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घर में आग लगने से उसमें बंद 56 बकरियों की मौत
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राठ। जानवरों के बाड़े में बने घर में आग लग गई। आग से घर के अंदर मौजूद 56 बकरियों और भेड़ों की मौत हो गई। सूचना पर पहुंची चिकासी पुलिस ने मृत बकरियों का पोस्टमार्टम करवाया है। आग लगने का कारण बाड़े में अलाव की आग से होना बताया जा रहा है।
चिकासी थाने के बरौली गांव निवासी रामसेवक यादव के तीन बेटे महेंद्र यादव, करन और महेश हैं। करन दिल्ली में रहकर मजदूरी करता है। महेंद्र और महेश गांव में रहकर बकरियां पाले हैं। बकरियों और भेड़ों को उसने घर के पास बने बाड़े के घर में बंद कर दिया। रात करीब दो बजे गांव के मानसिंह की पुत्री की तबियत खराब हुई। इस दौरान मानसिंह जब दवा लेने के लिए डाक्टर के पास जा रहा था। तबी उसे घर से आग की लपटें उठती दिखी। आनन फानन महेंद्र के घर खबर की। महेंद्र ने बताया कि घर में 61 बकरियां और भेड़े बंद थी। जिसमें 56 की मौत हो गई। पांच बकरियां जिंदा बच गई। सीओ सरीला, थानाध्यक्ष चिकासी और लेखपाल ने पहुंच कर मामले की जांच पड़ताल की।
घर में आग लगने से बंद 56 बकरियों की मौत
-अलाव से आग लगने का कारण बता रहे ग्रामीण
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चिकासी थाने के बरौली गांव निवासी रामसेवक यादव के तीन बेटे महेंद्र यादव, करन और महेश हैं। करन दिल्ली में रहकर मजदूरी करता है। महेंद्र और महेश गांव में रहकर बकरियां पाले हैं। बकरियों और भेड़ों को उसने घर के पास बने बाड़े के घर में बंद कर दिया। रात करीब दो बजे गांव के मानसिंह की पुत्री की तबियत खराब हुई। इस दौरान मानसिंह जब दवा लेने के लिए डाक्टर के पास जा रहा था। तबी उसे घर से आग की लपटें उठती दिखी। आनन फानन महेंद्र के घर खबर की। महेंद्र ने बताया कि घर में 61 बकरियां और भेड़े बंद थी। जिसमें 56 की मौत हो गई। पांच बकरियां जिंदा बच गई। सीओ सरीला, थानाध्यक्ष चिकासी और लेखपाल ने पहुंच कर मामले की जांच पड़ताल की।
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घर में आग लगने से बंद 56 बकरियों की मौत
-अलाव से आग लगने का कारण बता रहे ग्रामीण