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हमीरपुर में साल का सबसे ठंडा दिन रहा शुक्रवार

Sat, 10 Jan 2015 12:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हमीरपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, हमीरपुर Updated Sat, 10 Jan 2015 12:22 AM IST
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Friday was the coldest day of the year in Hamirpur

गलन बढ़ने से हर कोई परेशान है। शुक्रवार साल का सबसे ठंडा दिन रहा। न्यूनतम तापमान गिरकर 4.2 पहुंच गया तो अधिकतम तापमान भी एक डिग्री लुढ़ककर 13.2 डिग्री सेल्सियस पहुंचा। भीषण ठंड के बीच बढ़ी गलन ने लोगों की राहें रोक दी है। जहां देखो लोग इस ठंड की चर्चा कर रहे है।

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बीती रात इस ठंड ने लोगों को अहसास करा दिया कि शायद सबसे सर्द रात रही। वैज्ञानिकों की मानें तो न्यूनतम तापमान और नीचे जा सकता है। तीन दिन निकली तीखी धूप के बाद अचानक मौसम ने फिर करवट ली है।
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गुरुवार की रात ठिठुरन और बढ़ गई है। रात का तापमान जहां तीन डिग्री गिरकर 4.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। वहीं दिन भर आसमान में बादल छाए रहे। दोपहर बाद हल्की धूप निकलने से कुछ राहत तो मिली। शुक्रवार की सुबह तक कोहरे की धुंध में मार्गों में वाहन रेंगते नजर आए।
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इस कोहरे व गलन भरी सर्दी में भी छात्र-छात्राओं को स्कूल जाना पड़ रहा है। गौरतलब हो कि परिषदीय विद्यालय बंद चल रहे है। जबकि कान्वेंट व अन्य प्राइवेट विद्यालय संचालित है। ठिठुरन से अभी लोगों को निजात मिलती नजर नहीं आ रही है। ठंड बढ़ने के साथ-साथ गर्म कपड़ों की बिक्री भी बढ़ गई है।

हालांकि पिछली बार की तरह इस बार बाहर से गर्म कपड़े बेंचने आने वाले नही आ पाए है। जिससे स्थानीय दुकानदार अधिक मुनाफा कमा रहे है। मौसम वैज्ञानिक अनुरुद्ध कुमार दुबे ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों से आ रही ठंडी हवाओं के चलते मैदानी क्षेत्र भी प्रभावित है।

पहाड़ी क्षेत्रों का न्यूनतम तापमान माइनस से नीचे तक पहुंच चुका है। इसी के चलते प्रदेश के भी मैदानी इलाकों में इसका असर देखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि जनपद में अधिकतम में सामान्य से 6 डिग्री व न्यूनतम में 4 डिग्री तापमान कम है।


उत्तर पश्चिम हवाओं के चलते कोहरा व धुंध छाई रहेगी। चार दिन तक वर्षा की कोई संभावना नही है। कहा कि ऐसे मौसम में आलू में पछेती, झुलसा रोग व मटर में तुलसिका या बुकनी रोग, चने में उकटा रोग लगने की संभावना है।

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