{"_id":"d3b554433074e033e4016b5a4473eb6c","slug":"four-to-life-imprisonment-in-the-murder-of-four-people-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चार लोगों की हत्या करने में चार को उम्रकैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चार लोगों की हत्या करने में चार को उम्रकैद
ब्यूरो, अमर उजाला हमीरपुर
Updated Tue, 15 Sep 2015 12:11 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मजदूरी के विवाद में 29 वर्ष पूर्व एक महिला समेत चार
विज्ञापन
लोगों की गोली मार हत्या करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश अब्दुल
जमील ने चार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस मामले के दो आरोपियों की
मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है।
छानीकला गांव में 3 अगस्त 1986 को शाम करीब सात बजे सीताराम उसके पिता नत्थू व दादी मनादी, छेदालाल व दलित भइयालाल दरवाजे पर बैठे बातें कर रहे थे।
तभी अभियुक्त जगरूप, दृगपाल, निर्भय पुत्रगण सीताराम सिंह व जगभान, बालेंद्र, राकेश पुत्रगण द्रगविजय सिंह असलहों से लैस होकर पहुंचे और फायरिंग कर दी। इसमें नत्थू, मनादी व छेदालाल की मौके पर ही मौत हो गई।
वहीं भइयालाल घायल हो गया। सीताराम किसी तरह भाग निकले। घटना करने के बाद अभियुक्तों ने गांव के ही महतौ कुम्हार की भी गोली मारकर हत्या कर दी।
धमकी दी कि जो भी लोग थाने रिपोर्ट दर्ज कराने जाएंगे उन्हें भी जिंदा नहीं छोड़ेंगे। शासकीय अधिवक्ता आनंद कुमार सक्सेना ने बताया कि इस मामले की रिपोर्ट सीताराम ने दर्ज कराई।
चार लोगों की हत्या के मामले की सुनवाई 29 साल बाद हुई। अपर सत्र न्यायाधीश अब्दुल जमील की अदालत में सुनवाई हुई। इसमें आठ ने गवाही दी।
अदालत ने अभियुक्त दृगपाल सिंह, उसके भाई निर्भय एवं बालेंद्र व उसके भाई राकेश को आजीवन कारावास एवं प्रत्येक को 30 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। जबकि मुकदमे के दौरान जगरूप व जगभान की मौत हो चुकी है।
छानीकला गांव में 3 अगस्त 1986 को शाम करीब सात बजे सीताराम उसके पिता नत्थू व दादी मनादी, छेदालाल व दलित भइयालाल दरवाजे पर बैठे बातें कर रहे थे।
तभी अभियुक्त जगरूप, दृगपाल, निर्भय पुत्रगण सीताराम सिंह व जगभान, बालेंद्र, राकेश पुत्रगण द्रगविजय सिंह असलहों से लैस होकर पहुंचे और फायरिंग कर दी। इसमें नत्थू, मनादी व छेदालाल की मौके पर ही मौत हो गई।
वहीं भइयालाल घायल हो गया। सीताराम किसी तरह भाग निकले। घटना करने के बाद अभियुक्तों ने गांव के ही महतौ कुम्हार की भी गोली मारकर हत्या कर दी।
धमकी दी कि जो भी लोग थाने रिपोर्ट दर्ज कराने जाएंगे उन्हें भी जिंदा नहीं छोड़ेंगे। शासकीय अधिवक्ता आनंद कुमार सक्सेना ने बताया कि इस मामले की रिपोर्ट सीताराम ने दर्ज कराई।
चार लोगों की हत्या के मामले की सुनवाई 29 साल बाद हुई। अपर सत्र न्यायाधीश अब्दुल जमील की अदालत में सुनवाई हुई। इसमें आठ ने गवाही दी।
अदालत ने अभियुक्त दृगपाल सिंह, उसके भाई निर्भय एवं बालेंद्र व उसके भाई राकेश को आजीवन कारावास एवं प्रत्येक को 30 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। जबकि मुकदमे के दौरान जगरूप व जगभान की मौत हो चुकी है।