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आयरन व फोलिक एसिड की गोलियां जलाईं
हमीरपुर, उत्तर प्रदेश
Updated Sun, 14 Oct 2018 12:22 AM IST
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जली गोलियों का जायजा लेते एसडीएम।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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रागौल स्थित बीआरसी केंद्र में मासूम बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए आयरन व फोलिक एसिड की गोलियां सफाई करते समय आग के हवाले कर दी गईं। इसकी सूचना पर अस्पताल के अधीक्षक व उपजिलाधिकारी ने मौके पर पहुंच कर जांच की। इस मामले में खंड शिक्षाधिकारी बाहर होने पर अनभिज्ञता जता रहे हैं। वहीं अध्यापक भी इस मामले में बच्चों की नादानी से गोलियों के पैकेट आग के हवाले करने की बात कर रहे हैं।
रागौल स्थित बीआरसी केंद्र में विकास खंड क्षेत्र के प्राथमिक व जूनियर स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की छात्र संख्या के हिसाब से आयरन की गोलियां मंगाई जाती हैं। उक्त गोलियां प्रत्येक बच्चे को सप्ताह में एक दिन खिलानी चाहिए। जिससे उनके शरीर में खून की कमी न हो सके। औसतन वर्ष में एक बच्चे को 52 गोलियां खिलाने का मानक निर्धारित है।
जिसके लिए पिछले तीन माह पूर्व यहां आयरन की गोलियां आई थी। जिन्हें स्टोर की सफाई के समय आग के हवाले कर दिया गया। दवाएं जलाए जाने की सूचना पर उपजिलाधिकारी राजेश चौरसिया व अस्पताल अधीक्षक डा. अनिल सचान मौके पर पहुंचे और जांच की।
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इस बारे में अधीक्षक का कहना है कि उनके यहां से शिक्षा विभाग की डिमांड पर दवाएं दी गई थी। यदि वितरित नहीं की जा सकीं तो वापस करनी चाहिए। एसडीएम ने कहा दवाओं को जलाना गलत है। इसकी जांच की जा रही है। दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
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रागौल स्थित बीआरसी केंद्र में विकास खंड क्षेत्र के प्राथमिक व जूनियर स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की छात्र संख्या के हिसाब से आयरन की गोलियां मंगाई जाती हैं। उक्त गोलियां प्रत्येक बच्चे को सप्ताह में एक दिन खिलानी चाहिए। जिससे उनके शरीर में खून की कमी न हो सके। औसतन वर्ष में एक बच्चे को 52 गोलियां खिलाने का मानक निर्धारित है।
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जिसके लिए पिछले तीन माह पूर्व यहां आयरन की गोलियां आई थी। जिन्हें स्टोर की सफाई के समय आग के हवाले कर दिया गया। दवाएं जलाए जाने की सूचना पर उपजिलाधिकारी राजेश चौरसिया व अस्पताल अधीक्षक डा. अनिल सचान मौके पर पहुंचे और जांच की।
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इस बारे में अधीक्षक का कहना है कि उनके यहां से शिक्षा विभाग की डिमांड पर दवाएं दी गई थी। यदि वितरित नहीं की जा सकीं तो वापस करनी चाहिए। एसडीएम ने कहा दवाओं को जलाना गलत है। इसकी जांच की जा रही है। दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।