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नदी में फेंकी गईं थीं एक्सपायरी दवाएं
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राठ। कस्बा खेड़ा गांव की नदी में दवाएं मिलने की सूचना पर एसीएमओ की टीम ने जांच की। जांच के दौरान उक्त दवाएं एक्सपायरी डेट की मिलीं, जो किसी दवा व्यापारी ने फेंकी हैं।
कस्बा खेड़ा गांव के बाहर से विरमा नदी बहती है। शुक्रवार को नदी में दवाएं पड़ीं देख कुछ लोगों ने सीएमओ को फोन पर सूचना दी। जिसमेें आशंका जताई कि सरकारी आपूर्ति की दवाएं नदी में फेंकी गईं हैं। मामले की जानकारी पर स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया। शनिवार को एसीएमओ डॉ. महेश चंद्रा ने मौके पर पहुंच पड़ताल की। उन्होंने बताया उक्त दवाएं किसी प्राइवेट मेडिकल स्टोर कीं थीं। जो एक्सपायरी होने के कारण फेंकी गईं होंगी। इस तरह दवा फेंकना गलत है। एक्सपायरी दवा को विधिवत नष्ट किया जाता है।
दवाओं की जांच के बाद एसीएमओ ने राठ सीएचसी का निरीक्षण किया। वैक्सीनेशन की जानकारी लेने के साथ ही अन्य व्यवस्थाएं परखीं। कर्मचारियों का उपस्थिति रजिस्टर देखा। टीवी रोगियों व उनके उपचार के बारे में जानकारी ली। इस दौरान अधीक्षक डॉ. अजय चौरसिया, डॉ. भरत राजपूत, डॉ. प्रभात शर्मा, डॉ. डीएस वर्मा, फार्मासिस्ट विवेक गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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कस्बा खेड़ा गांव के बाहर से विरमा नदी बहती है। शुक्रवार को नदी में दवाएं पड़ीं देख कुछ लोगों ने सीएमओ को फोन पर सूचना दी। जिसमेें आशंका जताई कि सरकारी आपूर्ति की दवाएं नदी में फेंकी गईं हैं। मामले की जानकारी पर स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया। शनिवार को एसीएमओ डॉ. महेश चंद्रा ने मौके पर पहुंच पड़ताल की। उन्होंने बताया उक्त दवाएं किसी प्राइवेट मेडिकल स्टोर कीं थीं। जो एक्सपायरी होने के कारण फेंकी गईं होंगी। इस तरह दवा फेंकना गलत है। एक्सपायरी दवा को विधिवत नष्ट किया जाता है।
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दवाओं की जांच के बाद एसीएमओ ने राठ सीएचसी का निरीक्षण किया। वैक्सीनेशन की जानकारी लेने के साथ ही अन्य व्यवस्थाएं परखीं। कर्मचारियों का उपस्थिति रजिस्टर देखा। टीवी रोगियों व उनके उपचार के बारे में जानकारी ली। इस दौरान अधीक्षक डॉ. अजय चौरसिया, डॉ. भरत राजपूत, डॉ. प्रभात शर्मा, डॉ. डीएस वर्मा, फार्मासिस्ट विवेक गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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