फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hamirpur News ›   Anna cattle

किसानों की फसलों को चट कर रहे अन्ना मवेशी

Fri, 17 Apr 2015 12:19 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/हमीरपुर
ब्यूरो, अमर उजाला/हमीरपुर Updated Fri, 17 Apr 2015 12:19 AM IST
विज्ञापन
Anna cattle
दैवी आपदा से जहां फसलें बर्बाद हो चुकीं हैं वहीं बची खुची फसलों को अन्ना
विज्ञापन
मवेशी चट कर रहे हैं। मवेशियों को खूंटे में बांधकर रखने वाले पशुपालकों पर एफआईआर दर्ज करने की घोषणा जिलाधिकारी संध्या तिवारी कर चुकी हैं। कुछ स्थानों पर पुलिस ने तेजी दिखाई लेकिन सख्ती न करने पर पशुपालक फिर मवेशियों को अन्ना कर बची खुची फसलों को नष्ट करवाने पर तुले है। थाना ललपुरा के पौथिया गांव में मवेशियों को अन्ना छोड़े जाने पर किसानों ने 16 पशुपालकों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की।

लगातार हो रही बारिश के बीच ओलावृष्टि ने किसानों को बर्बाद कर दिया है। किसान खेतों में पड़ी दलहन व गेहूं की फसलों की रखवाली कर रहे हैं। वहीं पशुपालक मवेशी अन्ना करने से बाज नहीं आ रहे है। मौजूदा समय में सैकड़ों अन्ना मवेशी फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। कुरारा प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में बीते दो दिन पूर्व हुई बारिश से खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल बारिश में भीगने से थ्रेसिंग का कार्य बंद हैै।

वही समूचे विकासखंड में पशुपालक मवेशियों को अन्ना छोडे़ हैं। जिससे वे बची खुची फ सलों को चट कर रहे हैं। लहरा गांव के किसान शयामबाबू शर्मा, पूर्व प्रधान नूरहसन, मुहम्मद मुस्ताक मंसूरी, बऊवा सिंह आदि ने बताया कि गांव में कई बार मुनादी कराने के बाद भी लोग अन्ना पशु छोड़ रहे हैं। जिससे खेतों में सूखने को पड़ी गेहूं की फसल नष्ट हो रही है। वैसे ही तूफान व बारिश से चना, मटर व मसूर आदि की फ सलें बर्बाद हो चुकी हैं।

वहीं गेहूं की बची फ सल को अन्ना पशु चट कर रहे हैं। जिससे किसानों के परिवार का भरण पोषण मुश्किल हो गया है। कुरारा कस्बे के किसानों ने बताया कि दो दिन पूर्व अन्ना छोड़ने वाले पशु मालिकों के खिलाफ  स्थानीय थाने में शिकायत कर चुके हैं। तब कुछ दिन अन्ना मवेशी छोड़ने में लगाम लगी, लेकिन थानाध्यक्ष का स्थानांतरण होते ही अन्ना पशु फि र फसलों को नष्ट करने में जुट गए है।

पौथिया प्रतिनिधि के अनुसार अन्ना प्रथा पर अंकुश लगाने के लिए जानवर छोड़ने वालों पर शांतिभंग की कार्रवाई के निर्देशों का पालन नहीं हो रहा है। इस मामले में जिलाधिकारी ने पहले ही आदेश जारी कर दिए गए हैं। लेकिन निर्देश बेअसर साबित हो रहे हैं। ललपुरा थानाक्षेत्र के पौथिया, उजनेड़ी, सिकरी, सहुरापुर, ललपुरा, कलौलीजार सहित दर्जनों गांवों के किसान अन्ना जानवरों से परेशान हैं। इसी को लेकर मंगलवार को पौथिया गांव के आधा सैकड़ा ग्रामीणों ने थानाध्यक्ष को गांव के 16 व्यक्तियों पर जानवर खुले छोड़ने का आरोप लगाया है।

ग्रामीण सरपंच सचान, बाबूजी, नेता सचान, पीयूष आदि ने बताया कि गोबर, सानी की किल्लत से बचने के लिए कुछ लोग अपने जानवर दूध निकालने के बाद छोड़ देते है। जो खेतों में पड़ी गेहूं की फसल को खाते है। उनका कहना है कि एक तो वह पहले ही फसलों की बर्बादी झेल रहे हैं। ऊपर से बची खुची फसल को अन्ना मवेशी चट कर रहे है। थानाध्यक्ष अजीत यादव ने इस मामले में कहा कि डुग्गी पिटवाकर मवेशी को खूंटे में बांधे रखने क ो कहा जाएगा। अगर उनके निर्देश को पशुपालक नहीं मानते हैं तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed