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राजकीय मॉडल विद्यालय में सुविधाओं का टोटा
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गहरौली(हमीरपुर)। इमिलिया स्थित पं.दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल विद्यालय में शिक्षकों का टोटा है। विद्यालय में 640 छात्र-छात्राओं को पढ़ाने के लिए मौजूदा समय में प्रधानाचार्य समेत कुल तीन शिक्षक हैं। फर्नीचर के नाम कुछ बेंच ही हैं, ऐसे में अधिकांश छात्रों को जमीन पर बैठकर पढ़ना पड़ रहा है। शिक्षण कार्य व्यवस्थित करने के लिए प्रधानाचार्य ने छात्रों से मिलने वाली फीस से कुछ प्राइवेट शिक्षक रखे हैं।
इमिलिया में वर्ष 2014-15 में राजकीय मॉडल विद्यालय का निर्माण करवाया गया था। लेकिन किन्हीं कारणों से वर्ष 2017-18 में पं. दीनदयाल उपाध्याय मॉडल स्कूल का नाम से इंटर कालेज संचालित किया गया। इधर-उधर के कालेजों के अध्यापकों को संबद्ध कर जैसे-तैसे शिक्षण कार्य प्रारंभ कराया गया। लेकिन तीन वर्ष बीतने के बाद भी यहां अध्यापक व छात्र-छात्राओं के बैठने के लिए फर्नीचर तक उपलब्ध नहीं हो सका है। विद्यालय में प्रधानाचार्य सहित 17 पद स्वीकृति हैं। लेकिन वर्तमान में प्रधानाचार्य आशीष कुमार व सहायक अध्यापक पुनियापति सिंह व सहादुर नियुक्त हैं। विद्यालय में 640 छात्र पंजीकृत हैं। छात्रों के बैठने के लिए 104 बेंच अब तक उपलब्ध कराए जा सके हैं, जिस पर 208 छात्र ही बैठ पाते हैं। शेष छात्र-छात्राएं जमीन पर टाट पट्टी पर बैठकर शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं।
उधर, इस संबंध में प्रधानाचार्य आशीष कुमार वर्मा का कहना है कि बेहतर शिक्षण कार्य के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक के निर्देश पर छात्रों की ली जा रही फीस पर प्राइवेट शिक्षक रखे जा रहे हैं। तीन से चार हजार रुपये प्रति माह पर मौजूदा में आठ प्राइवेट शिक्षक रखकर शिक्षा व्यवस्था सुधारने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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इमिलिया में वर्ष 2014-15 में राजकीय मॉडल विद्यालय का निर्माण करवाया गया था। लेकिन किन्हीं कारणों से वर्ष 2017-18 में पं. दीनदयाल उपाध्याय मॉडल स्कूल का नाम से इंटर कालेज संचालित किया गया। इधर-उधर के कालेजों के अध्यापकों को संबद्ध कर जैसे-तैसे शिक्षण कार्य प्रारंभ कराया गया। लेकिन तीन वर्ष बीतने के बाद भी यहां अध्यापक व छात्र-छात्राओं के बैठने के लिए फर्नीचर तक उपलब्ध नहीं हो सका है। विद्यालय में प्रधानाचार्य सहित 17 पद स्वीकृति हैं। लेकिन वर्तमान में प्रधानाचार्य आशीष कुमार व सहायक अध्यापक पुनियापति सिंह व सहादुर नियुक्त हैं। विद्यालय में 640 छात्र पंजीकृत हैं। छात्रों के बैठने के लिए 104 बेंच अब तक उपलब्ध कराए जा सके हैं, जिस पर 208 छात्र ही बैठ पाते हैं। शेष छात्र-छात्राएं जमीन पर टाट पट्टी पर बैठकर शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं।
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उधर, इस संबंध में प्रधानाचार्य आशीष कुमार वर्मा का कहना है कि बेहतर शिक्षण कार्य के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक के निर्देश पर छात्रों की ली जा रही फीस पर प्राइवेट शिक्षक रखे जा रहे हैं। तीन से चार हजार रुपये प्रति माह पर मौजूदा में आठ प्राइवेट शिक्षक रखकर शिक्षा व्यवस्था सुधारने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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