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Hamirpur News: दावा 20 घंटे का, बिजली सिर्फ 15 घंटे ही मिलती
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फोटो 27 एचएएमपी 03- राठ के पावर हाउस में लगीं जर्जर पुरानी मशीनें। संवाद
ज्यादातर लाइनें जर्जर, बिजलीघरों में जर्जर उपकरण भी दे चुके जवाब, आए दिन फॉल्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
राठ (हमीरपुर)। लोकल फॉल्ट व ट्रिपिंग बिजली आपूर्ति में बाधक बनी हुई है। बीस घंटे बिजली देने के दावे की जगह बमुश्किल 15 घंटे ही आपूर्ति मिल रही है। सीमित संसाधनों के चलते लोगों को अघोषित कटौती से निजात नहीं मिल रही है।
नगर सहित ग्रामीण क्षेत्र में बिजली आपूर्ति के लिए नगर में 132 केवी पावर हाउस बना है। बढ़ते लोड के चलते करीब एक दशक पहले चरखारी रोड पर पावर हाउस द्वितीय स्थापित कराया गया जिससे गांव के फीडर जोड़े गए। जिसके बावजूद अधिक लोड होने के कारण पावर हाउस प्रथम में फाल्ट की समस्या बनी रहती है।
कुछ मशीनें बढ़ाकर व्यवस्था सुधारने का प्रयास हुआ। क्षमता बढ़ाने के लिए पांच एमवीए का ट्रांसफार्मर भी स्थापित किया गया। विभागीय अधिकारियों की यह कवायद भी नाकाफी साबित हो रही है। गोहांड, सरीला व राठ के पांच फीडर बनाए गए हैं। गोहांड व सरीला फीडर में करीब 25 से 30 गांव जुड़े हैं।
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जल निगम व दूरसंचार के फीडर भी अलग हैं। रिले पैनल, सीटी व केबिल ब्लास्ट होने की समस्या बनी रहती है। गर्मियों में इनकमिंग, आउट गोइंग ट्रिपिंग की समस्या रहती है। जर्जर लाइनें भी अबाध आपूर्ति में बाधा बनती हैं।
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ज्यादातर लाइनें जर्जर, बिजलीघरों में जर्जर उपकरण भी दे चुके जवाब, आए दिन फॉल्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
राठ (हमीरपुर)। लोकल फॉल्ट व ट्रिपिंग बिजली आपूर्ति में बाधक बनी हुई है। बीस घंटे बिजली देने के दावे की जगह बमुश्किल 15 घंटे ही आपूर्ति मिल रही है। सीमित संसाधनों के चलते लोगों को अघोषित कटौती से निजात नहीं मिल रही है।
नगर सहित ग्रामीण क्षेत्र में बिजली आपूर्ति के लिए नगर में 132 केवी पावर हाउस बना है। बढ़ते लोड के चलते करीब एक दशक पहले चरखारी रोड पर पावर हाउस द्वितीय स्थापित कराया गया जिससे गांव के फीडर जोड़े गए। जिसके बावजूद अधिक लोड होने के कारण पावर हाउस प्रथम में फाल्ट की समस्या बनी रहती है।
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कुछ मशीनें बढ़ाकर व्यवस्था सुधारने का प्रयास हुआ। क्षमता बढ़ाने के लिए पांच एमवीए का ट्रांसफार्मर भी स्थापित किया गया। विभागीय अधिकारियों की यह कवायद भी नाकाफी साबित हो रही है। गोहांड, सरीला व राठ के पांच फीडर बनाए गए हैं। गोहांड व सरीला फीडर में करीब 25 से 30 गांव जुड़े हैं।
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जल निगम व दूरसंचार के फीडर भी अलग हैं। रिले पैनल, सीटी व केबिल ब्लास्ट होने की समस्या बनी रहती है। गर्मियों में इनकमिंग, आउट गोइंग ट्रिपिंग की समस्या रहती है। जर्जर लाइनें भी अबाध आपूर्ति में बाधा बनती हैं।