{"_id":"5c8bd9a6bdec2213e648e71a","slug":"the-sick-janitor-can-not-get-money-from-his-own-account","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीमार चौकीदार अपने ही खाते से नहीं निकाल पा रहा पैसा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीमार चौकीदार अपने ही खाते से नहीं निकाल पा रहा पैसा
Fri, 15 Mar 2019 10:28 PM IST
gaurav gaurav
hamirpur
hamirpur
Published by: gaurav gaurav
Updated Fri, 15 Mar 2019 10:28 PM IST
विज्ञापन
डेमो
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर के इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक के कैशियर की मनमानी के चलते कई ग्राहक प्रतिदिन परेशान हो रहे हैं। वन विभाग का एक चपरासी अपने ही खाते से धन नहीं निकाल पा रहा है। जिससे उसका इलाज नहीं हो पा रहा है। चपरासी ने आरोप लगाया कि हर बार कैशियर डांट डपट कर हस्ताक्षर न मिलने की बात कहकर भगा देता है। परेशान बीमार कर्मचारी ने डीएफओ व रेंजर को इसकी जानकारी देकर समाधान कराने की मांग की।
मुख्यालय स्थित वन विभाग कार्यालय में कार्यरत चौकीदार रामदयाल निवासी अहिरनपुरवा ने बताया कि 15 दिन पूर्व अचानक ड्यूटी के दौरान चक्कर आने पर बेहोश हो गया। इसके बाद से वह लगातार अस्पताल से इलाज करा रहा है। इलाज के लिए खाते से धन न मिलने से उसका इलाज नहीं हो पा रहा है।
आरोप लगाया कि बैंक कैशियर हर बार उसका बाउचर देखकर डांटकर भगा देता है। वह चलने फिरने में लाचार है। परिजनों की मदद से बैंक शाखा पहुंचता है तो उसे कैशियर भगा देता है। शुक्रवार को बीमार चौकीदार ने डीएफओ कैलाश प्रकाश व रेंजर नफीस से शिकायत की।
विज्ञापन
इसके बाद वन विभाग के कर्मचारी बैंक में चौकीदार को लाकर मैनेजर से शिकायत की। मैनेजर महेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि खाताधारक ने उनसे इसकी जानकारी नहीं दी। कैशियर के व्यवहार की जांच कराई जाएगी। कुछ हस्ताक्षर मेल न खाने से शायद भुगतान न हुआ होगा। अब अंगूठा हस्ताक्षर कराकर भुगतान करा दिया जाएगा।
विज्ञापन
मुख्यालय स्थित वन विभाग कार्यालय में कार्यरत चौकीदार रामदयाल निवासी अहिरनपुरवा ने बताया कि 15 दिन पूर्व अचानक ड्यूटी के दौरान चक्कर आने पर बेहोश हो गया। इसके बाद से वह लगातार अस्पताल से इलाज करा रहा है। इलाज के लिए खाते से धन न मिलने से उसका इलाज नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन
आरोप लगाया कि बैंक कैशियर हर बार उसका बाउचर देखकर डांटकर भगा देता है। वह चलने फिरने में लाचार है। परिजनों की मदद से बैंक शाखा पहुंचता है तो उसे कैशियर भगा देता है। शुक्रवार को बीमार चौकीदार ने डीएफओ कैलाश प्रकाश व रेंजर नफीस से शिकायत की।
विज्ञापन
इसके बाद वन विभाग के कर्मचारी बैंक में चौकीदार को लाकर मैनेजर से शिकायत की। मैनेजर महेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि खाताधारक ने उनसे इसकी जानकारी नहीं दी। कैशियर के व्यवहार की जांच कराई जाएगी। कुछ हस्ताक्षर मेल न खाने से शायद भुगतान न हुआ होगा। अब अंगूठा हस्ताक्षर कराकर भुगतान करा दिया जाएगा।