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Hamirpur News: 35 हजार उपभोक्ताओं की सब्सिडी बंद, नहीं कराई ई-केवाईसी
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फोटो 07 एचएएमपी 22- शहर के सुभाष बाजार स्थिति भारत गैस एजेंसी में गैस की बुकिंग कराते उपभोक्ता।
हमीरपुर। जिले के 35,322 घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी कराना जरूरी हो गया है। एक अक्तूबर से घरेलू गैस सिलिंडर की कीमतों में बदलाव होने के चलते ई-केवाईसी न कराने वाले इन उपभोक्ताओं की गैस बुकिंग बंद हो गई हैं। वहीं गैस कंपनियों व जिला पूर्ति विभाग की रिपोर्ट के अनुसार अब तक कुल 4,631 उपभोक्ताओं के कनेक्शन बंद किए गए हैं। इनमें 946 उपभोक्ता उज्जवला के शामिल हैं। खास बात यह है कि इन उपभोक्ताओं के कनेक्शन क्यों बंद किए गए, इस पर जिम्मेदारों के पास कोई जवाब नहीं है।
जिले में इंडेन, एचपी और भारत की कुल 20 एजेंसियां संचालित हैं। गैस कंपनी के नोडल हर्ष गुप्ता के अनुसार जनपद में 2,57,352 घरेलू एलपीजी उपभोक्ता हैं। इनमें 1,60,866 उज्जवला उपभोक्ता और 96,486 सामान्य घरेलू उपभोक्ता हैं। 35,322 उपभोक्ताओं की अब तक ई-केवाईसी सत्यापन नहीं हुआ है। ई-केवाईसी नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं को सत्यापन जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं जिला पूर्ति विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक जनपद में कुल 2,61,983 घरेलू गैस उपभोक्ता हैं। इनमें 1,61,812 उज्जवला उपभोक्ता और 1,00,171 सामान्य उपभोक्ता हैं। ऐसे में 4,631 उपभोक्ता कहां गए, इसका किसी के पास कोई जवाब नहीं है। जिला पूर्ति अधिकारी ध्रुवराज यादव का कहना है कि कंपनियों की रिपोर्ट ही सही मानी जाएगी। उनके पास ऐसा कोई डाटा नहीं है। कंपनियों से ही डाटा उपलब्ध कराया गया होगा। उनके स्तर से कोई भी कनेक्शन बंद नहीं किए गए हैं।
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12 फीसदी उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी शेष
एलपीजी वितरक एजेंसी के संचालक रविकांत पुरवार ने बताया कि वर्तमान में 14.2 किलोग्राम के घरेलू सिलिंडर की कीमत करीब 965 रुपये है। इसमें सामान्य उपभोक्ताओं को 20 रुपये और उज्जवला योजना के तहत करीब 300 रुपये की सब्सिडी शामिल है। बीते 30 सितंबर तक ई-केवाईसी न कराने वाले उपभोक्ताओं की घरेलू गैस के लिए बुकिंग बंद हो गई है। इनका ई-केवाईसी होने पर ही घरेलू रसोई गैस बुकिंग होगी। बताया कि करीब 12 फीसदी उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी होना बाकी है।
ऐसे कराएं ई-केवाईसी
-संबंधित गैस एजेंसी के शोरूम या वितरक के यहां जाकर बायोमीट्रिक सत्यापन कराएं।
-संबंधित गैस कंपनी के अधिकृत मोबाइल एप पर उपलब्ध ई-केवाईसी सुविधा का इस्तेमाल करें।
-सत्यापन के लिए आधार से जुड़ी जानकारी की जरूरत पड़ सकती है।
-प्रक्रिया पूरी होने के बाद ई-केवाईसी सत्यापन की पुष्टि जरूर करें।
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जिले में इंडेन, एचपी और भारत की कुल 20 एजेंसियां संचालित हैं। गैस कंपनी के नोडल हर्ष गुप्ता के अनुसार जनपद में 2,57,352 घरेलू एलपीजी उपभोक्ता हैं। इनमें 1,60,866 उज्जवला उपभोक्ता और 96,486 सामान्य घरेलू उपभोक्ता हैं। 35,322 उपभोक्ताओं की अब तक ई-केवाईसी सत्यापन नहीं हुआ है। ई-केवाईसी नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं को सत्यापन जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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वहीं जिला पूर्ति विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक जनपद में कुल 2,61,983 घरेलू गैस उपभोक्ता हैं। इनमें 1,61,812 उज्जवला उपभोक्ता और 1,00,171 सामान्य उपभोक्ता हैं। ऐसे में 4,631 उपभोक्ता कहां गए, इसका किसी के पास कोई जवाब नहीं है। जिला पूर्ति अधिकारी ध्रुवराज यादव का कहना है कि कंपनियों की रिपोर्ट ही सही मानी जाएगी। उनके पास ऐसा कोई डाटा नहीं है। कंपनियों से ही डाटा उपलब्ध कराया गया होगा। उनके स्तर से कोई भी कनेक्शन बंद नहीं किए गए हैं।
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12 फीसदी उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी शेष
एलपीजी वितरक एजेंसी के संचालक रविकांत पुरवार ने बताया कि वर्तमान में 14.2 किलोग्राम के घरेलू सिलिंडर की कीमत करीब 965 रुपये है। इसमें सामान्य उपभोक्ताओं को 20 रुपये और उज्जवला योजना के तहत करीब 300 रुपये की सब्सिडी शामिल है। बीते 30 सितंबर तक ई-केवाईसी न कराने वाले उपभोक्ताओं की घरेलू गैस के लिए बुकिंग बंद हो गई है। इनका ई-केवाईसी होने पर ही घरेलू रसोई गैस बुकिंग होगी। बताया कि करीब 12 फीसदी उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी होना बाकी है।
ऐसे कराएं ई-केवाईसी
-संबंधित गैस एजेंसी के शोरूम या वितरक के यहां जाकर बायोमीट्रिक सत्यापन कराएं।
-संबंधित गैस कंपनी के अधिकृत मोबाइल एप पर उपलब्ध ई-केवाईसी सुविधा का इस्तेमाल करें।
-सत्यापन के लिए आधार से जुड़ी जानकारी की जरूरत पड़ सकती है।
-प्रक्रिया पूरी होने के बाद ई-केवाईसी सत्यापन की पुष्टि जरूर करें।