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Hamirpur News: पहले सरकारी काम में बाधा की शिकायत, अब जान की सुरक्षा का सवाल
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कुरारा। नगर पंचायत में जल निकासी के मुद्दे को लेकर नगर पंचायत अध्यक्ष आशारानी कबीर व पूर्व अध्यक्ष माया वाल्मीकि के बीच सरेराह हुई गुत्थमगुत्था के बाद सियासी तनातनी और बढ़ गई है। शिकायतें दोनों पक्षों से हुईं लेकिन पुलिस ने कार्रवाई सत्ता पक्ष की ओर से करते हुए सरकारी काम में बाधा डालने की प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू की थी। इसी बीच अध्यक्ष ने पूर्व अध्यक्ष से अपनी जान को खतरा बताया और जिला प्रशासन से सुरक्षा के साथ आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है।
अध्यक्ष आशारानी कबीर का आरोप है कि चुनावी रंजिश के चलते पूर्व चेयरमैन माया वाल्मीकि उन्हें लगातार निशाना बना रही हैं। स्थानीय लोगों की शिकायत पर वह मौके पर पहुंची थीं। आरोप है कि वहां पूर्व अध्यक्ष ने विवाद के दौरान उनके साथ हाथापाई की। अध्यक्ष की ओर से पूर्व अध्यक्ष व उनके भांजे के अलावा चार अज्ञात के खिलाफ शिकायत की गई। पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने समेत संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू की। घटना के बाद अब मौजूदा अध्यक्ष की ओर से जान का खतरा जताकर सुरक्षा मांगने से नगर पंचायत की राजनीति और गरमा गई है। अध्यक्ष ने जिला प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने और आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है।
सत्ता की हनक में नहीं लिखी जा रही प्राथमिकी
सपा नेत्री पूर्व अध्यक्ष माया वाल्मीकि का आरोप है कि सत्ता की हनक में उनकी शिकायत पर प्राथमिकी नहीं लिखी गई। शिकायत लिए थाना से लेकर पुलिस के अफसरों तक के चक्कर काट लिए। हर बार आश्वासन ही मिला लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। वहीं पूर्व अध्यक्ष का कहना है कि सत्ता की हनक में वह चाहे जो आरोप लगा सकती है। वायरल वीडियो पूरी हकीकत बयां कर रहा है। सोमवार को पूर्व अध्यक्ष के पति घनश्याम वाल्मीकि ने पुलिस अधीक्षक के आवास पर उनसे मुलाकात की। उनका कहना है कि पूरी घटना से और स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली से अवगत कराया है। आश्वासन मिला है कि जल्द ही जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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दोनों में चली आ रहीं राजनीतिक अदावत
आशारानी कबीर व माया वाल्मीकि के बीच पुरानी राजनीतिक अदावत चली आ रही है। दोनों ही अलग-अलग दल की राजनीति करती हैं। चुनावी मैदान में दोनों आमने-सामने लड़ चुकी। उस लड़ाई में सिर्फ एक-दूसरे पर शब्दवाण चलाए गए लेकिन अब हकीकत में दोनों के बीच विवाद ठन गया। बात मारपीट के बाद पुलिस की चौखट तक पहुंच गई। दोनों पक्षों में विवाद को लेकर नगर में राजनीतिक माहौल भी गरमाया हुआ है और तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
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अध्यक्ष आशारानी कबीर का आरोप है कि चुनावी रंजिश के चलते पूर्व चेयरमैन माया वाल्मीकि उन्हें लगातार निशाना बना रही हैं। स्थानीय लोगों की शिकायत पर वह मौके पर पहुंची थीं। आरोप है कि वहां पूर्व अध्यक्ष ने विवाद के दौरान उनके साथ हाथापाई की। अध्यक्ष की ओर से पूर्व अध्यक्ष व उनके भांजे के अलावा चार अज्ञात के खिलाफ शिकायत की गई। पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने समेत संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू की। घटना के बाद अब मौजूदा अध्यक्ष की ओर से जान का खतरा जताकर सुरक्षा मांगने से नगर पंचायत की राजनीति और गरमा गई है। अध्यक्ष ने जिला प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने और आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है।
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सत्ता की हनक में नहीं लिखी जा रही प्राथमिकी
सपा नेत्री पूर्व अध्यक्ष माया वाल्मीकि का आरोप है कि सत्ता की हनक में उनकी शिकायत पर प्राथमिकी नहीं लिखी गई। शिकायत लिए थाना से लेकर पुलिस के अफसरों तक के चक्कर काट लिए। हर बार आश्वासन ही मिला लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। वहीं पूर्व अध्यक्ष का कहना है कि सत्ता की हनक में वह चाहे जो आरोप लगा सकती है। वायरल वीडियो पूरी हकीकत बयां कर रहा है। सोमवार को पूर्व अध्यक्ष के पति घनश्याम वाल्मीकि ने पुलिस अधीक्षक के आवास पर उनसे मुलाकात की। उनका कहना है कि पूरी घटना से और स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली से अवगत कराया है। आश्वासन मिला है कि जल्द ही जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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दोनों में चली आ रहीं राजनीतिक अदावत
आशारानी कबीर व माया वाल्मीकि के बीच पुरानी राजनीतिक अदावत चली आ रही है। दोनों ही अलग-अलग दल की राजनीति करती हैं। चुनावी मैदान में दोनों आमने-सामने लड़ चुकी। उस लड़ाई में सिर्फ एक-दूसरे पर शब्दवाण चलाए गए लेकिन अब हकीकत में दोनों के बीच विवाद ठन गया। बात मारपीट के बाद पुलिस की चौखट तक पहुंच गई। दोनों पक्षों में विवाद को लेकर नगर में राजनीतिक माहौल भी गरमाया हुआ है और तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं।