने से किसानों को बिचौलियों से छुटकारा मिला और उन्हें सीधे लाभ मिला। यही कारण रहा कि अगले साल महिला सदस्यों की संख्या बढ़कर एक हजार हो गई। संवाद
-- -- -- -- -- -- -- -- -
छोटे-छोटे किसानों को जोड़कर बनाए एक हजार सदस्य
कंपनी की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर प्रतिजा सिंह ने बताया कि कंपनी छोटे-छोटे किसानों को जोड़कर एक हजार सदस्य बनाए हैं। कंपनी मिट्टी जांच से लेकर, खाद, बीज व कीटनाशक आदि महिला किसानों को उचित दामों पर उपलब्ध कराती है। साथ ही उनका अनाज भी खरीदती है। इन सेंटरों के जरिए किसान सीधे मंडी भाव पर अपनी फसल बेच रहे हैं। साल में कंपनी जो इनकम करती है, उसका लाभ सभी सदस्यों के खातों में भेजा जाता है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -
अभी कोई खास इनकम नहीं, समय लगेगा
डायरेक्टर अभिलाषा द्विवेदी ने बताया कि कंपनी में पांच महिलाओं को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर बनाया गया है। सभी ने 11-11 हजार रुपये अपनी शेयर पूंजी जमा की है। साथ ही 1000 महिला सदस्यों से एक-एक हजार रुपये शेयर पूंजी जमा कराई गई है। इन महिला किसान सदस्यों का अनाज सीधे कंपनी खरीदती है। साथ ही समय से उन्हें खाद, बीज आदि उपलब्ध कराती है। अभी कोई खास इनकम नहीं है। इसमें समय लगेगा।
-- -- -- -- -- -- -- -- -
घर बैठे मोबाइल एप से तकनीकी सेवाएं कर सकते ऑर्डर
प्रतिजा फार्मर कंपनी ने टीआरआई के सहयोग से DeHaat.com के साथ साझेदारी शुरू की। अब महिलाएं और किसान घर बैठे मोबाइल एप से खाद, बीज और तकनीकी सेवाएं ऑर्डर कर सकते हैं। साथ ही एनसीबी कंपनी के साथ मिलकर 12 लाख की लागत से एक बाॅयो फर्टिलाइजर यूनिट की स्थापना की जा रही है। टीआरआई के सहयोग से कंपनी ने सरसों तेल की स्थानीय मिल भी स्थापित करने की योजना है, ताकि अपना ब्रांडेड सरसों तेल बाजार में उतारा जा सके।
- प्रशांत मिश्रा, जिला मिशन प्रबंधक।
विज्ञापन
सात सितंबर 2023 को राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत विकासखंड मुस्करा कस्बा में प्रतिजा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी की स्थापना हुई थी। शुरुआत पांच बोर्ड महिला सदस्यों और पांच प्रमोटरों के साथ की गई थी। कंपनी का मकसद सिर्फ कृषि उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि गांव की महिलाओं को निर्णय लेने और अपने संसाधनों पर मालिकाना हक दिलाना भी था।
विज्ञापन
शुरुआत में ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया (टीआरआई) फाउंडेशन ने तकनीकी सहयोग दिया। उन्होंने बोर्ड प्रबंधन, एफपीओ की महत्ता, और कानूनी अनुपालनों पर प्रशिक्षण दिया। कंपनी ने 2023-24 में सभी आवश्यक लाइसेंस और कंप्लायंस पूरे किए और 500 से अधिक महिला सदस्य जोड़े।
विज्ञापन
कंपनी ने महिलाओं और किसानों को अंदरूनी सपोर्ट दिया और प्रशिक्षण में उन्हें संतुलित उर्वरक उपयोग और ऑर्गेनिक क्लस्टर बनाने के तरीकों की जानकारी दी। साथ ही कंपनी ने गेहूं और धान की खरीद शुरू की। उन्नत बीज, खाद, उर्वरक, और तकनीकी सहयोग मिलने से किसानों को बिचौलियों से छुटकारा मिला और उन्हें सीधे लाभ मिला। यही कारण रहा कि अगले साल महिला सदस्यों की संख्या बढ़कर एक हजार हो गई। संवाद
छोटे-छोटे किसानों को जोड़कर बनाए एक हजार सदस्य
कंपनी की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर प्रतिजा सिंह ने बताया कि कंपनी छोटे-छोटे किसानों को जोड़कर एक हजार सदस्य बनाए हैं। कंपनी मिट्टी जांच से लेकर, खाद, बीज व कीटनाशक आदि महिला किसानों को उचित दामों पर उपलब्ध कराती है। साथ ही उनका अनाज भी खरीदती है। इन सेंटरों के जरिए किसान सीधे मंडी भाव पर अपनी फसल बेच रहे हैं। साल में कंपनी जो इनकम करती है, उसका लाभ सभी सदस्यों के खातों में भेजा जाता है।
अभी कोई खास इनकम नहीं, समय लगेगा
डायरेक्टर अभिलाषा द्विवेदी ने बताया कि कंपनी में पांच महिलाओं को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर बनाया गया है। सभी ने 11-11 हजार रुपये अपनी शेयर पूंजी जमा की है। साथ ही 1000 महिला सदस्यों से एक-एक हजार रुपये शेयर पूंजी जमा कराई गई है। इन महिला किसान सदस्यों का अनाज सीधे कंपनी खरीदती है। साथ ही समय से उन्हें खाद, बीज आदि उपलब्ध कराती है। अभी कोई खास इनकम नहीं है। इसमें समय लगेगा।
घर बैठे मोबाइल एप से तकनीकी सेवाएं कर सकते ऑर्डर
प्रतिजा फार्मर कंपनी ने टीआरआई के सहयोग से DeHaat.com के साथ साझेदारी शुरू की। अब महिलाएं और किसान घर बैठे मोबाइल एप से खाद, बीज और तकनीकी सेवाएं ऑर्डर कर सकते हैं। साथ ही एनसीबी कंपनी के साथ मिलकर 12 लाख की लागत से एक बाॅयो फर्टिलाइजर यूनिट की स्थापना की जा रही है। टीआरआई के सहयोग से कंपनी ने सरसों तेल की स्थानीय मिल भी स्थापित करने की योजना है, ताकि अपना ब्रांडेड सरसों तेल बाजार में उतारा जा सके।
- प्रशांत मिश्रा, जिला मिशन प्रबंधक।

फोटो 07 एचएएमपी 07 - किसानों से अनाज की खरीद करतीं समूह की महिलाएं। स्रोत-स्वयं।

फोटो 07 एचएएमपी 07 - किसानों से अनाज की खरीद करतीं समूह की महिलाएं। स्रोत-स्वयं।