{"_id":"65147735a0e18ff9fc0edde4","slug":"three-government-tube-wells-will-be-built-as-model-tube-wells-hamirpur-news-c-223-1-sknp1027-3364-2023-09-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur News: मॉडल नलकूप बनेंगे तीन राजकीय नलकूप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur News: मॉडल नलकूप बनेंगे तीन राजकीय नलकूप
Thu, 28 Sep 2023 12:10 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Thu, 28 Sep 2023 12:10 AM IST
विज्ञापन
हमीरपुर। जनपद के राजकीय नलकूपों को मॉडल नलकूप बनाए जाने की कवायद नलकूप विभाग ने शुरू कर दी है। प्रथम चरण में तीन नलकूपों को चयनित करके इनको आदर्श नलकूप बनाया जा रहा है। जो मोबाइल के माध्यम से स्टार्टर से बंद व चालू होंगे। जिनकी सुंदरता देखते ही बनती है।
इनमें सुमेरपुर क्षेत्र के टिकरौली गांव स्थित राजकीय नलकूप 34 एचजी, कुंडौरा गांव का 52 एचजी व कुरारा के पतारा गांव स्थित 394 एचजी नलकूपों को आदर्श नलकूप के रूप में विकसित किया जा रहा है। इनमें चारों तरफ पिलर तैयार कर तार फिनिसिंग, पौधारोपण, बैठने के लिए सीमेंटेड बेंच सहित इनका रंग रोगन कराया जा रहा है। जिससे इन नलकूपों की सुंदरता में चार चांद लग गए हैं।
-- -- -- -- -- -- -
45 साल पूर्व लगा था नलकूप
- टिकरौली गांव निवासी सेवानिवृत्त नलकूप कर्मी रामप्रसाद पाल व संदीप आदि ने बताया कि यह नलकूप वर्ष 1977 में स्थापित कराया गया था। बताया कि एक माह तक कर्मियों ने यहां ठहर कर इसका बोर किया था। जो करीब 400 फीट है। बताया कि 45 साल पुराना नलकूप आज भी वैसे ही पानी दे रहा है। जैसे पहले देता था। कहा कि करीब 400 बीघा क्षेत्रफल की इस नलकूप से सिंचाई होती थी। अब और नलकूप लग जाने से सिंचित दायरा कम हो गया है। कहा कि इसको विभाग ने मॉडल विधि से विकसित कर इसे सुंदर बना दिया है।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -
- जिले के तीन नलकूप मॉडल नलकूप के रूप में विकसित कराए जा रहे हैं। जिनमें करीब डेढ़ लाख का खर्च आएगा। इन नलकूपों में मोबाइल ऑपरेटेड स्टार्टर लगाया जाएगा। जिसे आपरेटर कहीं से भी चालू व बंद कर सकेगा।
अनिल कुमार श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता नलकूप
विज्ञापन
इनमें सुमेरपुर क्षेत्र के टिकरौली गांव स्थित राजकीय नलकूप 34 एचजी, कुंडौरा गांव का 52 एचजी व कुरारा के पतारा गांव स्थित 394 एचजी नलकूपों को आदर्श नलकूप के रूप में विकसित किया जा रहा है। इनमें चारों तरफ पिलर तैयार कर तार फिनिसिंग, पौधारोपण, बैठने के लिए सीमेंटेड बेंच सहित इनका रंग रोगन कराया जा रहा है। जिससे इन नलकूपों की सुंदरता में चार चांद लग गए हैं।
विज्ञापन
45 साल पूर्व लगा था नलकूप
- टिकरौली गांव निवासी सेवानिवृत्त नलकूप कर्मी रामप्रसाद पाल व संदीप आदि ने बताया कि यह नलकूप वर्ष 1977 में स्थापित कराया गया था। बताया कि एक माह तक कर्मियों ने यहां ठहर कर इसका बोर किया था। जो करीब 400 फीट है। बताया कि 45 साल पुराना नलकूप आज भी वैसे ही पानी दे रहा है। जैसे पहले देता था। कहा कि करीब 400 बीघा क्षेत्रफल की इस नलकूप से सिंचाई होती थी। अब और नलकूप लग जाने से सिंचित दायरा कम हो गया है। कहा कि इसको विभाग ने मॉडल विधि से विकसित कर इसे सुंदर बना दिया है।
विज्ञापन
- जिले के तीन नलकूप मॉडल नलकूप के रूप में विकसित कराए जा रहे हैं। जिनमें करीब डेढ़ लाख का खर्च आएगा। इन नलकूपों में मोबाइल ऑपरेटेड स्टार्टर लगाया जाएगा। जिसे आपरेटर कहीं से भी चालू व बंद कर सकेगा।
अनिल कुमार श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता नलकूप