मदर टेरेसा के जीवन पर लगाई प्रदर्शनी
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राठ (हमीरपुर)। नोबल प्राइज से सम्मानित मदर टेरेसा को संत की उपाधि मिलने पर कस्बे के गल्हिया रोड स्थित होली एंजेल्स स्कूल में संत मदर टेरेसा के जीवन पर आधारित चित्र प्रदर्शनी लगाई गई। इस दौरान बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर वाहवाह लूटी। इस मौके पर बच्चाें ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। शनिवार को होली एंजेल्स स्कूल में संत मदर टेरेसा के जीवन पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। छात्र हर्ष, रितेक, यश ने अंग्रेजी में मदर टेरेसा के जीवन परिचय को उजागर किया। विद्यालय की शिक्षिकाओं ने मेरे मन की सुरंगों से भी तेरा नाम, मां मेरी मां गीत सुनाकर भावविभोर कर दिया। छात्र हिमांशु रीतेक और आयुषी ने मदर टेरेसा के जीवन को लेकर कहा कि मदर टेरेसा ने गरीबों की सेवा में अपना सारा जीवन लगा दिया। कहा कि मदर टेरेसा का जीवन गरीबों और असहायों की सेवा में गुजरा।
छात्रा पूजा ने कहा मदर टेरेसा पूजा की देवी थी। इस मौके पर विद्यालय के नन्हें मुन्ने बच्चों ने मदर टेरेसा के जीवन पर आधारित एक नाटक का मंचन किया। नाटक के माध्यम से बच्चों ने यह दिखाया कि हमें सदैव गरीबों और असहायों की मदद करना चाहिए। इसके पहले कार्यक्रम के मुख्य अतिथि झांसी से आए फादर स्टीवन वाल्स ने कहा कि मदर टेरेसा को संत की उपाधि मिलने से ईसाई समाज उत्साहित है। कहा कि मदर टेरेसा ने गरीबों के अंदर ईश्वर को देखा। कहा कि मदर टेरेसा ममता का रूप थी। कहा कि मदर ने चाहे भारतीय हो या यूरोपीय या फिर अमेरिकन सब के हृदय के अंदर अपनी जगह बना ली थी। कहा कि मदर टेरेसा के जीवन को अपने हृदय के अंदर उतारें और अपना जीवन सौभाग्यशाली बनाए। विद्यालय के फादर कांसीराज ने कहा कि मदर टेरेसा ने भारत के कलकत्ता को अपनी कर्म स्थली बनाया और पूरे भारत में भ्रमण कर गरीबों की सेवा की। इस दौरान विद्यालय में मदर टेरेसा से जीवन से संबंधित प्रदर्शनी सजाई गई थी जिसे लोगों ने देखा और उनके कार्यों की प्रशंसा करते हुए वाह कर उठे। इस मौके पर सैकड़ों लोग मौजूद रहे।