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फसल बर्बादी ने टाली बेटियों की टाल रहे शादी

ब्यूरो, अमर उजाला/हमीरपुर Updated Wed, 08 Apr 2015 12:48 AM IST
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Crop waste avoiding the delayed marriage of daughters

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ओलावृष्टि/अतिवृष्टि से बर्बाद हुई फसलों से किसान हताश और निराश है।
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मजबूरी में किसान पेट पालने के लिए परिवार सहित पलायन कर रहे हैं। करीब 200 परिवार गुजरात, पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र जैसे प्रांतों क ो चले गए हैं। मौजूदा समय में इनके घरों पर ताले लगे हैं। 

किसान फसलों की बर्बादी की पीड़ा खुद सहने को मजबूर है। वह जानता है कि अगर परिवार को इस पीड़ा से अवगत कराया तो परिवार के लोग भी व्यथित हाेंगे। वहीं कुछ किसान जिन्हें इस साल अपनी बेटियों की शादियां करनी है। उन किसानों ने भी मजबूरी में शादियों को अगले साल के लिए टाल दिया है।

कुछ किसानों ने यह भी बताया कि पिछले साल के मुआवजे की चेकें अभी भी उन्हें प्राप्त नहीं हुई हैं। जिससे उनके सामने समस्याएं ही समस्याएं मुंह बाए खड़ी हैं। क्षेत्र के पंधरी गांव में फसल बर्बादी पर पड़ताल करने अमर उजाला टीम पहुंची। पेश है मुनीर खान ग्राउंड रिपोर्ट-

परिवार चलाने बेटा गया अहमदाबाद
सोमवार को पंधरी गांव में आधार कार्ड बनाने का कैंप लगा। टीम जब गांव पहुंची तो आधार कार्ड बनवाने जा रहे किसान रामआसरे मिले। बदन पर पहने कपडे़ देख उनकी हालत का पता लग गया। फसल संबंधी जानकारी लेते ही वह बोला अपनी दो बीघा जमीन में गेहूं की फसल बोई थी। लेकिन अतिवृष्टि से पूरी फसल जमींदोज हो गई। लेखपाल घर बैठे सर्वे कर रहा है। जिससे उनकी फसलों का सही आंकलन नहीं हो पा रहा है। फसलों की बर्बादी के चलते बेटा शिवबरन परिवार चलाने के लिए गुजरात प्रांत के अहमदाबाद शहर में मजदूरी करने चला गया है।

अगले साल करेगा बेटी की शादी
प्राथमिक विद्यालय में आधार कार्ड का फार्म भरने को इधर उधर टहल रहे रामस्वरूप से मुलाकात हो गई। बताया, उसकी मां के नामचार बीघा जमीन है। साल भर खाने के लिए इस खेत में गेहूं पैदा हो जाता रहा है। लेकिन अतिवृष्टि के चलते इस बार गेहूं की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई। कहता है कि तीन बेटियों में एक की शादी कर पाया है, दूसरे की इस साल शादी करने को रिश्ता भी तय कर दिया था। लेकिन कुदरत के कहर के  आगे बेटी की शादी का इरादा बदल दिया है।

वर पक्ष शादी को रोकने को तैयार नहीं
पंधरी के रजोला की चिंता दूर नहीं हो पा रही है। बेटी की शादी 22 मई को है। वर पक्ष के लोग शादी को आगे बढ़ाने के लिए तैयार नहीं है। बोला कि कर्ज लेना मजबूरी हो गई है। एक बीघा खेत है। जिससे साल भर के खाने पीने के लिए गल्ला पैदा हो जाता था। लेकिन बारिश की वजह से फसल बर्बाद हो गई है और कुछ हाथ नही लगा।


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