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Hamirpur News: जालौन के विवेक ने भेड़ी के आशीष को दी पटकनी
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- महावीर मंदिर में हुआ दंगल का आयोजन, पहलवानों ने दिखाए दांव-पेंच
फोटो 28 एचएएमपी- 28 दंगल में दांव पेंच दिखाते पहलवान। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर शहर के हाथी दरवाजा स्थित प्रसिद्ध श्री महावीर मंदिर परिसर में पारंपरिक दंगल का आयोजन किया गया। दंगल में विभिन्न जनपदों से आए पहलवानों ने अखाड़े में उतरकर अपने दांवपेंच दिखाए। पहली कुश्ती जालौन के विवेक और भेड़ी के आशीष के बीच हुई। इसमें जालौन पहलवान ने अपने प्रतिद्वंदी को हराकर मुकाबला जीत लिया।
शुक्रवार को कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों ने पहलवानों के हाथ मिलवाकर किया। पहला मुकाबला भेड़ी के आशीष और जालौन के बड़ागांव निवासी विवेक के बीच हुआ। इसमें जालौन पहलवान ने अपने प्रतिद्वंदी को हराकर मुकाबला जीत लिया। वहीं बरुआ के मोहित और खप्टिहा बांदा के छोटू, कैथी के रामबाबू और खरौंज के गोविंद तथा बड़ागांव जालौन के उपेंद्र और कानपुर देहात के संगम पहलवान के बीच हुए मुकाबले बराबरी पर छूटे।
पूर्व चेयरमैन शत्रुघ्न सिंह ने कहा कि रक्षाबंधन के पर्व पर दंगल की परंपरा भारतीय संस्कृति, ग्रामीण खेल परंपरा और खेल भावना का प्रतीक है। कुश्ती जैसे पारंपरिक खेल युवाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने के साथ ही उन्हें नशे एवं विभिन्न सामाजिक कुरीतियों से दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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वहीं विजयी पहलवानों को कमेटी द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
इस मौके पर पूर्व सभासद इंद्रपाल सेंगर, अभिषेक सिंह, उमेश श्रीवास्तव, बउवा ठाकुर सहित बड़ी संख्या स्थानीय लोग मौजूद रहे।
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फोटो 28 एचएएमपी- 28 दंगल में दांव पेंच दिखाते पहलवान। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर शहर के हाथी दरवाजा स्थित प्रसिद्ध श्री महावीर मंदिर परिसर में पारंपरिक दंगल का आयोजन किया गया। दंगल में विभिन्न जनपदों से आए पहलवानों ने अखाड़े में उतरकर अपने दांवपेंच दिखाए। पहली कुश्ती जालौन के विवेक और भेड़ी के आशीष के बीच हुई। इसमें जालौन पहलवान ने अपने प्रतिद्वंदी को हराकर मुकाबला जीत लिया।
शुक्रवार को कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों ने पहलवानों के हाथ मिलवाकर किया। पहला मुकाबला भेड़ी के आशीष और जालौन के बड़ागांव निवासी विवेक के बीच हुआ। इसमें जालौन पहलवान ने अपने प्रतिद्वंदी को हराकर मुकाबला जीत लिया। वहीं बरुआ के मोहित और खप्टिहा बांदा के छोटू, कैथी के रामबाबू और खरौंज के गोविंद तथा बड़ागांव जालौन के उपेंद्र और कानपुर देहात के संगम पहलवान के बीच हुए मुकाबले बराबरी पर छूटे।
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पूर्व चेयरमैन शत्रुघ्न सिंह ने कहा कि रक्षाबंधन के पर्व पर दंगल की परंपरा भारतीय संस्कृति, ग्रामीण खेल परंपरा और खेल भावना का प्रतीक है। कुश्ती जैसे पारंपरिक खेल युवाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने के साथ ही उन्हें नशे एवं विभिन्न सामाजिक कुरीतियों से दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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वहीं विजयी पहलवानों को कमेटी द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
इस मौके पर पूर्व सभासद इंद्रपाल सेंगर, अभिषेक सिंह, उमेश श्रीवास्तव, बउवा ठाकुर सहित बड़ी संख्या स्थानीय लोग मौजूद रहे।