{"_id":"5ec557ab8ebc3e905528e375","slug":"lock-down-hamirpur-news-knp561148639","type":"story","status":"publish","title_hn":"आदिवासी परिवार जंगल में बिता रहा लॉकडाउन के दिन, राशन सामग्री खत्म होने पर घर को निकले, पर ग्रामीणों ने लौटाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आदिवासी परिवार जंगल में बिता रहा लॉकडाउन के दिन, राशन सामग्री खत्म होने पर घर को निकले, पर ग्रामीणों ने लौटाया
विज्ञापन
बिवांर में जानकारी देते आदिवासी लोग
- फोटो : HAMIRPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हमीरपुर। लॉकडाउन के पूर्व मध्य प्रदेश के जिला छतरपुर के सात आदिवासी परिवार अपने घर से महानगरों में मजदूरी के लिए निकले थे, लेकिन जब वह बिवांर पहुंचे तो लॉकडाउन के कारण उन्हें वाहन नहीं मिला। इस पर वह बिवांर क्षेत्र में फैले जंगल को ही अपना आशियाना बनाकर रहने लगे। उनके पास राशन सामग्री समाप्त होने पर वह अपने वतन जाने के लिए जंगल से बाहर निकले तो उन्हें देखने व हालचाल जानने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई।
बिवांर के पाथा माई मंदिर परिसर में बुधवार को वाहन का इंतजार करते आदिवासी परिवारों को देख लोग एकत्र हो गए और उनसे जानकारी ली। मध्य प्रदेश के जनपद छतरपुर के महिलवर मजरा ढोंगी निवासी आदिवासी मजयलू पुत्र बैजनाथ व बटूरसी पुत्र हिगुरजी ने बताया वह मजदूरी करने के लिए घर से राशन लेकर निकले थे।
बताया बिवांर तक आ सके थे तभी लॉकडाउन लगने से वह बड़े शहरों की ओर नहीं जा सके। इस पर गांव से बाहर जंगल में जाकर टिक गए। कहा जो राशन बांधकर घर से निकले थे। वह अब खत्म हो गया है। बताया इधर राशन सामग्री कम होने पर जंगल में पशु पक्षियों का शिकार कर पेट भरे और छिपे रहे। अब वापस अपने घर जाने के लिए वाहन का इंतजार कर रहे हैं।
विज्ञापन
इस भीषण गर्मी व धूप में उनके साथ मौजूद बच्चों कर बुराहाल है। मोहल्ले वासियों के दबाव के चलते आदिवासी परिवार बच्चों व महिलाओं के साथ फिर से जंगल की ओर रवाना हो गए। लॉकडाउन में फंसे भूखे प्यासे ऐसे आदिवासी परिवारों को भोजन सामग्री व गंतव्य तक पहुंचाने की मांग लोगों ने जिला प्रशासन से की है।
विज्ञापन
बिवांर के पाथा माई मंदिर परिसर में बुधवार को वाहन का इंतजार करते आदिवासी परिवारों को देख लोग एकत्र हो गए और उनसे जानकारी ली। मध्य प्रदेश के जनपद छतरपुर के महिलवर मजरा ढोंगी निवासी आदिवासी मजयलू पुत्र बैजनाथ व बटूरसी पुत्र हिगुरजी ने बताया वह मजदूरी करने के लिए घर से राशन लेकर निकले थे।
विज्ञापन
बताया बिवांर तक आ सके थे तभी लॉकडाउन लगने से वह बड़े शहरों की ओर नहीं जा सके। इस पर गांव से बाहर जंगल में जाकर टिक गए। कहा जो राशन बांधकर घर से निकले थे। वह अब खत्म हो गया है। बताया इधर राशन सामग्री कम होने पर जंगल में पशु पक्षियों का शिकार कर पेट भरे और छिपे रहे। अब वापस अपने घर जाने के लिए वाहन का इंतजार कर रहे हैं।
विज्ञापन
इस भीषण गर्मी व धूप में उनके साथ मौजूद बच्चों कर बुराहाल है। मोहल्ले वासियों के दबाव के चलते आदिवासी परिवार बच्चों व महिलाओं के साथ फिर से जंगल की ओर रवाना हो गए। लॉकडाउन में फंसे भूखे प्यासे ऐसे आदिवासी परिवारों को भोजन सामग्री व गंतव्य तक पहुंचाने की मांग लोगों ने जिला प्रशासन से की है।