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शौचालय के गड्ढे में गिरे सेवानिवृत इंस्पेक्टर, मौत
अमर उजाला/हमीरपुर
Updated Mon, 18 Sep 2017 11:29 PM IST
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गांव में शौचालय बनवाए जाने के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में रविवार रात सेवानिवृत इंस्पेक्टर गिर गए। उनके कराहाने की आवाज सुनकर परिजन ने उनको गड्ढे से बाहर निकाला और प्राइवेट अस्पताल ले गए।
जहां डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। अस्पताल ले जाने के रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
गांव निवासी प्रभूदयाल सचान (80) खाद्य रसद विभाग में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे। सेवानिवृत होने के बाद वह गांव में ही रहते थे। कुछ महीनों से स्वच्छ भारत अभियान के तहत ग्रामीणों को जागरूक करने का कार्य करते रहे।
सेवानिवृत कर्मी के गांव में दो मकान हैं। मृतक के बेटे अमर सिंह ने बताया कि रात में खाना खाने के बाद सोने के लिए उनके पिता दूसरे मकान पर चले जाते थे। दूसरे घर में शौचालय बनवाने के लिए अभी दो दिन पहले ही गड्ढा खोदा गया है।
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रविवार की रात करीब 10 बजे वह लघुशंका के लिए बाहर निकले। बिजली न आने से अंधेरा था। अंधेरे में वह उसी शौचालय के गड्ढे में गिर गए। काफी देर तक वह वहीं पड़े रहे। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई। घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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जहां डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। अस्पताल ले जाने के रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
गांव निवासी प्रभूदयाल सचान (80) खाद्य रसद विभाग में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे। सेवानिवृत होने के बाद वह गांव में ही रहते थे। कुछ महीनों से स्वच्छ भारत अभियान के तहत ग्रामीणों को जागरूक करने का कार्य करते रहे।
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सेवानिवृत कर्मी के गांव में दो मकान हैं। मृतक के बेटे अमर सिंह ने बताया कि रात में खाना खाने के बाद सोने के लिए उनके पिता दूसरे मकान पर चले जाते थे। दूसरे घर में शौचालय बनवाने के लिए अभी दो दिन पहले ही गड्ढा खोदा गया है।
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रविवार की रात करीब 10 बजे वह लघुशंका के लिए बाहर निकले। बिजली न आने से अंधेरा था। अंधेरे में वह उसी शौचालय के गड्ढे में गिर गए। काफी देर तक वह वहीं पड़े रहे। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई। घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।