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हादसे में दो मौतों के बाद शादी भी टली
ब्यूरो, अमर उजाला हमीरपुर
Updated Sat, 26 Nov 2016 12:29 AM IST
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अतरार गांव में मृतक अरुण के घर में गुमसुम बैठीं महिलाएं।
- फोटो : Amar ujala
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गुरुवार को सड़क हादसे में हुईं दो मौतों से अतरार गांव में मातम का माहौल है। शुक्रवार को पीड़ित परिवार को सांत्वना देने लोगों का आना जाना लगा रहा। शादी की खुशियां मातम में बदल गई हैं। तिलक के बाद शादी भी टल गई है। हादसे में मृत अरुण उर्फ रामदयाल तिवारी के शव का आज गांव में अंतिम संस्कार किया गया। वहीं, फतेहपुर निवासी आकाश सिंह के शव को परिजन अपने गांव ले गए।
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छानी से चार किमी दूर अतरार गांव के कृपाशंकर तिवारी मौजूदा समय में कुरारा विकासखंड में ग्राम विकास अधिकारी के पद पर तैनात हैं। उनके सबसे छोटे बेटे धीरेंद्र उर्फ धीरू की शादी 30 नवंबर को होनी थी। गुरुवार को छानी गांव के शिवहरे गेस्ट हाउस से तिलक था। जिसकी तैयारी में पूरा परिवार लगा था। धीरेंद्र का बड़ा भाई संजय तिवारी, चचेरा भाई अरुण उर्फ रामदयाल व दोस्त आकाश सिंह निवासी गुंदेला फतेहपुर, रिश्तेदार अवनीश मिश्रा व राघवेंद्र द्विवेदी निवासी बिंदकी फतेहपुर सुबह हमीरपुर सब्जी, पनीर आदि सामान खरीदने के लिए बोलेरो से गए थे। वहां से वापसी के दौरान कुंड़ौरा गांव के निकट कानपुर-सागर हाइवे पर बोलेरो और डंपर की टक्कर में अरुण व आकाश की मौत हो गई।
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जबकि अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। जिनका कानपुर के प्रखर हास्पिटल में इलाज हुआ। संजय व राघवेंद्र को इलाज के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया। जबकि अवनीश मिश्रा का नाक में गंभीर चोट होने के चलते अभी भी इलाज चल रहा है। चिकित्सकों ने उसे भी खतरे से बाहर बताया है। शुक्रवार को मृतक अरुण के शव का गांव में अंतिम संस्कार किया गया। वहीं, आकाश के परिजन भी उसके शव को लेकर अपने घर चले गए। घटना के बाद से अतरार, गुंदेला फतेहपुर व लड़की पक्ष में भी मातम छाया है। शादी को फिलहाल टाल दिया गया है। शादी कब होगी इसको लेकर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है।
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अरुण के पिता व भाई की भी हो चुकी मौत
अरुण तिवारी चार भाइयाें में सबसे छोटा था। उसके पिता बृजकिशोर तिवारी का निधन 2013 में ब्रेन हेमरेज से हो गया था। वहीं, तीसरे नंबर के भाई अनिल का देहांत कैंसर के चलते दो वर्ष पूर्व हो चुका है। वह अपने भाइयाें के साथ खेती में हाथ बंटाता था। उसके शव का अंतिम संस्कार सुबह साढ़े नौ बजे किया गया। हजारों की संख्या में ग्रामीण व नाते रिश्तेदार अंतिम संस्कार में मौजूद रहे। ग्रामीण उसके मिलनसार स्वभाव की तारीफ करते नहीं थक रहे थे।
कानपुर में रहकर सभी ने की तैयारी
धीरेंद्र तिवारी कोटा राजस्थान में ज्योग्राफिकल इन्फार्मेशन सिस्टम में कार्यरत है। दुर्घटना का शिकार हुए तीनाें दोस्त कानपुर में रहकर तैयारी कर रहे थे। धीरेंद्र ने बताया कि नौकरी से पहले वह कानपुर में रहकर तैयारी कर रहा था। तभी इन लोगों से दोस्ती हो गई। तीन दिन पूर्व तिलक में मिलने वाली कार को पसंद करने वह कानपुर गया था। वहीं, उसने दोस्तों को भी फोन कर बुला लिया। तभी से सब एक साथ गांव आए थे।