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Hamirpur News: न तुम जीते न हम हारे और हो गया 35,726 वादों का निस्तारण

Sat, 09 Dec 2023 11:29 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 09 Dec 2023 11:29 PM IST
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Neither you won nor we lost and 35,726 cases were settled
संवाद न्यूज एजेंसी
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हमीरपुर। शनिवार को दीवानी न्यायालय परिसर में लगी लोक अदालत में 40 किलोमीटर दूर से बुजुर्ग दंपती पहुंचे। जिन्हें बैंक कर्मियों ने बैंक शाखा आने को कहा। जिससे वह हताश होकर वापस लौट गए। वहीं लोक अदालत में कुल 35,726 वादों का निस्तारण किया गया। बैंकों द्वारा सुलह समझौते के आधार पर 6,14,55,552 करोड़ की धनराशि प्राप्त हुई है।
जनपद न्यायाधीश विष्णु कुमार शर्मा व अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गीतांजलि गर्ग ने राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ किया। जिसमें पारिवारिक न्यायालय से 16, विशेष न्यायाधीश (आ.व.अधि) के 83, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के 10309, सिविल जज जूडि. के 16804, सिविल जज जूडि. राठ 487 सहित 27753 वाद निस्तारित किए गए। राजस्व विभाग के 7525, विभिन्न बैंकों के कुल 18119 मामलों में 448 वादों का निस्तारण किया गया।
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इस प्रकार राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 35,726 वादों का निस्तारण किया गया। बैंकों द्वारा सुलह समझौते के आधार पर 4,23,00000 करोड़ की धनराशि प्राप्त हुई है। वहीं न्यायालय द्वारा निस्तारित वादों में 1,91,55552 करोड़ की धनराशि समझौते के रूप में प्राप्त हुई। न्यायालय व राजस्व व बैंक द्वारा कुल 6,14,55552 करोड़ की धनराशि समझौते के रूप में प्राप्त हुई है। वादों का निस्तारण आपसी सुलह समझौता के आधार पर कराया गया।
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इस मौके पर मोटर दुर्घटना अधिकरण अराधना रानी, पीठासीन अधिकारी अरूण कुमार मल, अपर जिला सत्र न्यायाधीश चन्द्रभान सिंह, उमेशचंद्र, विनीत कुमार वासवानी, शंशाक गुप्ता, आयुषी चतुर्वेदी सहित सभी न्यायाधीश मौजूद रहे।
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फोटो09एचएएमपी21 सिया प्यारी। संवाद
कहां से भरे कर्ज, दूसरों किराया मांग कर आए
- मुस्करा क्षेत्र के रुरीपारा गांव निवासी सियाप्यारी पत्नी श्रीपाल ने बताया कि उसके नाम करीब दो एकड़ जमीन है। पांच साल पूर्व किसान कार्ड के तहत 60 हजार रुपये निकाले थे। जो अब बढ़कर करीब दो लाख हो गए हैं। बताया कि बैंककर्मी उससे 1.40 लाख रुपये जमा करने को कह रहे हैं। कह रहे हैं कि यहां क्यों आए हो, बैंक आना वहीं तुम्हारा समझौता होगा। बच्चे सुनते नहीं और उनके पास इतने पैसे नहीं है। दूसरे लोगों से किराया का पैसा लेकर आए थे। मायूस होकर दंपती वापस घर लौट गए।

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फोटो09एचएएमपी22 सुनीता। संवाद
12 साल पूर्व तीन लाख लिया अब बता रहे 12 लाख
-कुरारा के चकोठी गांव निवासी जय गुरुदेव स्वयं सहायता समूह की सचिव सुनीता ने बताया कि बकरी पालन के लिए वर्ष 2011 में तीन लाख का ऋण बैंक से लिया था। जिसको भरते भी रहे हैं। वहीं कर्जमाफी में माफ होने की जानकारी भी मिली थी, लेकिन अब वह 12 लाख होने की बात बैंक कर्मी कह रहे हैं। जबकि कई बकरियां भी मर गई थी। जिनका पीएम भी कराया गया था। बेटी की शादी करनी है। इतना पैसा कहां से लाए।
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