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हमीरपुर : 103 गांवों की 11334 हेक्टेयर फसलें तबाह

Mon, 29 Aug 2022 11:39 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 29 Aug 2022 11:39 PM IST
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Hamirpur: 11334 hectares of crops destroyed in 103 villages
बाढ़ के पानी से नष्ट हुई फसल। संवाद - फोटो : HAMIRPUR
हमीरपुर। यमुना और बेतवा नदियों की बाढ़ से 103 गांवों में करीब 11334 हेक्टेयर फसलें पूरी तरह से नष्ट हो गई हैं। 31 गांवों के घरों तक पानी भरा है। राजस्व विभाग ने बाढ़ से नुकसान का पहला सर्वे पूरा कर लिया है। फाइनल सर्वे कर नुकसान की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। शहर की गलियों, गांवों और खेतों में अभी भी बाढ़ का पानी भरा है।
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एडीएम वित्त रमेशचंद्र ने बताया कि बाढ़ से नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। 31 गांव पूरी तरह प्रभावित हुए हैं। सबसे अधिक नुकसान सदर तहसील का हुआ है। जिसमें 69 गांवों की दस हजार 15 हेक्टेयर फसलें बर्बाद होने का अनुमान लगाया जा रहा है। जबकि मौदहा तहसील के 11 गांवों में करीब 404 हेक्टेयर व सरीला के 23 गांवों की लगभग 915 हेक्टेयर फसलें नष्ट हो गई हैं। एडीएम ने बताया कि बाढ़ प्रभावितों को 6960 पैकेट भोजन बांटा जा चुका है। 170 क्विंटल मवेशियों को भूसा व 250 लोगों को दवा का वितरण कराया गया है।
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30 गांवों का नक्शा ही बदल गया
सदर तहसील के 29 और सरीला के एक का नक्शा ही बाढ़ ने बदल दिया है। इन गांवों में चारों तरफ बर्बादी ही बर्बादी दिखाई दे रही है। जिसमें सबसे अधिक सिडरा, चंदुलीतीर, जरैली मड़इया, केसरिया का डेरा, मेरापुर भिलावां, भोला का डेरा, कुछेछा, अमिरता का डेरा, हेलापुर का डेरा, कीरतपुर, सहुरापुर आदि गांव अधिक प्रभावित रहे हैं।
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राहत शिविरों में टिके 591 परिवार
बाढ़ से लोगों को राहत देने के लिए जिला प्रशासन ने चार अस्थायी राहत कैंप बनाए हैं। जिसमें राजकीय स्नात्तकोत्तर महाविद्यालय में 326 परिवार, महर्षि विद्या मंदिर में 70 परिवार, बृजराज नर्सिंग होम कलौलीतीर में 190 व विद्यामंदिर इंटर कॉलेज में पांच परिवार शरण लिए हुए हैं। जिनमें कुल 2620 लोगों को भोजन, पानी, दवाएं आदि के सारे इंतजाम प्रशासन व समाजसेवियों द्वारा किए जा रहे हैं।

नदियां अभी भी खतरे के निशान के ऊपर
मौदहा बांध के अधिशासी अभियंता करनपाल ने बताया कि शाम पांच बजे तक यमुना का जलस्तर घटकर 104.640 मीटर व बेतवा का 104.150 मीटर नापा गया था। बताया कि यमुना में खतरे का निशान 103.63 मीटर और बेतवा का 104.54 मीटर पर है। अनुमान लगाया कि रात तक दोनों नदियां खतरे के निशान से नीचे चली जाएंगी।
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