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खत्म होगी बिजली की आवाजाही की परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो, हमीरपुर
Updated Sat, 15 Oct 2016 11:50 PM IST
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मुख्यालय में बिजली की अंडर ग्राउंड लाइन के लिए गड्ढा खोदते कंपनी के मजदूर।
- फोटो : अमर उजाला
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हवा चलने पर होने वाली बिजली की ट्रिपिंग उपभोक्ताओं क ो अब नहीं रुलाएगी। इस समस्या का हल पावर कारपोरेशन ने ढूंढ लिया है। त्वरित आर्थिक विकास योजना से शहर मेें अंडर ग्राउंड डालने की शुरुआत हो गई है। शनिवार को कार्यदायी संस्था के कर्मचारियों ने पुराने तहसील ग्राउंड में हवन पूजन कर काम शुरू कर दिया है। इस काम से उपभोक्ताओं के कनेक्शनों की केबिलें भी अंडर ग्राउंड हो जाएंगी। कुछ महीने बाद सड़कों, गली मोहल्लों में सिर्फ ट्रांसफार्मर ही दिखेंगे। बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की कई योजनाएं पावर कारपोरेशन ने चलाईं पर पोलों पर बिजली की केबिल मकड़जाल की तरह फैली रहीं। जरा सी हवा चली और इनके आपस में टकराने, टूटने से ट्रिपिंग की समस्या गहराई।
हालांकि शासन ने विद्युत बिलिंग ऑनलाइन करने के साथ इसमें नई लाइनें, खंभे व ट्रांसफार्मर लगाकर उनमें मॉडम लगाने का कार्य किया है। मुख्यालय में भूमिगत लाइन डालने की कवायद तेज कर दी गई है। लाइनों को अंडर ग्राउंड करने का काम दिल्ली की केईआई इंडस्ट्रीज लि. को सौंपा गया है। इसके लिए सात करोड़ 22 लाख 69 हजार रुपये भी शासन ने कंपनी को आवंटित किए हैं। इसी तरह महोबा और चरखारी कस्बों में अंडर ग्राउंड लाइन बिछाने का काम मेसर्स इंडस्ट्रियल इलेक्ट्रिकल चांदनी चौक दिल्ली को दिया गया है।
इन कार्यो पर 52 करोड़ 11 लाख 22 हजार 457 रुपये खर्च होंगे। फिलहाल इस कंपनी को 37 करोड़ एक लाख 61 हजार रुपये अवमुक्त कर दिए हैें। घरों तक जाने वाले केबिल भी रहेगी भूमिगत त्वरित विकास योजना से एचटी व एलटी लाइनें भूमिगत की जाएंगी। केवल ट्रांसफार्मर ही सड़कों व गली कूचों पर रखे दिखाई देंगे। यहां तक कि उपभोक्ताओं के घरों को जाने वाली केबिल भी अंडर गाउंड हो जाएगी। भूमिगत केबिल का फाल्ट बताएगी मशीन लाइनमैन अब सीढ़ी लेकर सड़कों पर टहलते नहीं मिलेंगे और न ही वह खंभों में चढ़ेंगे, बल्कि अंडर ग्राउंड लाइनों में आने वाले फाल्ट को ढूंढने के लिए हाथ में मशीन लेकर चलेंगे।
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जिस स्थान पर फाल्ट होगा मशीन बीप की आवाज कर बता देगी। वहीं पर खुदाई कर उसे ठीक कर दिया जाएगा। शहर में अंडर ग्राउंड लाइन को बिछाने का काम संबंधित कंपनी केईआई ने शनिवार से शुरू कर दिया है। अंडर ग्राउंड लाइन का कार्य के लिए शासन स्तर से कंपनी को सात करोड़ 22 लाख 69 हजार रुपये आवंटित किए हैं। इस कार्य के पूरा हो जाने से फाल्ट जैसी दिक्कतों के साथ होने वाले हादसे नहीं होंगे। कंपनी इस कार्य क ो अगले नौ महीने में पूरा करेगी। एससी श्रीवास्तव, अधिशाषी अभियंता पावर कारपोरेशन
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हालांकि शासन ने विद्युत बिलिंग ऑनलाइन करने के साथ इसमें नई लाइनें, खंभे व ट्रांसफार्मर लगाकर उनमें मॉडम लगाने का कार्य किया है। मुख्यालय में भूमिगत लाइन डालने की कवायद तेज कर दी गई है। लाइनों को अंडर ग्राउंड करने का काम दिल्ली की केईआई इंडस्ट्रीज लि. को सौंपा गया है। इसके लिए सात करोड़ 22 लाख 69 हजार रुपये भी शासन ने कंपनी को आवंटित किए हैं। इसी तरह महोबा और चरखारी कस्बों में अंडर ग्राउंड लाइन बिछाने का काम मेसर्स इंडस्ट्रियल इलेक्ट्रिकल चांदनी चौक दिल्ली को दिया गया है।
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इन कार्यो पर 52 करोड़ 11 लाख 22 हजार 457 रुपये खर्च होंगे। फिलहाल इस कंपनी को 37 करोड़ एक लाख 61 हजार रुपये अवमुक्त कर दिए हैें। घरों तक जाने वाले केबिल भी रहेगी भूमिगत त्वरित विकास योजना से एचटी व एलटी लाइनें भूमिगत की जाएंगी। केवल ट्रांसफार्मर ही सड़कों व गली कूचों पर रखे दिखाई देंगे। यहां तक कि उपभोक्ताओं के घरों को जाने वाली केबिल भी अंडर गाउंड हो जाएगी। भूमिगत केबिल का फाल्ट बताएगी मशीन लाइनमैन अब सीढ़ी लेकर सड़कों पर टहलते नहीं मिलेंगे और न ही वह खंभों में चढ़ेंगे, बल्कि अंडर ग्राउंड लाइनों में आने वाले फाल्ट को ढूंढने के लिए हाथ में मशीन लेकर चलेंगे।
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जिस स्थान पर फाल्ट होगा मशीन बीप की आवाज कर बता देगी। वहीं पर खुदाई कर उसे ठीक कर दिया जाएगा। शहर में अंडर ग्राउंड लाइन को बिछाने का काम संबंधित कंपनी केईआई ने शनिवार से शुरू कर दिया है। अंडर ग्राउंड लाइन का कार्य के लिए शासन स्तर से कंपनी को सात करोड़ 22 लाख 69 हजार रुपये आवंटित किए हैं। इस कार्य के पूरा हो जाने से फाल्ट जैसी दिक्कतों के साथ होने वाले हादसे नहीं होंगे। कंपनी इस कार्य क ो अगले नौ महीने में पूरा करेगी। एससी श्रीवास्तव, अधिशाषी अभियंता पावर कारपोरेशन