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हत्या में एक को उम्र कैद
अमर उजाला ब्यूरो /हमीरपुर
Updated Fri, 18 Mar 2016 12:33 AM IST
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कोर्ट
- फोटो : demo
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हमीरपुर। आठ साल पहले हुई हत्या के एक मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने गुरुवार को एक अभियुक्त को उम्र कैद की सजा और बीस हजार रुपये जर्माने की सजा सुनाई। जबकि साक्ष्य के अभाव में छह आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया।
शासकीय अधिवक्ता आनंद कुमार सक्सेना ने बताया कि राजकिशोर पांडेय 17 अक्टूबर 2007 की शाम लगभग 7:30 बजे कस्बे के लक्ष्मीबाई तिराहे के पास खड़ा था। तभी आलोक पालीवाल से नगर पंचायत द्वारा संचालित पार्किंग के ठेके को लेकर विवाद हो गया।
इसके बाद घर के सामने राजकिशोर पांडेय की ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी गई। मृतक के पिता ने आलोक पालीवाल, संजय पालीवाल, टिंकू पालीवाल उर्फ राहुल पुत्र आनंदी पालीवाल, सगीर खान, संदीप दीक्षित, विजय माली व ओमप्रकाश के खिलाफ सुमेरपुर थाने में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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यह मामला एडीजे-दो अब्दुल जमील की अदालत में चल रहा था। गुरुवार को हुई सुनवाई में दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने विजय माली को उम्र कैद और जुर्माने की सजा सुनाई। जबकि अन्य छह आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।
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शासकीय अधिवक्ता आनंद कुमार सक्सेना ने बताया कि राजकिशोर पांडेय 17 अक्टूबर 2007 की शाम लगभग 7:30 बजे कस्बे के लक्ष्मीबाई तिराहे के पास खड़ा था। तभी आलोक पालीवाल से नगर पंचायत द्वारा संचालित पार्किंग के ठेके को लेकर विवाद हो गया।
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इसके बाद घर के सामने राजकिशोर पांडेय की ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी गई। मृतक के पिता ने आलोक पालीवाल, संजय पालीवाल, टिंकू पालीवाल उर्फ राहुल पुत्र आनंदी पालीवाल, सगीर खान, संदीप दीक्षित, विजय माली व ओमप्रकाश के खिलाफ सुमेरपुर थाने में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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यह मामला एडीजे-दो अब्दुल जमील की अदालत में चल रहा था। गुरुवार को हुई सुनवाई में दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने विजय माली को उम्र कैद और जुर्माने की सजा सुनाई। जबकि अन्य छह आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।