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निलंबन आदेश निरस्त करने पर डीएम से शिकायत
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हमीरपुर। तत्कालीन बीएसए ने एक माह पूर्व शिक्षक के निलंबन आदेश को निरस्त कर पुन: उसी विद्यालय में तैनाती कर दी। इस मामले में प्रबंध समिति ने डीएम से शिकायत की है। उन्होंने मामले की जांच किसी सक्षम अधिकारी से कराने की मांग की है।
विकास खंड सुमेरपुर के प्राथमिक विद्यालय टेढ़ा प्रबंध समिति के अध्यक्ष रवि कुमार शुक्ला ने डीएम को शिकायती पत्र दिया है। कहा विद्यालय के इंचार्ज प्रधानाध्यापक कालीदीन के स्कूल का संचालन सुचारु ढंग से न करने पर सितंबर 2021 में प्रभारी बीएसए से शिकायत की थी। इस मामले में एबीएसए सुमेरपुर ने 22 फरवरी को जांच आख्या बीएसए को दी। उन्होंने इंचार्ज प्रधानाध्यापक के खिलाफ कठोर कार्रवाई की संस्तुति की। तब तत्कालीन बीएसए ने 24 फरवरी को निलंबन की कार्रवाई की थी।
अध्यक्ष ने कहा कि इधर, तत्कालीन बीएसए ने निलंबन आदेश तीन मार्च को निरस्त कर दिया। इंचार्ज प्रधानाध्यापक ने बिना सक्षम अधिकारी से अनुमति लिए सात मार्च को कार्यभार भी ग्रहण कर लिया। आदेश में पत्रांक, मेमो में निर्गत आदेश तीन मार्च अंकित है। तीन मार्च को बीएसए का कार्यभार तत्कालीन बीएसए के पास था। जिससे निलंबन निरस्त किए जाने वाले पत्र में डिस्पैच संख्या अंकित न कर मेमो अंकित करना भी पत्र की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करता है। तत्कालीन बीएसए व डायट प्राचार्य राकेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि नियमानुसार निलंबन निरस्त किया गया है। नियोक्ता अधिकारी अपने आदेश को निरस्त करने का अधिकार रखता है। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष से वार्ता के बाद व अन्य कतिपय कारणों से निलंबन आदेश निरस्त किया गया है।
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विकास खंड सुमेरपुर के प्राथमिक विद्यालय टेढ़ा प्रबंध समिति के अध्यक्ष रवि कुमार शुक्ला ने डीएम को शिकायती पत्र दिया है। कहा विद्यालय के इंचार्ज प्रधानाध्यापक कालीदीन के स्कूल का संचालन सुचारु ढंग से न करने पर सितंबर 2021 में प्रभारी बीएसए से शिकायत की थी। इस मामले में एबीएसए सुमेरपुर ने 22 फरवरी को जांच आख्या बीएसए को दी। उन्होंने इंचार्ज प्रधानाध्यापक के खिलाफ कठोर कार्रवाई की संस्तुति की। तब तत्कालीन बीएसए ने 24 फरवरी को निलंबन की कार्रवाई की थी।
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अध्यक्ष ने कहा कि इधर, तत्कालीन बीएसए ने निलंबन आदेश तीन मार्च को निरस्त कर दिया। इंचार्ज प्रधानाध्यापक ने बिना सक्षम अधिकारी से अनुमति लिए सात मार्च को कार्यभार भी ग्रहण कर लिया। आदेश में पत्रांक, मेमो में निर्गत आदेश तीन मार्च अंकित है। तीन मार्च को बीएसए का कार्यभार तत्कालीन बीएसए के पास था। जिससे निलंबन निरस्त किए जाने वाले पत्र में डिस्पैच संख्या अंकित न कर मेमो अंकित करना भी पत्र की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करता है। तत्कालीन बीएसए व डायट प्राचार्य राकेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि नियमानुसार निलंबन निरस्त किया गया है। नियोक्ता अधिकारी अपने आदेश को निरस्त करने का अधिकार रखता है। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष से वार्ता के बाद व अन्य कतिपय कारणों से निलंबन आदेश निरस्त किया गया है।
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