{"_id":"5f0b3ed08ebc3e63bc3cbdbe","slug":"health-hamirpur-news-knp570813090","type":"story","status":"publish","title_hn":"डॉक्टरों ने सीएचसी अधीक्षक पर लगाए आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डॉक्टरों ने सीएचसी अधीक्षक पर लगाए आरोप
विज्ञापन
राठ। सीएचसी में डॉक्टरों की गुटबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है। चार डॉक्टरों ने सीएचसी अधीक्षक डा. आरके कटियार पर आरोप लगाते हुए डीएम, सीएमओ सहित अन्य विभागीय अधिकारियों को पत्र भेजा है।
चार डॉक्टरों के हस्ताक्षर युक्त शिकायती पत्र में सीएचसी अधीक्षक पर ड्यूटी रोस्टर बनाते समय मनमानी का आरोप लगाया है। सीएचसी में कोई भी समस्या होने पर कर्मचारियों को धमकाया जाता है। आरोप है अधीक्षक की ओर से गर्भवती महिलाओं का आर्थिक शोषण किया जाता है।
अवैध वसूली में सहयोग न करने पर कर्मचारियों को ड्यूटी से हटाने व संविदा समाप्त करने की धमकी दी जाती है। कहा ओपीडी पर्चा एक रुपये के स्थान पर दस रुपये में बनाया जाता है, जबकि जांच के नाम पर 200 रुपये वसूलने के साथ ही कोरोना फंड आदि के माध्यम से धन वसूली की जाती है।
विज्ञापन
डॉक्टरों ने उन्हें पद से हटाकर जांच की मांग की है। चेतावनी दी कि यदि शोषण के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती तो सभी कर्मचारी चिकित्सकीय कार्य बहिष्कार को मजबूर होंगे। उधर, अधीक्षक ने बताया दो डाक्टरों का जून माह का वेतन रोका है।
वहीं एक के खिलाफ छह दिन का वेतन रोक स्थानांतरण कराया है। इसी को लेकर फर्जी आरोप लगा रहे हैं। सीएमओ डा. आरके सचान ने कहा शिकायती पत्र मिला है। मामले की जांच को समिति गठित की है।
विज्ञापन
चार डॉक्टरों के हस्ताक्षर युक्त शिकायती पत्र में सीएचसी अधीक्षक पर ड्यूटी रोस्टर बनाते समय मनमानी का आरोप लगाया है। सीएचसी में कोई भी समस्या होने पर कर्मचारियों को धमकाया जाता है। आरोप है अधीक्षक की ओर से गर्भवती महिलाओं का आर्थिक शोषण किया जाता है।
विज्ञापन
अवैध वसूली में सहयोग न करने पर कर्मचारियों को ड्यूटी से हटाने व संविदा समाप्त करने की धमकी दी जाती है। कहा ओपीडी पर्चा एक रुपये के स्थान पर दस रुपये में बनाया जाता है, जबकि जांच के नाम पर 200 रुपये वसूलने के साथ ही कोरोना फंड आदि के माध्यम से धन वसूली की जाती है।
विज्ञापन
डॉक्टरों ने उन्हें पद से हटाकर जांच की मांग की है। चेतावनी दी कि यदि शोषण के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती तो सभी कर्मचारी चिकित्सकीय कार्य बहिष्कार को मजबूर होंगे। उधर, अधीक्षक ने बताया दो डाक्टरों का जून माह का वेतन रोका है।
वहीं एक के खिलाफ छह दिन का वेतन रोक स्थानांतरण कराया है। इसी को लेकर फर्जी आरोप लगा रहे हैं। सीएमओ डा. आरके सचान ने कहा शिकायती पत्र मिला है। मामले की जांच को समिति गठित की है।