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Ambedkar Nagar News: फर्जी वसीयतनामे से पुश्तैनी संपत्ति हड़पने का प्रयास, 10 पर प्राथमिकी

Wed, 02 Sep 2026 10:52 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 02 Sep 2026 10:52 PM IST
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Attempt to grab ancestral property using a fake will, FIR filed against 10
अंबेडकरनगर। राजेसुल्तानपुर के टंडवा शुकुल गांव में पुश्तैनी संपत्ति हड़पने का मामला सामने आया है। कूटरचित वसीयतनामा तैयार कर यह कोशिश की गई। कोर्ट के आदेश पर राजेसुल्तानपुर पुलिस ने 10 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
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आजमगढ़ के कप्तानगंज पिपरी निवासी कपिलदेव ने शिकायत दर्ज कराई है। उनके बेटे हेमंत का विवाह 24 नवंबर 2024 को सोनी मिश्रा से हुआ था। सोनी अपने पिता गुलाबचंद मिश्र की इकलौती संतान है। गुलाबचंद की मृत्यु के बाद उनकी संपत्ति राजस्व अभिलेखों में सोनी के नाम दर्ज हुई थी।
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गुलाबचंद के भाई योगेंद्र मिश्र, प्रमोद मिश्रा, रविंद्र कुमार मिश्रा और उनके बेटे दिग्विजय, अजय, अंजनी, पीयूष, कृष्णमुरारी ने संपत्ति पर नजर रखी। दतारा निवासी नंद किशोर सिंह और बछुआपार निवासी अभिषेक राय भी इसमें शामिल थे। इन आरोपितों ने 14 मार्च 2004 की तारीख वाला एक फर्जी वसीयतनामा तैयार किया। उन्होंने पांच जुलाई 2025 को तहसीलदार आलापुर की अदालत में वाद दायर किया। इस वाद में संपत्ति को अपने नाम दर्ज कराने की मांग की गई थी।
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कपिलदेव ने वसीयतनामे को संदिग्ध बताते हुए कई गंभीर तथ्य सामने रखे। वसीयतनामे में लाभार्थी पीयूष मिश्रा का नाम दर्ज है। जबकि परिवार रजिस्टर में उसका जन्म वर्ष 2008 है। वसीयतनामा तैयार होने के समय पीयूष की उम्र करीब चार वर्ष रही होगी। वसीयतनामे के दोनों गवाहों की वर्तमान उम्र 34 और 29 वर्ष बताई गई है। इससे वसीयतनामा तैयार होने के समय उनकी उम्र करीब 12 और आठ वर्ष बैठती है। वसीयतनामे में गुलाबचंद की पत्नी की मृत्यु मई 2020 में होना दर्ज है। जबकि दस्तावेज की तारीख 14 मार्च 2004 है।

गुलाबचंद के बैंक अभिलेख, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज के हस्ताक्षर भी संदिग्ध बताए गए। तहसीलदार न्यायालय ने वसीयतनामा संदिग्ध पाया। संबंधित वाद को न्यायालय ने खारिज कर दिया। इसके बाद कोर्ट ने सभी आरोपियों पर जालसाजी की प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए। थानाध्यक्ष तनुज कुमार पाल ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
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