{"_id":"5fb950ca8ebc3e9bca1b09d4","slug":"cultural-hamirpur-news-knp595470712","type":"story","status":"publish","title_hn":"त का किया समापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
त का किया समापन
विज्ञापन
सुमेरपुर कस्बे के तपोभूमि के गायत्री गंगा घाट पर उगते सूर्यदेव को अर्घ्य देती महिलाएं। संवाद
- फोटो : HAMIRPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भरुआसुमेरपुर। कस्बे के गायत्री तपोभूमि में शनिवार सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर छठ महापर्व का पारण हुआ। इस मौके पर गायत्री गंगाघाट पर भीड़ उमड़ी। व्रत रखने वालों ने स्नान के बाद सूर्य देव अर्घ्य दिया।
कस्बे में आधा सैकड़ा से अधिक बिहार प्रांत के परिवार रहते हैं। जिन्होंने धार्मिक स्थल गायत्री तपोभूमि में एकत्र होकर छठ महापर्व का निर्वहन किया। गायत्री तपोभूमि से सटकर बहने वाले करोड़न नाले के गायत्री गंगाघाट में स्नान करके व्रत रखने वालों ने सूर्य देव को अर्घ्य दिया। इसी के साथ चार दिन तक चलने वाले छठ महापर्व का समापन हो गया। सभी ने प्रसाद वितरण कर सुख समृद्धि की कामना की।
गायत्री गंगाघाट पर नगर पंचायत की ओर से सफाई के पुख्ता इंतजाम कराए गए थे। नाले का पानी घाट के समीप साफ बनाए रखने के लिए काफी दूर से कपड़ा लगाकर काई आदि गंदगी को रोका गया था। इस व्यवस्था से लोग संतुष्ट नजर आए। इस मौके पर कालेज के प्रधानाचार्य डा. अरुण कुमार मिश्रा, गोलू सिंह, पलटूराम यादव, रविंद्र सिंह, विकास, शैलेश, मुन्नी सिंह, शालू, पूजा, रानी, गुड़िया, सुरेंद्र जायसवाल, ज्ञानचंद्र जायसवाल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विधि विधान से की पूजा
कुरारा। सूर्य की आराधना एवं पूजा कर छठ पूजा का शनिवार समापन हुआ। कस्बे में बिहार प्रांत निवासी सेवानिवृत्त अवर अभियंता बीपी मंडल ने ही यहां छठ पूजा की शुरुआत की थी। जिसके बाद अब कस्बे के कई घरों में यह पूजा होती है। व्रतधारी महिलाओं ने डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया। कस्बे की दर्जनों महिलाओं ने पूजा में भाग लिया। तीन दिनों तक निर्जला व्रत रखकर भगवान की आराधना की। इस मौके पर अरविंद कुमार, बबलू, वीरेंद्र सिंह, आशीष कुमार, अरविंद श्रीवास्तव, नंद किशोर चतुर्वेदी आदि रहे। (संवाद)
विज्ञापन
कस्बे में आधा सैकड़ा से अधिक बिहार प्रांत के परिवार रहते हैं। जिन्होंने धार्मिक स्थल गायत्री तपोभूमि में एकत्र होकर छठ महापर्व का निर्वहन किया। गायत्री तपोभूमि से सटकर बहने वाले करोड़न नाले के गायत्री गंगाघाट में स्नान करके व्रत रखने वालों ने सूर्य देव को अर्घ्य दिया। इसी के साथ चार दिन तक चलने वाले छठ महापर्व का समापन हो गया। सभी ने प्रसाद वितरण कर सुख समृद्धि की कामना की।
विज्ञापन
गायत्री गंगाघाट पर नगर पंचायत की ओर से सफाई के पुख्ता इंतजाम कराए गए थे। नाले का पानी घाट के समीप साफ बनाए रखने के लिए काफी दूर से कपड़ा लगाकर काई आदि गंदगी को रोका गया था। इस व्यवस्था से लोग संतुष्ट नजर आए। इस मौके पर कालेज के प्रधानाचार्य डा. अरुण कुमार मिश्रा, गोलू सिंह, पलटूराम यादव, रविंद्र सिंह, विकास, शैलेश, मुन्नी सिंह, शालू, पूजा, रानी, गुड़िया, सुरेंद्र जायसवाल, ज्ञानचंद्र जायसवाल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विधि विधान से की पूजा
कुरारा। सूर्य की आराधना एवं पूजा कर छठ पूजा का शनिवार समापन हुआ। कस्बे में बिहार प्रांत निवासी सेवानिवृत्त अवर अभियंता बीपी मंडल ने ही यहां छठ पूजा की शुरुआत की थी। जिसके बाद अब कस्बे के कई घरों में यह पूजा होती है। व्रतधारी महिलाओं ने डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया। कस्बे की दर्जनों महिलाओं ने पूजा में भाग लिया। तीन दिनों तक निर्जला व्रत रखकर भगवान की आराधना की। इस मौके पर अरविंद कुमार, बबलू, वीरेंद्र सिंह, आशीष कुमार, अरविंद श्रीवास्तव, नंद किशोर चतुर्वेदी आदि रहे। (संवाद)

कुरारा कस्बे में छठ पूजन करती महिलाएं। संवाद- फोटो : HAMIRPUR